• मोदी किसानों से बात कर,करे अन्नदाता का सम्मान करें : आसिफ

    किसानों की गिरफ्तारी और जेल भेजने के बदले उनसे बात करे सरकार :  माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट  ने मोदी सरकार से अनुरोध किया है कि आंदोलनकारी किसानों की गिफ्तारी और उनका दमन करने के बदले किसान यूनियन के नेताओं से बात करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद इसकी पहल करनी चाहिए।

    ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि कोरोनो महामारी काल में किसान अगर अपने खेतों में न जाता तो देश में भुखमरी फैल जाती। सरकार को देश के प्रति उसके योगदान का सम्मान करते हुए उनकी सभी जायज़ मांगों को मानना चाहिए।  आसिफ ने किसान विरोधी  तीनों कानून के विरोध में देश के किसान आंदोलन का पूर्ण संरथन करते हुए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे उनके संघर्ष में साथ खड़े रहें। और आंदोलन में तन मन धन से सहयोग करें।

    उन्होंने कहा है कि सरकार द्वारा किसान आंदोलन के प्रति उपेक्षा देश के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि किसानों को अगर आप दिल्ली नहीं आने देना नहीं चाहते तो आप खुद उनके पास जाकर उनसे बात करें। किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। राजधानी में उनके लिए अस्थायी जेल बनाना समस्या का समाधान नहीं है।

  • مودی کسانوں سے بات کریں ، کسانوں کا احترام کریں: آصف

    حکومت کاشتکاروں کی گرفتاری اور جیل بھیجنے کے بجائے بات کرے: مائنارٹیزفرنٹ

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    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ نے مودی حکومت سے درخواست کی ہے کہ وہ مشتعل کسانوں کی گرفتاری اور دبانے کے بجائے کسان یونین کے رہنماو ¿ں سے بات کریں۔ وزیر اعظم نریندر مودی کو خود اس کا آغاز کرنا چاہئے۔

    یہاں جاری ایک بیان میں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ اگر کسان کرونا مہاماری کے دور میں اپنے کھیتوں میں نہ جاتے تو ملک میں فاقہ کشی ہوتی۔ حکومت کو چاہئے کہ وہ ملک کے لئے ان کے شراکت کا احترام کرتے ہوئے ان کے تمام جائز مطالبات کا احترام کرے۔ آصف نے کسان مخالف تینوں قوانین کے خلاف احتجاج میں ملک کی کسان تحریک کی مکمل حمایت کی ہے اور اپنی پارٹی کارکنوں سے کہا ہے کہ وہ اپنی جدوجہد میں ساتھ کھڑے ہوں اور تحریک میں جسم و دماغ کے ساتھ تعاون کریں۔

    انہوں نے کہا ہے کہ کسانوں کی تحریک سے متعلق حکومت کی نظرانداز کرنا ملک کے لئے مہلک ہے۔ انہوں نے کہا کہ اگر آپ کسانوں کو دہلی نہیں آنے دینا چاہتے ہیں تو آپ ان کے پاس جائیں اور ان سے بات کریں۔ کسانوں کے ساتھ عزت کے ساتھ سلوک کیا جائے۔ دارالحکومت میں ان کے لئے عارضی جیل بنانا اس مسئلے کا حل نہیں ہے۔

  • लव जिहाद के नाम पर कानून एक शगूफा -आसिफ

    भजपा सरकारें प्रेमियों की दुश्मन  बन गयी है- माइनॉरिटी फ़्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ़्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि भाजपा केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को रोजगार और उनके भविष्य को रास्ता दिखाने नाकाम हैं, इसलिए लव जिहाद का शगूफा छेड़ कर इस पर कानून बनाने का स्वांग रच रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कानून अपनी पसंद से होने वाले अंतरजातीय-अंतर्धार्मिक विवाह के खिलाफ होगा। जिससे स्पष्ट है कि भाजपा सामाजिक सद्भावना जाति व धार्मिक विभेद को खत्म नहीं करना चाहती है।

    जनाब आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि देश मे पहले से अपनी पसंद व मर्ज़ी से विवाह करने वालों के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट मौजूद है। इस कानून के तहत देश भर में हर दिन हज़ारों शादियां होटी है और देश का संविधान और सरकार उनके अभिभावक के रूप में मौजूद है। उन्होंने कहा देश मे विवाह के लिए सब तरह के कानून मौजूद हैं। सरकारों की जिम्मेदारी है कि हिन्दू विवाह को कानूनी जामा पहनाए न कि लव जिहाद के नाम पर कानून बनाये। विवाह के लिए अब किसी तरह के नए कानून की ज़रूरत नहीं है। आसिफ ने कहा कि  भाजपा वालों का लव जिहाद- विरोधी कानून न केवल देश की समरसता- सद्भाव का विरोधी है बल्कि महिला विरोधी कानून होगा। यह कानून सबसे पहले महिला के मूल अधिकार को छीनने का काम करेगा। भाजपाई नहीं चाहते कि देश की महिलाएं अपने जीवन का खुद निर्णय लें।

    एस एम आसिफ ने केंद्र व राज्यों की भाजपा सरकारों को सलाह दी है कि समाज मे बंटवारे की खाई को और न बढ़ाएं। और आने वाली पीढ़ियों के सामने अवरोध न खड़ा करें। उन्होंने कहा कि अंतरजाति-अंतर्धार्मिक विवाह करने वालों को रूढ़िवादी समाज उनके परिवार पहले ही तरह तरह की बाधाएं खड़ी करते आ रहे हैं । सरकार मोहब्बत करने वालों की दुश्मन नहीं बल्कि उनका संबल बनी रहनी चाहिए। भाजपा वालों से उन्होंने कहा कि यह कानून बनाने से पहले वह यह बताएंगे कि उनकी पार्टी में कितने ऐसे लोग हैं जिन्होंने अंतरजातीय व अंतर्धार्मिक विवाह किया और सफल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रेम और सौहार्द विरोधी अपने ज़हर के पिटारे को बंद करे। युवाओं को अपना जीवन जीने दे।

  • لو جہاد کے نام پر قانون ایک شگوفہ :آصف

     بی جے پی حکومتیں محبت کرنے والوں کی دشمن بن چکی ہیں:اے آئی ایم ایف

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    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ بی جے پی کی مرکزی اور ریاستی حکومتیں نوجوانوں کی ملازمتوں اور ان کے مستقبل کو ظاہر کرنے میں ناکام رہی ہیں ، لہذا وہ لو جہاد کے معاملے پر قانون بنانے کا ڈھونگ رچارہی ہیں۔ انہوں نے کہا کہ اس طرح کا قانون ان کی پسند کی بین المذاہب شادی کے خلاف ہوگا۔ یہ واضح ہے کہ بی جے پی معاشرتی ہم آہنگی ، ذات پات اور مذہبی امتیاز کو ختم نہیں کرنا چاہتی۔

    جناب آصف نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا کہ ملک میں ان لوگوں کے لئے ایک خاص شادی کا عمل موجود ہے جو پہلے ہی اپنی پسند اور مرضی سے شادی کرچکے ہیں۔ اس قانون کے تحت ، ملک بھر میں ہر روز ہزاروں شادیاں ہوتی ہیں اور ملک کا آئین اور حکومت ان کے سرپرست کی حیثیت سے موجود ہے۔ انہوں نے کہا کہ ملک میں شادی کے لئے ہر طرح کے قوانین موجود ہیں۔ حکومتوں کی ذمہ داری ہے کہ وہ ہندو شادیوں کو قانونی بنائیں اور لو جہاد کے نام پر قانون نہ بنائیں۔ شادی کے لئے کسی نئے قانون کی ضرورت نہیں ہے۔ آصف نے کہا کہ بی جے پی عوام کا لو مخالف جہاد قانون نہ صرف ملک میں ہم آہنگی اور ہم آہنگی کے خلاف ہے ، بلکہ خواتین مخالف قانون بھی ہوگا۔ یہ قانون سب سے پہلے عورت کا بنیادی حق چھین لے گا۔ بی جے پی نہیں چاہتی ہے کہ ملک کی خواتین اپنی زندگی کا فیصلہ کریں۔

    ایس ایم آصف نے مرکز اور ریاستوں کی بی جے پی حکومتوں کو مشورہ دیا ہے کہ وہ معاشرے میں تفریق کو مزید نہ بڑھائیں اور آنے والی نسلوں کے لئے کوئی رکاوٹ مت بنو۔ انہوں نے کہا کہ بین ذات پات کے مابین مذہبی شادیوں کا راسخ العقیدہ معاشرہ اپنے اہل خانہ کے سامنے طرح طرح کی رکاوٹیں پیدا کررہا ہے۔ حکومت اس سے محبت کرنے والوں کی دشمن نہیں بنی بلکہ ان کی طاقت باقی رہنی چاہئے۔ انہوں نے بی جے پی کے لوگوں سے کہا کہ اس قانون کو نافذ کرنے سے پہلے وہ بتائیں گے کہ ان کی پارٹی میں کتنے افراد نے شادی کر لی ہے اور بین مذہبی شادی کی ہے اور کامیاب ازدواجی زندگی گزار رہے ہیں۔ انہوں نے کہا کہ بی جے پی کو محبت اور ہم آہنگی کے خلاف اپنا زہر کا پٹارہ بند کرنا چاہئے اور نوجوانوں کو اپنی زندگی گزارنے دیں۔

  • नीतीश को मुबारकबाद उर्दू और अल्पसंख्यकों हितों पर ध्यान देंगे।- आसिफ

    हमें उम्मीद करनी चहिए कि शपथ लेते ही नीतीश रोज़गार के लिये कदम उठाएंगे- फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने एन डी ए द्वारा बिहार विधान सभा मे  नीतीश कुमार को अपना नेता चुने जाने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बिहार को उम्मीद करना चाहिए कि नीतीश शपथ लेने के बाद लोगों के हाथ में काम देना शुरू कर देंगे बतौर मुख्यमंत्री ।

    जनाब आसिफ ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि सीएए, और एनआरसी  पर संघी नेताओं के विरुद्ध आपके बयान से बिहार और प्रदेश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं। इसलिए उर्दू के विकास की पग बाधाओं को फौरन दूर करने के लिए कदम उठाएंगे। और अल्पसंख्यकों के लिए विशेष कदम उठाने की घोषणा करेंगे।

  • نتیش کو مبارکباد،اردو اور اقلیتی مفادات پردیںگے توجہ : آصف

    ہمیں امید کرنی چاہئے کہ نتیش حلف اٹھاتے ہی روزگار کے لئے اقدامات کریںگے:اے آئی ایم ایف

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    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ایس ایم آصف نے نتیش کمار کو بہار قانون ساز اسمبلی میں این ڈی اے کے ذریعہ اپنے قائد کے انتخاب پر مبارکباد دی ہے۔ انہوں نے کہا کہ بہار کو امید کرنی چاہئے کہ حلف اٹھانے کے بعد نتیش وزیر اعلی کی حیثیت سے لوگوں کے مفاد میں کام دینا شروع کردیں گے۔
    نتیش کمار کو مبارکباد پیش کرتے ہوئے جناب آصف نے کہا کہ سی اے اے ، اور این آر سی سے متعلق سنگھ رہنماو ¿ں کے خلاف آپ کے بیان سے ، بہار اور ریاست کی اقلیتی برادریوں سے بڑی امیدیں وابستہ ہیں۔ لہذا رکاوٹوں کو دور کرنے کے لئے اردو ترقی کے اقدامات کو فوری طور پر اٹھایا جائے گا اور اقلیتوں کے لئے خصوصی اقدامات کا اعلان کریں گے۔

  • सीएए और एनसीआर समर्थको का नीतीश को साथ छोडऩा होगा-आसिफ

    बिहार ने धर्मनिरपेक्ष ताकतों को सरकार बनाने का जनादेश मिला है – माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। बिहार में धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को जनादेश मिला है, इसलिए भाजपा को हराने वाले धर्मनिरपेक्ष दलों को अपनी सरकार बनाने की पहल करनी चाहिए। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने यहां जारी बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव के दौरान और पहले भी सीएए और एनआरसी के खिलाफ आवाज बुलन्द करते रहे हैं। इसलिए भी भाजपा को दूसरे दर्जे की पार्टी जनता ने बना दिया है। अब नीतीश कुमार की जिम्मेदारी है कि वे जनता की वास्तविक सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करें।

    आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा है कि अब राष्टï्रीय जनता दल व कांग्रेस सहित सभी दलों को अपने छोटे मोटे मतभेद को भुला कर धर्मनिरपेक्ष सरकार गठन का पुनीत कार्य को पूरा करना चाहिए। आसिफ ने कहा कि अगर सभी दल मिलकर नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लेते हैं तो उनकी पार्टी इस कदम का समर्थन करेगी।

    जनाब आसिफ ने कहा कि बिहार को धर्मरिपेक्षता और सत्ता में बदलाव के लिए जनादेश मिला है। अगर नीतीश कुमार वास्तव में मानते हैं कि देश और बिहार में साम्प्रदायिक सौहार्द कामय रहे और बिहार ने आत्म सम्मान रक्षा होनी चाहिए तो उन्हें फौरन खुद को और अपनी पार्टी को एनडीए से अलग कर लेना चाहिए। क्योंकि बिहार और देश के प्रति दोनों की नीयत और नीति में जमीन आसमान का अन्तर है। इस अन्तर को साबित करने के लिए उन्हें धर्मनिरपेक्ष दलों का साथ देना चािहए। अगर जदयू, आर जेडी और कांग्रेस हाथ मिला कर साथ चले तो उनकी विधान सभा में 43,75, 19 मिलकर 137 होती है। अगर अन्य दल साथ आ जाएं तो विधान सभा में उनका भारी बहुमत बनेगा। और इनकी विचारधारा समाज के प्रति एक जैसी है। विधानसभा में और समाज में भी इससे साम्प्रदायिक सौहार्द का अनूठा संदेश जाएगा। नीतीश जी ने 15 वर्षों तक शासन किया। वह अब वे साम्प्रदायिक सौहार्द का एक और उदाहरण देश और बिहार के सामने पेश कर सकते है।

  • سی اے اے اور این آرسی کے حامیوںکا نتیش کا ساتھ چھوڑنا ہوگا:آصف

    بہار میں حکومت تشکیل دینے کا سیکولر قوتوں کا مینڈیٹ ملا ہے:اے آئی ایم ایف

    sm-asif-pic1نئی دہلی13نومبر2020۔
    سیکولر طاقتوں کو بہار میں مینڈیٹ مل گیا ہے ، لہذا بی جے پی کو شکست دینے والی سیکولر جماعتوں کو اپنی حکومت بنانے کے لئے پہل کرنی چاہئے۔ آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا ہے کہ وزیر اعلی نتیش کمار انتخابات کے دوران اور اس سے پہلے ہی CAA اور NRC کے خلاف آواز اٹھاتے رہے ہیں۔ اسی لئے بی جے پی نے بی جے پی کو ایک دوسرے درجے کی پارٹی بنا دیا ہے۔ اب نتیش کمار کی ذمہ داری بنتی ہے کہ عوام کی حقیقی حکومت کے قیام کی راہ ہموار کریں۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر نے اپنے بیان میں کہا کہ اب راشٹریہ جنتا دل اور کانگریس سمیت تمام جماعتوں کو اپنے معمولی اختلافات کو بھلا کر سیکولر حکومت کی تشکیل کے مقدس کام کو مکمل کرنا چاہئے۔ آصف نے کہا کہ اگر ساری جماعتیں مل کر نتیش کمار کو دوبارہ وزیر اعلی بنانے کا فیصلہ کرتے ہیں تو ان کی پارٹی اس اقدام کی حمایت کرے گی۔

    مسٹر آصف نے کہا کہ بہار کو راستبازی اور اقتدار میں تبدیلی کا مینڈیٹ ملا ہے۔ اگر نتیش کمار واقعی یہ مانتے ہیں کہ ملک اور بہار میں فرقہ وارانہ ہم آہنگی سے کام لینا چاہئے اور بہار کو عزت نفس کا تحفظ کرنا چاہئے ، تو انہیں فورا ہی اپنے آپ کو اور اپنی پارٹی کو این ڈی اے سے الگ کردینا چاہئے۔ کیونکہ بہار اور ملک کی نیت اور پالیسی کے مابین گراو ¿نڈ کا فرق ہے۔ اس فرق کو ثابت کرنے کے لئے انہیں سیکولر جماعتوں کی حمایت کرنی چاہئے۔ اگر جے ڈی یو ، آر جے ڈی اور کانگریس آپس میں مل کر چلیں تو پھر ان کی قانون ساز اسمبلی میں 43،75 ، 19 کی مشترکہ طاقت ہے۔ اگر دوسری جماعتیں اکٹھی ہوجائیں تو وہ ودھان سبھا میں بھاری اکثریت بنائیں گی اور ان کا نظریہ معاشرے کے لئے یکساں ہے۔ اس سے اسمبلی اور معاشرے میں بھی فرقہ وارانہ ہم آہنگی کا انوکھا پیغام جائے گا۔ نتیش جی نے 15 سال حکومت کی۔ اب وہ ملک اور بہار کے لئے فرقہ وارانہ ہم آہنگی کی ایک اور مثال پیش کرسکتے ہیں۔

  • ईवीएम को दोष ना दे हार स्वीकार करें विपक्षी दल : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार को लेकर विपक्षी दल ईवीएम की दोष ना दे और अपनी हार को स्वीकार करें। आसिफ ने कहा है कि यह सब जानता का आदेश है। उसने आपको नाकारा है और जदयू बीजेपी को जिताया है। तो इसका मतलब यह नहीं कि ईवीएम को दोष देकर आप अपनी हार ना माने । उन्होंने कहा कि बजाय ईवीएम की दोष देने के हमे अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि ईवीएम पर अंगुली उठाना कोई नई बात नहीं है। जब भी कोई विपक्षी पार्टी चुनाव हारती है तो इसके लिए ईवीएम को दोष दिया जाने लगता है। इसीलिए जून 2017 में चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित कर उन्हें ईवीएम हैक करने की चुनौती दी थी। चुनाव आयोग ने 7 राष्ट्रीय दलों और 48 राज्य स्तरीय दलों को बुलाया था। 3 जून से 26 जून, 2017 तक ईवीएम हैक करने के लिए सभी पार्टियों को चार-चार घंटे का समय भी दिया गया। देश में लोकतंत्र को स्थापित करने वाली ईवीएम को परीक्षा से गुजरना पड़ा। लेकिन कोई भी चुनाव आयोग के तय समय में ईवीएम को हैक नहीं कर पाया। ऐसे में सारे आरोप धरे के धरे रह गए।

  • اپوزیشن جماعتیں ای وی ایم پر الزامات عائد نہ کریں اور شکست قبول کریں: آصف

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    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے قومی صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ اپوزیشن پارٹی بہار اسمبلی انتخابات میں شکست کے لئے ای وی ایم کو مورد الزام قرار نہ دے اور اپنی شکست کو قبول کرے۔ آصف نے کہا کہ یہ سب عوام کا حکم ہے۔ انہوں نے آپ کی تردید کی ہے اور جے ڈی یو بی جے پی کو جیتا یا ہے۔ تو اس کا مطلب یہ نہیں ہے کہ آپ ای وی ایم پر الزام لگا کر ہار نہ مانیں۔ انہوں نے کہا کہ ہمیں ای وی ایم پر الزام تراشی کرنے کی بجائے اپنی شکست کو قبول کرنا چاہئے۔

    انہوں نے کہا کہ ای وی ایم پر انگلی اٹھانا کوئی نئی بات نہیں ہے۔ جب بھی اپوزیشن جماعت انتخابات ہار جاتی ہے تو اس کے لئے ای وی ایم کو مورد الزام ٹھہرایا جاتا ہے۔ یہی وجہ ہے کہ جون 2017 میں الیکشن کمیشن نے تمام سیاسی جماعتوں کو دعوت دی کہ وہ ای وی ایم ہیک کرنے کا چیلنج دیں۔ الیکشن کمیشن نے 7 قومی جماعتوں اور 48 ریاستی سطح کی جماعتوں کو طلب کیا تھا۔ 3

    جون سے 26 جون 2017 تک تمام فریقین کو بھی ای وی ایم ہیک کرنے کے لئے چار گھنٹے کا وقت دیا گیا تھا۔ ملک میں جمہوریت کو مضبوط بنانے والے ای وی ایم کو ٹیسٹ سے گزرنا پڑا۔ لیکن کوئی بھی الیکشن کمیشن کے مقررہ وقت کے اندر ای وی ایم کو ہیک نہیں کرسکا۔ ایسی صورتحال میں تمام الزامات دھرے کے دھرے رہ گئے ۔