• नेताजी का जन्म दिन मनाया – डॉ आसिफ ने कहा नेताजी के मार्ग पर चलें आजादी अभी अधूरी

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के मुख्यालय में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म दिन उल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने उपस्थित पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नेताजी के सपने अभी पूरे नहीं हुए हैं, उन्होंने जैसे आजाद भारत की कल्पना की थी व अभी अधूरी है। उन्होंने कहा कि पूरी आजादी के सपनों को पूरा करने के लिए हमें अभी बहुत कुछ करना है।

    उन्होंने कहा कि देश के सामने अभी यह रहस्य बना हुआ है कि नेताजी की मौत किन्ही स्वाभाविक कारणों से हुई या उसके पीछे कोई षडयंत्र था। डॉ आसिफ ने कहा कि 75 वर्षों से यह रहस्य बना हुआ अनेक जांच कमेटियां बनी लेकिन किसी भी जांच समिति ने उनकी मौत के रहस्य से पर्दा नहीं हटाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायदा किया था कि वे नेताजी की मौत की जांच पर आई रिपोर्ट को सार्वजनिक कर देंगे। उम्मीद थी की देश के सर्वप्रिय नेता सुभाष बाबू की मौत का रहस्य साफ हो जाएगा लेकिन अभी तक मोदी जी भी इस काम को करने में सफल नहीं हुए है। नेताजी के जन्मदिसव उत्सव में अनेक अन्य नेताओं ने भी अपने उदगार व्यक्त किए।

  • نیتا جی کے راستے پر چلیں،آزادی ابھی ناقص:ڈاکٹر ایس ایم آصف

    sm-asif-pic1نئی دہلی23جنوری
    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر دفتر میں نیتا جی سبھاش چندر بوس کی سالگرہ منائی گئی۔ اس موقع پر پارٹی کے صدر ڈاکٹرایس ایم آصف نے پارٹی رہنماو ¿ں اور کارکنوں سے خطاب کرتے ہوئے کہا کہ نیتا جی کے خواب ابھی تک پورے نہیں ہوسکے ، جس طرح انہوں نے آزاد ہندوستان کا تصور کیا تھا اور نامکمل ہے۔ انہوں نے کہا کہ مکمل آزادی کے خواب کو پورا کرنے کے لئے ہمارے پاس ابھی بہت کچھ کرنا باقی ہے۔

    انہوں نے کہا کہ یہ ملک کے سامنے یہ معمہ ہے کہ نیتا جی کی موت کسی قدرتی وجوہ کی بنا پر ہوئی ہے یا اس کے پیچھے کوئی سازش ہوئی ہے۔ ڈاکٹر آصف نے کہا کہ بہت ساری تفتیشی کمیٹیاں 75 سال سے ایک راز رہی ہیں لیکن کسی بھی تحقیقاتی کمیٹی نے ان کی موت کا راز نہیں ہٹایا۔ وزیر اعظم نریندر مودی نے وعدہ کیا تھا کہ وہ نیتا جی کی موت کی تحقیقات سے متعلق رپورٹ عام کریں گے۔ امید کی جا رہی تھی کہ ملک کے سب سے مشہور رہنما سبھاش بابو کی موت کا رازفاش ہوجائے گا ، لیکن اب تک مودی جی یہ کام کرنے میں کامیاب نہیں ہوسکے ہیں۔ بہت سے دوسرے رہنماو ¿ں نے بھی نیتا جی کی یوم پیدائش کے موقع پر اپنے خیالات کا اظہار کیا۔

  • मोदी जी पराक्रम दिवस पर सुभाष बोस की मौत का रहस्य खोलेंगे -डॉ आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को  बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत पर बने रहस्य पर्दा उठाएंगे। पराक्रम दिवस के अवसर पर देश और खासकर बंगाल की जनता को इस रहस्य उद्घाटन का इंतेज़ार है।

    आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सय्यद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि आज़ाद हिंद फौज के नायक और अदम्य साहस के प्रतीक सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से 75 साल बाद भी पर्दा नहीं उठा है। प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह उनकी मौत से जुड़ी सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करके सुभाष बाबू की मौत कहाँ,कैसे और कब हुई इस रहस्य को उजागर कर देंगे। मोदी ने तब यह आरोप भी लगाया था कि सुभाष बाबू की मौत को सत्ता में बैठे लोग जानबूझ कर रहस्य बनाये हुए हैं।
    डॉ आसिफ ने कहा कि वायदा पूरा करने वाले प्रधान मंत्री  से अपने वचन को पूरा करेंगे। उनके द्वारा रहस्य खोले जाने से  बंगाल सहित पूरे देश को संतुष्टि मिलेगी और पता चल जाएगा कौन वह शत्रु देश है जिसने हमारे सर्वप्रिय स्वतंत्रता के नायक के विरुद्ध मौत का षड्यंत्र रचा था।

    डॉ आसिफ ने कहा कि 8 अगस्त 1945 को नेताजी हवाई जहाज से मंचुरिया जा रहे थे और इसी सफर के बाद वो लापता हो गए। जापान की एक संस्था ने 23 अगस्त को ये खबर जारी किया कि नेताजी का विमान ताइवान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिस कारण उनकी मौत हो गई थी। जबकि सच इससे अलग है।

    नेताजी की रहस्‍यमय मौत, प्लेन क्रैश पर शक के साथ-साथ एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर जापान में रखी अस्थियां वाकई नेताजी की हैं तो उन्हें अबतक भारत क्यों नहीं लाया गया? इस  रहस्य से भी पर्दा उठना ज़रूरी है।

    उन्होंने बताया कि तथ्यों के मुताबिक 18 अगस्त, 1945 को नेताजी हवाई जहाज से मंचुरिया जा रहे थे और इसी सफर के बाद वो लापता हो गए। हालांकि, जापान की एक संस्था ने उसी साल 23 अगस्त को ये खबर जारी किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का विमान ताइवान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई थी। लेकिन इसके कुछ दिन बाद खुद जापान सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि, 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में कोई विमान हादसा नहीं हुआ था। इसलिए आज भी नेताजी की मौत का रहस्य खुल नहीं पाया।

    उनका अवशेष टोक्यो पहुंचाया गया, जहां सितंबर 1945 से ही उनके अवशेष रेंकोजी मंदिर में रखे हुए हैं। जापान से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों को अब तक भारत क्यों नहीं लाया गया है, इस पर अलग-अलग सरकारें अलग-अलग वजह गिनवाती रही हैं।

  • مودی جی پراکرم دیوس پر سبھاش بوس کی موت کا راز انکشاف کریں گے: ڈاکٹرایس ایم آصف

    sm-asif-pic1نئی دہلی22 جنوری
    وزیر اعظم نریندر مودی 23 جنوری کو بنگال میں نیتا جی سبھاش چندر بوس کی موت کے پیچھے اسرار کو پردہ کریں گے۔ پراکرم دیوس کے موقع پر ملک اور خاص طور پر بنگال کے عوام اس خفیہ افتتاح کے منتظر ہیں۔

    یہاں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف کی طرف سے جاری کردہ ایک بیان میں کہا گیا ہے کہ آزاد ہند فوج کے ہیرو اور ناقابل ہمت کی علامت سبھاش چندر بوس کی موت کے 75 سال بعد بھی انکشاف نہیں ہوا ہے۔ وزیر اعظم نریندر مودی نے کہا تھا کہ وہ اسرار سے پردہ اٹھائیں گے کہ سبھاش بابو کی موت سے متعلق تمام دستاویزات عام کریںگے کہ ان کی موت کہاں ، کیسے اور کب ہوئی۔ مودی نے یہ بھی الزام لگایا تھا کہ اقتدار میں رہنے والے لوگوں نے سبھاش بابو کی ہلاکت کے پیچھے جان بوجھ کر راز رکھے تھے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ وعدہ پورا کرنے والے وزیر اعظم اپنا وعدہ پورا کریں گے۔ ان کے ذریعہ راز افشا کرنے سے بنگال سمیت پورے ملک کو اطمینان ملے گا اور پتہ چل جائے گا کہ دشمن ملک کون ہے جس نے ہماری آزادی کے ہیرو کے خلاف موت کی سازش کی۔

    ڈاکٹر آصف نے بتایا کہ 18 اگست 1945 کو نیتا جی ہوائی جہاز کے ذریعے منچوریا جارہے تھے اور اس سفر کے بعد وہ غائب ہوگئے۔ 23 اگست کو ایک جاپانی تنظیم نے یہ خبر جاری کی کہ نیتا جی کا طیارہ تائیوان میں گر کر تباہ ہوا ہے ، جس کی وجہ سے ان کی موت ہوگئی ہے۔ جبکہ حقیقت اس سے مختلف ہے۔

    نیتا جی کی پراسرار موت کے ساتھ ساتھ ہوائی جہاز کے حادثے کا شبہ ایک بڑا سوال یہ بھی ہے کہ اگر جاپان میں رکھی ہوئی ہڈیاں واقعتا نیتا جی کی ہیں تو پھر اسے اب تک ہندوستان کیوں نہیں لایا گیا؟ اس راز سے بھی پردہ اٹھانا ضروری ہے۔

    انہوں نے بتایا کہ حقائق کے مطابق 18 اگست 1945 کو نیتا جی ہوائی جہاز کے ذریعے منچوریہ جارہے تھے اور اس سفر کے بعد وہ لاپتہ ہوگئے۔ تاہم ایک جاپانی ادارے نے اسی سال 23 اگست کو یہ خبر جاری کی تھی کہ نیتا جی سبھاش چندر بوس کا طیارہ تائیوان میں گر کر تباہ ہوگیا تھا ، جس کی وجہ سے اس کی موت ہوگئی تھی۔ لیکن کچھ ہی دن بعد خود جاپانی حکومت نے اس بات کی تصدیق کی کہ 18 اگست 1945 کو تائیوان میں جہاز کا کوئی حادثہ نہیں تھا۔ لہذا آج بھی نیتا جی کی موت کا معمہ سامنے نہیں آ سکا۔

    اس کی باقیات کو ٹوکیو پہنچایا گیا تھا جہاں ستمبر 1945 سے اس کی باقیات رینکوجی مندر میں رکھی گئی ہیں۔ اب تک جاپان سے نیتا جی سبھاش چندر بوس کی راکھ کو ہندوستان کیوں نہیں لایا گیا اس کی بابت مختلف حکومتیں مختلف وجوہات بتاتی رہی ہیں۔

  • मोदी जी बताएं अर्नब गोस्वामी तक संवेदनशील सूचनाएं कैसे पहुंचीं- डॉ एस एम आसिफ

    IMG_4432आज देश की इतनी संवदेन शील गोपनीय जानकारी एक तथाकथित  पीत पत्रकारिता करने वाले की गोदी मीडिया के स्वयं भ . अधिनायक  अर्नव तक कैसी पहुँच जाती है। जो सुचनाएँ प्रधान मंत्री ‘ रक्षा मंत्री रक्षा के उच्च आला अफसर तक कीसीमाओं के भीतर रहना चाहिए वह एक खबरिया चैनल के मालिक व एंकर को मिलना / तथा अपने हम राज दोस्त को ब्हाष्ट एप चैट मे शेयर करना है क्या यही 6 4 ” का सीना वाले देश के सच्चे चौकीदार की देश के मंदिर की चौखट  पर अपना माथा टेकते हुए सपथ का हिस्सा है। ना खाऊ गा ना खाने दुँगा । क्या इसका जबाब देश के सच्चे देश भक्त की यही पहचान है। माइनोरिटीज फ्रन्ट के संस्थापक अध्यक्ष डा० एस एम आशिफ ने देश की जनता की तरफ से प्रधान मंत्री / रक्षा मंत्री / सुचना प्रसारण मंत्री से यह सवाल पूछा है कि आज कल समाचार पत्र की सुखियाँ / टी ० वी चैनल मे चल रहे समाचार मेरिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की  व्हाट्सऐप चैट्स  पर उठे अति गंभीर सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए। आल इंडिया माइनॉरिटीज़ फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि यह मामला देश के लिए अतिसंवेदनशील और भारत की सुरक्षा से जुड़ा है।

    उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि जो बातें अर्नब की चैट में सामने आई हैं, वह गुप्त सूचनाएं उन तक कैसे और क्यों पहुंची यह जानना देश के नागरिकों काअधिकार है।
    उन्होंने कहा कि अर्नब को दो साल पहले बालाकोट में किए गए हमले की पहले से ही जानकारी थी। इतनी सेंसिटिव बातें अर्नब को कैसे पता चलीं यह बड़ा सवाल है।

    डॉ आसिफ ने कहा कि अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO पार्थ दासगुप्ता के जो चैट्स वायरल हुए हैं। वह तमाम जानकारी मोदी जी को अब तक मिल चुकी होंगी।

    चैट्स में बालाकोट और पुलवामा के बारे में भी जिक्र किया गया है।  उन्होंने यह भी कहा है कि अर्नब गोस्वामी को भी यह स्पष्ट करना चाहिए ये जानकारियां उन्हें कहाँ से मिलीं और वे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ न करें। जिस तरह से  वे कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी व अन्य नेताओं के सवालों का जवाब देने के बदले उल्टे उन पर लांछन लगा रहे है वह निंदनीय है और पत्रकारिता की नैतिकता के विरुद्ध है।

  • مودی جی بتائیں کہ حساس معلومات کس طرح ارنب گوسوامی تک پہنچی : ڈاکٹر ایس ایم آصف

    sm-asif-pic1نئی دہلی 21 جنوری
    آج ملک کے بارے میں بہت سی حساس معلومات ، ایک نام نہاد صحافی جو خود گودی میڈیا کا مالک ارنب تک کیسے پہنچ جاتی ہے؟ وہ معلومات جو وزیر اعظم ،وزیردفاع کے اعلی سطحی افسر کی حدود میں رکھنی چاہیں وہ یہ ہے کہ کسی نیوز چینل کے مالک اور اینکر سے ملاقات کرنا اور اپنے دوستوں کے ساتھ زبردست وہاٹس ایپ چیٹ میں شیئر کرنا ، کیا یہی 64 کا سینہ ملک کے اصل چوکیدار سپوت کا ایک حصہ ہے ، جس کی پیشانی ملک کے مندر کے دروازے کی چوکھٹ پر ہے۔ نا کھا ﺅںگا نا کھانے دونگا۔کیا یہ ملک کے حقیقی محب وطن کا جواب ہے۔ ڈاکٹر ایس ایم آصف آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے بانی صدر نے ملک کے عوام کی جانب سے وزیر اعظم وزیر دفاع وزیر اطلاعات نشریاتی وزیر سے یہ سوال پوچھا ہے کہ ان دنوں ، نیوز چینل میں چلنے والے اخبارات ٹی وی چینلز کی خبریں ، میرپبلٹ ٹی وی کے ایڈیٹر انچیف ، ارنب گوسوامی ، واٹس ایپ چیٹس پر اٹھے۔ وزیر اعظم نریندر مودی کو سنجیدہ سوالوں پر مداخلت کرنی چاہئے۔ آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف نے کہا ہے کہ یہ معاملہ ملک اور بھارت کی سلامتی کے لئے حساس ہے۔

    یہاں جاری ایک بیان میں ، انہوں نے کہا کہ ملک کے شہریوں کو یہ جاننے کا حق ہے کہ ارنب کی چیٹ میں خفیہ معلومات ان تک کیسے اور کیوں پہنچی۔

    انہوں نے کہا کہ ارنب دو سال قبل بالاکوٹ میں ہونے والے حملے سے پہلے ہی واقف تھا۔ ارنب کو اس طرح کی حساس چیزوں کا پتہ کیسے چلا ، یہ ایک بہت بڑا سوال ہے۔

    ڈاکٹر آصف نے بتایا کہ ارنب گوسوامی اور براڈکاسٹ آڈوئین ریسرچ کونسل (بی اے آر سی) کے سابق سی ای او پرتھ داس گپتا کے چیٹ وائرل ہوگئے ہیں۔ وہ ساری معلومات مودی جی کو ابھی موصول ہو چکی ہیں۔

    چیٹس میں بالاکوٹ اور پلوامہ کے بارے میں بھی ذکر ہے۔ انہوں نے یہ بھی کہا ہے کہ ارنب گوسوامی کو بھی واضح کرنا چاہئے کہ انہوں نے یہ معلومات کہاں سے حاصل کی ہے اور انہیں الٹا چور کوتوال کو ڈانٹنے کی کہاوت کا استعمال نہیں کرنا چاہئے۔ کانگریس پارٹی کے رہنما راہل گاندھی اور دیگر رہنماو ¿ں کے سوالوں کے جواب دینے کے بجائے جس طرح سے وہ ان پر الزامات عائد کررہے ہیں وہ توہین آمیز اور صحافت کے اخلاقیات کے منافی ہیں۔

  • देशी कोरोना वैक्सीन पर संशय निराधार-कोई राजनीति न करे- आसिफ

    कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए सबको एक साथ खड़ा होना होगा

    IMG_4432नई दिल्ली। अपने साइंटिस्टों पर भरोसा किया जाना चाहिए उनकी अथक मेहनत से कोरोना वैक्सीन बनी है। इसे लेकर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने यह बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार को अपनी तरफ से इस वैक्सीन पर प्रकट की जाने वाली शंका व संशय का संतोषजनक जवाब देना चाहिए ताकि इस महामारी को जड़ से खत्म करने का प्रचण्ड अभियान कामयाबी तक पहँचे।

    जनाब आसिफ ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और योग गुरु रामदेव का वैक्सीन न लगवाने का बयान बचकाना और देश के नागरिकों को गुमराह करने वाला है। स्वदेशी की हिमायत करने वाले इन महानुभावों को वैक्सीन का स्वागत करना चाहिए । उनके ऐसे बयानों से जनता भ्रमित होती है। विपक्ष दलों का केवल इसलिए विरोध ठीक नहीं है चंूकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की घोषणा कर दी है। भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एला ने भी टीके पर हो रही राजनीति पर अपनी आपत्ति दर्ज की है।

    आसिफ ने कहा  कि अखिलेश यादव, योगगुरु राम देव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वैक्सीन न लगवाने की आपत्तियों में राजनीति नजर आती है। प्रधानमंत्री खुद को यह वैक्सीन लगवाकर देश और दुनिया को एक स्वस्थ संदेश दे सकते हैं। विरोध के स्वर उठाने वालों को भी आगे आकर देशी वैक्सीन को आगे बढ़ाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों ने भी वैक्सीन बना ली है। हमें अपने अविष्कार और शोध पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार विधान सभा में कांग्रेस के नेता अजीत शर्मा को यह जिद नहीं करनी चाहिए कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश में सबसे पहले इस वैक्सीन को लगवाएं।

  • کورونا ویکسین پر شکوک و شبہات بے بنیاد ، کوئی سیاست نہ کرے: آصف

    کورونا ویکسین لگوانے کے لئے سب کو مل کر کھڑا ہونا ہو گا

    نئی دہلی05جنوری sm-asif-pic12021
    اپنے سائنس دانوں پر بھروسہ کیا جانا چاہئے اور ان کی انتھک محنت سے کورونا ویکسین کا باعث بنی ہے۔ اس کے بارے میں کوئی سیاست نہیں ہونی چاہئے۔ یہ بیان جاری کرتے ہوئے آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر ایس ایم آصف نے کہا کہ حکومت کو اس ویکسین پر اپنی طرف سے جس شکوک و شبہات کا اظہار کیا جارہا ہے اس کا تسلی بخش جواب دینا چاہئے تاکہ اس وبا کو ختم کرنے کے لئے بھرپور مہم چلائی جائے۔

    جناب آصف نے کہا کہ مدھیہ پردیش کے وزیر اعلی شیوراج سنگھ چوہان اور یوگا گرو رام دیو کا یہ ویکسین نہ لینے کا بیان بچکانہ ہے اور ملک کے شہریوں کو گمراہ کررہا ہے۔ یہ معززین جو سودیشی کی وکالت کرتے ہیں انہیں ویکسین کا خیرمقدم کرنا چاہئے عوام ان کے بیانات سے الجھن میں ہے۔ حزب اختلاف کی جماعتوں کی مخالفت جائز نہیں ہے کیونکہ وزیر اعظم نریندر مودی نے دنیا کی سب سے بڑی ویکسی نیشن مہم کا اعلان کیا ہے۔ ہندوستان بائیوٹیک کے ایم ڈی کرشنا ایلا نے بھی ویکسین پر ہونے والی سیاست پر اپنا اعتراض درج کرایا ہے۔

    آصف نے کہا کہ اکھلیش یادو ، یوگاگرو رام دیو اور مدھیہ پردیش کے وزیر اعلی شیوراج سنگھ چوہان کے ویکسین نہ لینے پر اعتراضات پر سیاست نظر آتی ہے۔ وزیر اعظم خود کو یہ ویکسین حاصل کر کے ملک اور دنیا کو ایک صحت مند پیغام دے سکتے ہیں۔ مخالفت کرنے والوں کو بھی آگے آنا چاہئے اور ملکی ویکسین کو آگے بڑھانے کے لئے کام کرنا چاہئے۔ انہوں نے کہا کہ دنیا کے بہت سے ممالک نے ویکسین بھی بنا رکھی ہے۔ ہمیں اپنی جدت اور تحقیق پر بھروسہ کرنا چاہئے۔ انہوں نے کہا کہ بہار قانون ساز اسمبلی میں کانگریس کے رہنما اجیت شرما کو اس بات پر اصرار نہیں کرنا چاہئے کہ وزیر اعظم نریندر مودی کو یہ ویکسین ملک میں پہلے لگانی چاہئے۔

  • ठिठुरती सर्दी में खूबसूरत ज्वेल्स की मदमस्त शाम

    विभिन्न क्षेर्त्रो के जाने माने लोगों को दिए अवार्ड
    पुरानी नई प्रतिभाओं के जलवे बच्चों ने की कैट वाक

    jwels

    नई दिल्ली। कोविड-19 कुहासे की बंदिश और दूसरी तरफ कडक़ती सर्द शाम थी, रविवार की उस शाम को खूबसूरत ज्वेल्स ऑफ इंडिया अवॉर्ड की मदमस्त कर देने वाली संध्या ने मन मस्तिष्क को नए उत्साह से सराबोर कर दिया। राजधानी की न भुलाई जाने वाले इस शाम में अनेक उभरते नए सितारों ने अपनी अदाकारी के जहां जलवे बिखेरे वहीं हसीन शख्शियतों ने अपने गीत संगीत से मौजूद लोगों का मन मोह लिया।

    समारोह की शुरुआत कार्यक्रम के चीफ गेस्ट जाने माने सम्पादक -पत्रकार डॉ.एस एम आसिफ तथा अन्य सम्मानीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित की। नृत्य संगीत और अपनी कैट वाक से खूबसूरत युवक युवतियों ने अपनी अदावों के जलवों से मन मोह लिया। मंच पर अरैबिक अन्दाज में महिलाओं की अदाएं इन अदाओं में तीन वर्ष से लेकर बड़ी उम्र तक  के पुरुषा स्त्रियों ने अपनी अदाकारी के अन्दाज से लोगों की धडक़ने तेज की।

    कलाकारों ने इस अवसर पर आजात के जादूगर मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के गीतों का गाकर आयोजन को कार्यक्रम की रोनक में चार चांद लगा दिए।

    कार्यक्रम में सम्मानीय मेहमान के तौर पर आर के कटारिया, एम ए रहमान, एमएस दिशा दामा, और शाह जमाल ने  विभिन्न क्षेत्रों के स्थापित व्यक्तियों को मुख्य अतिथि डॉ. एस एम आसिफ के साथ अवार्ड प्रदान किए। कार्यक्रम के सहयोगी अल कदम टूर एंड ट्रैवल्स, लांगल इनटरनेशनल और भल्ला इन्टरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड संस्थनों के प्रतिनिधी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम को रंग और आकार देने का काम नायरा पाल , टिकटाकर नबील, फैशन कोरियोग्राफर वसीम शाह, डांस कोरियोग्राफर पवन कुमार जैसे अनेक कलाकारों ने अपना भरपूर योगदान देकर कार्यक्रम के सराहनीय बना दिया।

    अवार्ड कार्यक्रम में डॉ. शाईस्ता नीलोफर को कोरोना काल में उनकी महती समाज सेवा, के लिए, एमएस शकीबा उमर को महिला उद्यमी के तौर पर, पत्रकार हबीब अख्तर ,श्रीकांत भाटिया, सहित अनेक अन्य प्रतिष्ठिïत व्यक्तियों को खूबसूरत ज्ेवल्स आफ ईडिया ने अवार्ड प्रदान किए। कार्यक्रम में नई उभरती प्रतिभावों को भी सम्मान प्रदान किया गया। निक्की बवेजा ने कार्यक्रम का संचालन ने दर्शकों और कलाकारों को अपने साथ बांधे रखा।

  • سردی کے موسم میں خوبصورت زیورات کی شام:مختلف شعبوں کے معروف افراد کو ایوارڈز دیئے گئے

    تقریب کا آغاز پروگرام کے مہمان خصوصی ، مشہور ایڈیٹر صحافی ڈاکٹر ایس ایم آصف اور دیگر معزز مہمانوں نے کیا

    jwelsنئی دہلی نمائندہ)
    کووڈ19 اداس کی غلطی تھی ، اور دوسری طرف ، سردی کی ایک سردی کی شام ، اتوار کی شام خوبصورت جواہرات آف انڈیا ایوارڈ کی شام نے جوش کو نئے جوش و خروش کے ساتھ رنگا دیا۔ شام کے وقت دارالحکومت کے بہت سارے نظر نہ آنے والے ستاروں نے اپنی پرفارمنس کو بکھیر دیا ، جبکہ خوبصورت مشہور شخصیات نے اپنے گانوں اور موسیقی سے موجود لوگوں کو اپنے دل موہ لیا۔

    تقریب کا آغاز پروگرام کے مہمان خصوصی ، مشہور ایڈیٹر صحافی ڈاکٹر ایس ایم آصف اور دیگر معزز مہمانوں نے کیا۔ خوبصورت نوجوان لڑکیوں کو ان کے گانوں کی خوبصورتی نے رقص موسیقی اور ان کی بلی کے واک سے دل موہ لیا ہے۔ اسٹیج پر عربی اسٹیج میں خواتین کی پرفارمنس ، ان حرکتوں میں ، تین سال سے لیکر عمر تک کی مرد خواتین نے اپنی کارکردگی سے لوگوں کی ہڑتال کو تیز کردیا۔ اس موقع پر فنکار اجت کے جادوگر محمد رفیع اور کشور کمار کے گیت گاتے ہوئے پروگرام کے دلکش کو مزید کہتے ہیں۔آر کے کٹاریہ ، ایم اے رحمن ، ایم ایس دیشا داما ، اور شاہ جمال نے مہمان خصوصی کے طور پر تقریب میں مہمان خصوصی کو مہمان خصوصی ڈاکٹر ایس ایم آصف کے ہمراہ ایوارڈز پیش کیے۔ نمائندہ پروگرام میں پروگرام کے شراکت دار الکدم ٹور اینڈ ٹریولس ، لونگل انٹرنیشنل اور بھلا انٹرنیشنل پرائیویٹ لمیٹڈ موجود تھے۔ پروگرام کو رنگ اور شکل دینے کے کام نے نائرا پال ، ٹکٹاکر نبیل ، فیشن کوریوگرافر وسیم شاہ ، ڈانس کوریوگرافر پون کمار جیسے بہت سے فنکاروں کو پروگرام قابل تعریف بنایا۔

    اس ایوارڈ کی تقریب ڈاکٹر شائستہ نیلوفر کو کورونا دور میں معزز معاشرتی خدمات ، محترمہ شکیبہ عمر کو بطور خاتون کاروباری ، صحافی حبیب اختر ، سریکانت بھاٹیہ ، اور دیگر بہت سارے معززین بشمول آئیڈیا کے خوبصورت زیورات کے لئے پیش کی گئیں۔پروگرام میں ابھرتی نئی صلاحیتوں کو بھی نوازا گیا۔ نکی بویجا نے پروگرام کا انعقاد کیا اور سامعین اور کاسٹ کو ساتھ رکھا۔