• AIMF to boycott dowries, lavish weddings

    sm-asif-picNew Delhi, 04 April, 2021 - The All India Minoriy Front (AIMF) — has said they will not solemnise Muslim marriages if dowry will be a part of it.

    Terming dowry as “un-Islamic”, party president Dr SM Asif said that due to the ever-increasing demand for dowry, girls are not getting married in a large section of society.

    In a statement released here on Saturday,  Dr Asif has asked the Muslims  to refrain from demanding dowry and keep the marriage ceremony simple.
    He emphasised on solemnising marriages according to Islamic customs and minimise spending during weddings.

    “There are many Muslim families who are suffering even after marriage and many other commit suicide as they are unable to bear the physical and mental harassment,” he said.

    The AIMF chief stated, “Our party wants community to avoid spending money unnecessarily and prohibit wedding processions, fireworks, dancing and lavish feasts, which is un-Islamic.

  • फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ सभी राज्यों में वोट दें – डॉ आसिफ

    लोकतंत्र की रक्षा के लिए दीदी और धर्मनिरपेक्ष दलों की सरकार बनाएं- माइनॉरिटीज फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली । आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, असम में कांग्रेस गठबंधन, तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके गठबंधन केरल में वाम गठबंधन और पुड्डुचेरी में भाजपा विरोधी कांग्रेस नीत गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की है।

    पार्टी के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने राज्यों में अपनी पार्टी  के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि जहां फ्रंट के उम्मीदवार नहीं खड़े हैं, वहां वहां धर्मनिरपेक्ष दलों व गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में कार्य करें और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कार्य करें। फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहाँ लोकतंत्र बचने के लिये  ईवीएम की संभावित गड़बड़ियों पर नज़र रखना ज़रूरी है। अब पांचों जगह चुनाव प्रचार का शोर थम गया है। इन पांचों जगह मंगलवार को वोट डाले जाएंगे.

    डॉ आसिफ ने कहा कि सम्प्रदायिक दल एक ओर साम्प्रदायिक धुर्वीकरण की नाकाम कोशिश में जुटे हैं वहीं धन, बाहुबल, केंद्रीय सुरक्षा बल सहित चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इन दलों को लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान की भी परवाह नहीं है

    डॉ आसिफ ने कहा कि देश में लोकतंत्र बनाये रखने के लिए भाजपा को भगाना ज़रूरी हो गया । ये लोग टुकड़ों में देश को पूंजीपतियों के हाथों में बेच रहे है। जनता की जिम्मेदारी है कि वह देश को बचाने के लिए भारत विरोधी भजपा को हराये।

  • فرقہ پرست طاقتوں کے خلاف تمام ریاستوں میں ووٹ دیں : ڈاکٹر آصف

    جمہوریت کے تحفظ کے لئے دیدی اور سیکولر پارٹیوں کی حکومت بنائیں:آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

    sm-asif-pic1نئی دہلی 04اپریل
    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ نے مغربی بنگال میں ترنمول کانگریس ، آسام میں کانگریس اتحاد ، تمل ناڈو میں کانگریس ڈی ایم کے اتحاد ، کیرالہ میں بائیں بازو اتحاد اور پڈوچیری میں بی جے پی مخالف کانگریس کے زیرقیادت اتحاد کے حق میں ووٹ ڈالنے کی اپیل کی ہے۔

    پارٹی صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے ریاستوں میں اپنی پارٹی کے رہنماو ¿ں اور کارکنوں کو ہدایت کی ہے کہ وہ سیکولر پارٹیوں اور اتحادی امیدواروں کے حق میں کام کریں جہاں فرنٹ کے امیدوار کھڑے نہیں ہیں اور اپنی فتح کو یقینی بنائیں۔فرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف نے کہا کہ یہاں جمہوریت سے بچنے کے لئے ای وی ایم کی ممکنہ گندگی پر نظر رکھنا ضروری ہے۔ اب پانچوں مقامات پر انتخابی مہم کا شور رک گیا ہے۔ منگل کو ان پانچ مقامات پر ووٹ ڈالے جائیں گے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ فرقہ وارانہ جماعتیں ایک طرف فرقہ وارانہ پولرائزیشن کی ناکام کوشش کی کوشش کر رہی ہیں ، جبکہ پیسہ ، پٹھوں اور مرکزی سیکیورٹی فورس سمیت الیکشن کمیشن کو غلط استعمال کررہی ہیں۔ ان جماعتوں کو جمہوری اقدار اور خواتین کے تحفظ اور احترام کی پرواہ نہیں ہے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ ملک میں جمہوریت کو برقرار رکھنے کے لئے بی جے پی کو ختم کرنا ضروری ہے۔ یہ لوگ سرمایہ داروں کو ٹکڑوں میں ملک بیچ رہے ہیں۔ عوام کی ذمہ داری ہے کہ وہ ملک کو بچانے کے لئے بھارت مخالف بی جے پی کو شکست دیں۔

  • दहेज प्रथा नहीं रोकी तो मुसलमान समुदाय बर्बाद हो जाएगा – डॉ आसिफ

    न दहेज दीजिये न दहेज वाली शादियों में शामिल हों – माइनोरिटीज फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली । आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने मुस्लिम समाज से अनुरोध किया है कि वे देहेज लेने और देने वाले विवाह समारोह में न शामिल हों और शादियां शरियत के मुताबिक करें। समाज के जो सम्पन्न लोग हैं वे सादगी से शादी करें। फिजूलखर्ची को रोकें और उस धन का इस्तेमाल समाज में शिक्षा के स्तर को सुधारने में करने की पहल करें।

    ऑल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सय्यद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि दहेज के कारण आत्म हत्या करने वाली आयशा की बेबसी को समाज महसूस करे। ऐसी हत्याएं व आत्म हत्याएं मुस्लिम समाज  पर कलंक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि खुलेआम दहेज मांगा जा रहा है, दहेज का भोंडा प्रदर्शन हो रहा है। लडक़ी के मां- बाप -भाई भारी कर्ज में डूब रहे हैं। कर्ज और ब्याज चुकाते चुकाते कंगाल हो रहे हैं। लेकिन दहेज की लानत से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।

    डॉ आसिफ ने  कहा कि नमाज, रोजे , जकात, खैरात फितरा ही नहीं, बिना कुछ लिए और दिए निकाह करना भी मुसलमानों पर वाजिब है। इस्लाम में साफ साफ कहा गया है कि निकाह इस तरह से करें कि शादी लडक़ी के परिवार पर बोझ न बने। लेकिन इस वक्त सब कुछ उलटा हो रहा है।  आज मुस्लिम समाज में भी चकाचौंध भरी शादियां करने की हौड़ लगी हुई है. दहेज और शादियों के नाम पर लडक़ी वाले पर इतना बोझ डाल देना सिर्फ समाज के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के लिए एक बड़ा खतरा है.

    फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने कहा कि जबसे आयशा का मामला सामने आया है तभी से देशभर के उलेमा और इमामों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है. इसके खिलाफ तमाम उलेमा एकजुट होकर मुहिम चला रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दहेज रूपी यह बीमारी मुस्लिम समाज से खत्म होगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी कदम उठाया है. वैसे भी इस्लाम में जो लोग दहेज ले रहे हैं। वह शरीयत के कानून से वाकिफ नहीं हैं।

    डॉ आसफि ने बताया कि अल्लाह के रसूल की हदीस है कि जो लोग माल-ओ-दौलत की बुनियाद पर शादियां करते हैं, अल्लाह उन्हें गरीबी में मुब्तला करता है. कोई भी आदमी दुनिया में ऐसा नहीं है जो दहेज लेकर मालदार हो गया हो. बल्कि उनके घरों में गुरबतें आती है।

  • جہیز کے نظام کو نہ روکا گیا تو مسلم معاشرہ برباد ہوجائے گا: ڈاکٹر آصف

    نہ جہیز دیں نہ جہیز والی شادیوں میں شرکت کریں:آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

    sm-asif-pic1نئی دہلی03 اپریل
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے مسلم معاشرے سے جہیز لینے اور تحفے دینے والی شادیوں میں شرکت نہ کرنے اور شریعت کے مطابق شادی بیاہ کرنے کی درخواست کی ہے۔ معاشرے کے امیر لوگوں کو سادگی کے ساتھ شادی کرنی چاہئے۔ فضول استعمال بند کریں اور معاشرے میں تعلیم کے معیار کو بہتر بنانے کے لئے اس رقم کو استعمال کرنے کے لئے پہل کریں۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا کہ معاشرے کو عائشہ کی بے بسی کو محسوس کرنا چاہئے جس نے جہیز کے سبب خود کشی کرلی ۔ اس طرح کے قتل اور خود کشی مسلم معاشرے پر بدنما داغ ہیں۔ انہوں نے کہا کہ جہیز کی کھلم کھلا کوشش کی جارہی ہے ، جہیز کے مظاہرے ہو رہے ہیں۔ بچی کے والدین بھاری قرضوں میں ڈوب رہے ہیں۔ قرضوں کی ادائیگی اور سود دیوالیہ ہوتا جارہا ہے لیکن ہم جہیز سے نجات نہیں پا سکتے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ صرف نماز ، روزے ، زکوٰة، ، خیرت فطرہ ہی نہیں ، مسلمانوں پر بھی ضروری ہے کہ بغیر کچھ لئے اور دیئے نکاح کریں۔ اسلام نے واضح طور پر کہا ہے کہ شادی اس طرح کی جانی چاہئے کہ شادی لڑکی کے کنبے پر بوجھ نہ بن جائے لیکن اس وقت سب کچھ الٹ کیا جارہا ہے۔ آج مسلم معاشرے میں بھی شاندار شادیاں کرنے کا رواج عام ہوگیا ہے۔ جہیز اور شادیوں کے نام پر بچی پر اتنا بوجھ ڈالنا نہ صرف معاشرے بلکہ انسانیت کے لئے بھی ایک بہت بڑا خطرہ ہے۔

    فرنٹ کے صدر ڈاکٹر آصف نے کہا کہ جب سے عائشہ کا معاملہ سامنے آیا ہے ، ملک بھر کے علمائے کرام اور آئمہ دین نے اسے بہت سنجیدگی سے لیا ہے۔ تمام علمائے کرام اس کے خلاف متحدہ مہم چلا رہے ہیں۔ توقع ہے کہ جلد ہی اس معاشرے سے جہیز کی بیماری ختم ہوجائے گی۔ انہوں نے بتایا کہ مسلم پرسنل لاءبورڈ نے بھی اس معاملے میں اقدامات اٹھائے ہیں۔ بہرحال جو اسلام میں جہیز لے رہے ہیں وہ شریعت کے قانون سے واقف نہیں ہے۔ ڈاکٹرآصف نے کہا کہ اللہ کے رسول کی حدیث یہ ہے کہ جو لوگ مال او دولت کی بنیاد پر شادی کرتے ہیں ، اللہ انہیں غربت میں باندھ دیتا ہے۔ دنیا میں کوئی ایسا آدمی نہیں جو جہیز لے کر دولت مند ہو بلکہ ان کے گھروں میں غربت آتی ہے ۔

  • AIMF to support TMC in Bengal, Cong in Assam in fight against BJP

    sm-asif-picNew Delhi , March 31, 2021 - The All India Minoriy Front (AIMF)  on Wednesday extended its support to the Trinamool Congress (TMC) in West Bengal and Congress led UDF in Assam in the fight against the “communal and divisive” politics of the BJP.

    Hailing the TMC supremo Mamata Banerjee as the “real Bengal tigress”, the AIMF chief Dr SM Asif, which had earlier said that it would join the electoral battle in both states with secular parties, vowed to “stand in solidarity” with the TMC and UDF camps.

    Dr Asif in a statement made the announcement and said that the decision was taken following discussions with party leaders in these states.

    “Money, Muscle, Media and forces- are being used against Mamata Didi. Hence, AIMF has decided  to stand in solidarity with her where the party candidates were not fielded. We wish Mamata Didi and Congress a roaring success,” he added.

    The AIMF chief also criticised BJP  double standards on NRC and CAA and said voters of the both states will give  it befitting reply in the ongoing assembly elections.

  • बंगाल में दीदी का साथ देंगे असम में कांग्रेस गठबंधन का समर्थन – डॉ असिफ

    एक महिला नेता उसे मंजूर नहीं यह है भाजपा का असली चेहरा – माइनोरिटीज फ्रं ट

    sm-asif-pic1नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरटीज फ्रंट ने बंगाल में  ममता दीदी की तृणमूल कांग्रेस  और असम में यूडीएफ कांग्रेस गठबंधन को समर्थन की घोषणा की है। साथ ही उनके पक्ष में चुनाव प्रचार का निर्णय लिया है। फ्रंट ने अपने स्थानीय नेताओं और कार्यकताओं को निर्देश दिया है कि बंगाल में जिन विधान सभा क्षेत्रों में उनकी पार्टी के उम्मीदवार नहीं हैं उन स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस और असम में कांग्रेस गठबंधन को तन मन धन से विजयी बनाने के लिए जुट जाएं।

    ऑल इंडिया माइनोरटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहां  जारी बयान में कहा है कि देश में लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए यह जरूरी हो गया है कि असम में कांग्रेस गठबंधन की सरकार बने और पश्चिम बंगाल में ममता दीदी एक बार फिर सत्ता में आएं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगीनों के बल पर चुनाव जीतना चाहती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। भाजपा धन और बल से हर कीमत पर यह चुनाव जीतना चाहती है। दोनों राज्यों के जागरूक मतदाता ऐसा नहीं होने देंगे।

    डॉ आसिफ ने  कहा कि  भाजपा साफ सुथरी छवि वाली मुख्यमंत्री  ममता बनर्जी को बर्दाश नहीं कर पा रही है। उसके विरोध में महिला विरोधी मानसिकता साफ साफ दिखाई दे रही है। भाजपा चुनाव जीतने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं । एक महिला को किस भाषा और किस लहजे में सम्बोधित करना चाहिए भाजपा को इस बात का भी इल्म नहीं है। एक राज्य में वह सीएए लागू करने की बात करती दूसरे राज्य इस बात को भूल जाती है। एक जगह एनआरसी को लागू करने को कहती है, दूसरी जगह उसे नहीं लागू करने की बात कहती है। उसका यह दोहरी दोगली मानसिकता का प्रतीक है।

    उन्होंने कहा बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हा रहा है। इसलिए जरूरी है कि मतदाता अधिक सतर्कता बरतें। मौलिक अधिकारों का हनन करने वाले तानाशाहों को जनता पहचान रही है। जनता को समझ में आ गया है कि भाजपा साम्प्रदायितका फैला कर देश और राज्यों का विकास रोक रही है। असम में मतदान के अवसर पर केन्द्रीय सुरक्षा बलों से मनमानी कराए जाने की संभावना प्रबल है। इसको रोकने के लिए जनता को सतर्क रहना होगा। डॉ आसिफ ने कहा कि हमें  भरोसा है कि असम में कांग्रेस गठबंधन और बंगाल में तृणमूल कांग्रेस जनता में सौहार्द और भाईचारा बनाए रखेगी। इसलिए देश और प्रदेश की $जरूरत है कि अमन पसन्द दल सत्ता में आएं। इसके साथ डॉ आसिफ ने भाजपा और केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि वे लोकतंत्र के मूल्यों को सुरक्षित रखने में मदद करें ,अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया गया तो जनता उन्हें इतिहास की टोकरी में फेंक देगी।

  • بنگال میں دیدی کی حمایت اور آسام میں کانگریس اتحاد کی حمایت کریں گے : ڈاکٹر آصف

    ایک خاتون رہنما ان کے لئے قابل قبول نہیں ، یہ بی جے پی کا اصل چہرہ ہے:آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

    sm-asif-pic1نئی دہلی31 مارچ
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے بنگال میں ممتا دیدی کی ترنمول کانگریس اور آسام میں یو ڈی ایف کانگریس کے اتحاد کی حمایت کا اعلان کیا ہے۔ ساتھ ہی ان کے حق میں انتخابی مہم چلانے کا فیصلہ کیا ہے۔ فرنٹ نے اپنے مقامی رہنماو ¿ں اور کارکنوں کو ہدایت کی ہے کہ وہ آسام میں ترنمول کانگریس اور کانگریس اتحاد کو متحرک کرنے کے لئے بنگال کے اسمبلی حلقوں میں مضبوط دل سے فتوحات حاصل کریں جہاں ان کی پارٹی کے پاس امیدوار نہیں ہیں۔

    یہاں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف کی طرف سے جاری کردہ ایک بیان میں کہا گیا ہے کہ ملک میں جمہوریت کے تحفظ کے لئے یہ ضروری ہو گیا ہے کہ آسام میں کانگریس کی مخلوط حکومت تشکیل دی جائے اور ممتا دیدی ایک بار پھر اقتدار میں ہوں۔ انہوں نے کہا کہ بھارتیہ جنتا پارٹی پارٹیوں کی طاقت پر انتخابات جیتنا چاہتی ہے ، جو جمہوریت کے لئے خطرہ گھنٹی ہے۔ بی جے پی یہ انتخاب رقم اور طاقت کے ساتھ ہر قیمت پر جیتنا چاہتی ہے۔ دونوں ریاستوں کے باشعور ووٹر یہ نہیں ہونے دیں گے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ بی جے پی صاف ستھری شبیہ سے وزیر اعلی ممتا بنرجی کو برخاست کرنے کے قابل نہیں ہے۔ خواتین مخالف ذہنیت اس کے خلاف واضح طور پر دکھائی دیتی ہے۔ بی جے پی انتخابات جیتنے کے لئے بے بنیاد الزامات عائد کررہی ہے۔ کسی عورت کو کس زبان اور لہجے میں مخاطب کیا جانا چاہئے ، بی جے پی کو یہ بھی معلوم نہیں ہے۔ ایک ریاست میں سی اے اے کے نفاذ کے بارے میں بات کرتی ہے اور دوسری ریاستیں اسے بھول جاتی ہیں۔ ایک جگہ پر وہ این آر سی کو نافذ کرنے کے لئے کہتا ہے ، دوسری جگہ پر اس کو نافذ نہ کرنے کا مطالبہ کرتا ہے۔ یہ اس کی دوہری ذہنیت کی علامت ہے۔

    انہوں نے کہا کہ بنگال میں دوسرے مرحلے میں رائے دہی ہورہی ہے،لہذا یہ ضروری ہے کہ ووٹر زیادہ چوکس رہیں۔ عوام بنیادی حقوق کی پامالی کرنے والے آمروں کو پہچان رہی ہے۔ عوام نے سمجھا ہے کہ بی جے پی فرقہ واریت کو پھیلا کر ملک اور ریاستوں کی ترقی روک رہی ہے۔ آسام میں ووٹنگ کے موقع پر مرکزی سیکیورٹی فورسز کو صوابدیدی طور پر حاصل کرنے کا امکان قوی ہے۔ عوام کو اس کی روک تھام کے لئے چوکنا رہنا ہوگا۔ ڈاکٹر آصف نے کہا کہ ہمیں یقین ہے کہ آسام میں کانگریس اتحاد اور بنگال میں ترنمول کانگریس عوام میں ہم آہنگی اور بھائی چارے کو برقرار رکھے گی۔ لہذا ، ملک اور ریاست کی ضرورت ہے کہ امن پسند جماعتیں اقتدار میں آئیں۔ اس کے ساتھ ڈاکٹر آصف نے بی جے پی اور مرکزی حکومت سے جمہوریت کے اقدار کے تحفظ میں مدد کی درخواست کی ہے ، اگر انہوں نے ایسا نہیں کیا تو عوام انہیں تاریخ کی ٹوکری میں پھینک دیں گے۔

  • बेलगाम में माइनॉरिटीज़ फ्रंट के भाटिया बने उम्मीदवार।

    कर्नाटक संसदीय उपचुनाव में भाटिया मैदान में

    karनई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता ओंकार सिंह भाटिया को कर्नाटक में होने जा रहे बेलगाम संसदीय उपचुनाव में अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। माइनोरिटीज फ्रंट के युवा  फ्रंट की अध्यक्ष लुबना आसिफ ने भाटिया को पार्टी का टिकट शनिवार को प्रदान कर उनकी उम्मीदवारी का ऐलान किया।

    जनाब ओंकार सिंह भाटिया कर्नाटक के जानेमाने उद्यमी के साथ सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्हें राज्य की सिख पंगतों के साथ अन्य माइनोरिटीज संगठनों ने अपने समर्थन का वायदा किया है। भाटिया ने कहा कि हम भारत को बदलने और मौजूद शासन को चुनौती देने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। मौजूदा सरकार जनता का अपार समर्थन मिलने के बावजूद सबका साथ सबका विकास के मंत्र को जुमले में बदल चुकी है। लुबना आसिफ ने कहा कि किसानों , मजदूरों के अधिकारों का इस दौर में जितना हनन हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ। भाटिया जी की जीत दबे कुचलों की जीत होगी।

    बेलगाम संसदीय क्षेत्र पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश अंगदी के मृत्यु 23 सितंबर 2020 के बाद रिक्त हुआ है। 23 मार्च 2021 तक उपचुनाव की समस्त प्रक्रिया पूरी की जानी थी। उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 30 मार्च2021नामांकन का अंतिम दिन है।

  • بیلگام میں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے بھاٹیا بنے امیدوار

    کرناٹک کے پارلیمانی ضمنی انتخابات میں بھاٹیا میدان میں

    karنئی دہلی27مارچ
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے کرناٹک میں بیلگام پارلیمانی ضمنی انتخاب کے لئے نامور سماجی کارکن اونکار سنگھ بھاٹیا کو اپنی پارٹی کا امیدوار نامزد کیا ہے۔

    مائنارٹیزفرنٹ کے نوجوان محاذ کی چیئرمین لبنیٰ آصف نے ہفتہ کو پارٹی کا ٹکٹ دے کر بھاٹیا کے امیدوار ہونے کا اعلان کیا۔

    جناب اونکار سنگھ بھاٹیا کرناٹک کے ایک مشہور کاروباری شخصیت کے ساتھ ایک سماجی کارکن ہیں۔ ریاست کے سکھ پنگتوں کے ساتھ ساتھ دیگر اقلیتی تنظیموں کے ساتھ بھی ان کی حمایت کا وعدہ کیا گیا ہے۔ بھاٹیا نے کہا کہ ہم ہندوستان کو تبدیل کرنے اور موجودہ حکمرانی کو چیلنج کرنے کے لئے انتخابات لڑ رہے ہیں۔ موجودہ حکومت نے عوام کی بے پناہ حمایت سے سب کا ساتھ ، سب کا وکاس کے منتر کو تبدیل کردیا ہے۔ لبنیٰ آصف نے کہا کہ اس عرصہ میں کسانوں اور مزدوروں کے حقوق پامال ہوئے ہیں جیسا پہلے کبھی نہیں ہوا۔ بھاٹیا جی کی فتح مظلوموں کی فتح ہوگی۔

    بیلگام پارلیمانی حلقہ 23 ستمبر 2020 کو سابق مرکزی وزیر سریش انگادی کی موت کے بعد خالی ہے۔ ضمنی انتخاب کا پورا عمل 23 مارچ 2021 تک مکمل ہونا تھا۔ ضمنی انتخاب کے لئے الیکشن کمیشن کی جانب سے نامزدگی کا آخری دن 30 مارچ 2021 ہے