• कश्मीर और लद्दाख के नागरिकों को रोजी रोजगार दे केंद्र सरकार : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। की कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटाए हुए आज एक वर्ष ही गया है। अब कश्मीर और लद्दाख केंद्र साशित प्रदेश हे। ऐसे में। अब यहां के नागरिकों को रोजी रोजगार देना केंद्र का काम है। लेकिन यह अभी तक नहीं हुआ है।

    लोगो में निराशा है कि आखिर कब उनकी खुशहाली वापिस आएगी। आसिफ ने कहा 370 खत्म होने के एक साल बाद स्थानीय लोगों के सामने रोजी रोटी, रोजगार सबसे बड़ा सवाल है। ज्यादातर भर्तियां ठप हैं। स्थानीय कश्मीरियों में काम नही होने की शिकायत आम है।  बहुत से लोगों को धारा 370 समाप्त होने से अपने हक में बाहरी दखल की आशंका भी नजर आती है।

    अधिवासी नीति को लेकर भी बहुत से लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ बड़ी संख्या में माइग्रेंट वर्कर का कश्मीर में दोबारा वापस आना एक अलग भरोसे की कहानी बयान कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि कोविड संकट के बावजूद करीब 50 हजार माइग्रेंट वर्कर वापस घाटी में आये हैं।

    उन्होंने कहा कि यदि यहां के बच्चो को काम मिलेगा तो बच्चों का दिमाग इधर उधर नही जाएगा। काम नही मिलता तो बच्चो का दिमाग इधर उधर जाता है। इसलिए आईएमएफ मांग करती है कि कश्मीर में केंद्र जल्दी से लोगो के रोजी और रोजगार की व्यवस्था करे।

  • देश में व्यापारियों की हालात ठीक करने के लिए लाइसेंस राज से मुक्ति दे सरकार : आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था के व्यापारी बुरे दौर में जी रहे है। एक और तो कोरोना से उनका व्यापार उजड़ गया तो वहीं दूसरी ओर तरह तरह के लाइसेंसो का टैक्स उनके काम धंधों को बिल्कुल समाप्ति की और के जा रहा है।

    आसिफ ने कहा व्यापारी समुदाय खासकर बड़े शहरो के दुकानदारों को अभी कारोबारी सुगमता का लाभ नहीं मिल पा रहा है और व्यापारियों को केंद्र सरकार ,प्रदेश सरकार  के अतिरिक्त स्थानीय निकायों (विशेषकर नगर निगम) एवं पुलिस प्रशासन के विभिन्न प्रकार के लाइसेंस को प्राप्त करना अनिवार्य है।  इन अनेको लाइसेंस लेने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि एक व्यापारी को सलाहकारों के माध्यम से ही यह सब लाइसेंस प्राप्त हो सकते है अन्यथा नहीं।

    इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने में  एक व्यापारी को औसतन औसतन पचास हज़ार से एक लाख रूपए तक प्रति वर्ष तक खर्च करने पड़ जाते है जिसमे सरकार को प्राप्त होने वाली कर की धनराशी बहुत कम होती है।

    आसिफ ने केंद्र सरकार का ध्यान ट्रेड लाइसेंस के और आकर्षित करते हुई सूचित किया कि ट्रेड लाइसेंस जो राष्ट्र की विभिन्न नगर निगमों / नगर पालिकाओं द्वारा प्रदान किया जाता है।  एक छोटी से छोटी दूकान खोलने के लिए किसी भी व्यापारी को नगर निगम से एक ट्रेड लाइसेंस लेना पड़ता है। जिस व्यापारी के पास पहले से ही कंपनी कानून या पार्टनरशिप कानून के तहत पंजीकरण है ,जीएसटी रजिस्ट्रेशन है,आयकर का पैन कार्ड है,फ़ूड सेफ्टी का लाइसेंस है,स्थानीय निकाय द्वारा जारी हेल्थ लाइसेंस (खाद्य वस्तु के दूकानदार के लिए ) शॉप एक्ट का पंजीकरण है, बैंको से ऋण प्राप्त किया हुआ है , बिजली / टेलीफोन के कनेक्शन है , इतने लाइसेंस लेने के बाद भी  होने के भी दुकानदार को नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लेना पड़ता है।

    यधपि इस मद से इन स्थानीय निकायों को कोई भारी आय नहीं होती ,परन्तु एक व्यापारी के लिए यह एक उत्पीड़न भरा कार्य है और इसमें भ्रष्टाचार भी चरम सीमा पर होता है। यहाँ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि   नगर निगम /नगर पालिकाओं  द्वारा व्यावसायिक भवन या दुकानों पर संपत्ति कर वसूला जाता है जो रिहायशी क्षेत्र के मुकाबले लगभग 15 गुना ज्यादा होता है।

    जब एक व्यापारी या दुकानदार व्यावसायिक संपत्ति पर एक बढ़ा हुआ संपत्ति कर देता है तो ऐसे अवस्था में ट्रेड लाइसेंस की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती। इसलिए ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट की मांग है। कि देश के व्यापारियों कि इस समस्या का केंद्र सरकार तुरंत निवारण करे।

  • राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने Aimf की मांग पर सभी धर्मों के लोगों को आमंत्रण देकर भाईचारे का संदेश दिया : आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रेंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि राम जन्मभूमि शिलान्यास समारोह में ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रेंड की मांग पर राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने सभी धर्मों के लोगों को आमंत्रण देकर देश में एक भाईचारे की मिसाल कायम की है इससे देश में जहां भाईचारा बढ़ेगा तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना भी लोगों में बढ़ती रहेगी

    उन्होंने राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट को धन्यवाद देते हुए एक पत्र लिखा है। और कहा है कि आपने ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रं ट की मांग पर मुस्लिमों सहित सिख इसाई सभी धर्मों के लोगों को इस पवित्र काम में आमंत्रण देकर एक अनूठी मिसाल कायम की है। वह आपका धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा है कि इस दौरान सभी धर्मों के लोगों को हिंदू भाइयों को धन्यवाद देना चाहिए कि वह ऐसा एक पवित्र काम करने जा रहे हैं।

    ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि मुस्लिमों की इस पाक काम में आस्था है। क्योंकि इस्लाम भी पैगंबरों को मानता है और राम भी एक पैगंबर थे। उन्होंने देश को और दुनिया को मर्यादा में रहना सिखाया।

    गौरतलब है कि पांच अगस्त को अयोध्या में होने वाले भूमि पूजन समारोह में पहुंचने वाले मेहमानों की सूचि तैयार हो गई है. इसमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं के साथ बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में मुख्य मुद्दई में से एक, बाबा रामदेव और देशभर के कई संतों को आमंत्रित किया गया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित किए जा रहे इस भूमि पूजन समारोह में आने के लिए मुहर लगा दी है।

    ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुस्लिम नेताओं को भी आमंत्रण भेजा है, जिसमें उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ज़फर फारूक़ी और यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वासिम रिज़वी भी शामिल हैं।

  • राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने Aimf की मांग पर सभी धर्मों के लोगों को आमंत्रण देकर भाईचारे का संदेश दिया : आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रेंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि राम जन्मभूमि शिलान्यास समारोह में ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रेंड की मांग पर राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने सभी धर्मों के लोगों को आमंत्रण देकर देश में एक भाईचारे की मिसाल कायम की है इससे देश में जहां भाईचारा बढ़ेगा तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना भी लोगों में बढ़ती रहेगी उन्होंने राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट को धन्यवाद देते हुए एक पत्र लिखा है। और कहा है कि आपने ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रं ट की मांग पर मुस्लिमों सहित सिख इसाई सभी धर्मों के लोगों को इस पवित्र काम में आमंत्रण देकर एक अनूठी मिसाल कायम की है। वह आपका धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा है कि इस दौरान सभी धर्मों के लोगों को हिंदू भाइयों को धन्यवाद देना चाहिए कि वह ऐसा एक पवित्र काम करने जा रहे हैं।

    ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि मुस्लिमों की इस पाक काम में आस्था है। क्योंकि इस्लाम भी पैगंबरों को मानता है और राम भी एक पैगंबर थे। उन्होंने देश को और दुनिया को मर्यादा में रहना सिखाया।

    गौरतलब है कि पांच अगस्त को अयोध्या में होने वाले भूमि पूजन समारोह में पहुंचने वाले मेहमानों की सूचि तैयार हो गई है. इसमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं के साथ बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में मुख्य मुद्दई में से एक, बाबा रामदेव और देशभर के कई संतों को आमंत्रित किया गया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित किए जा रहे इस भूमि पूजन समारोह में आने के लिए मुहर लगा दी है।

    ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुस्लिम नेताओं को भी आमंत्रण भेजा है, जिसमें उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ज़फर फारूक़ी और यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वासिम रिज़वी भी शामिल हैं।

  • ईद मुबारक हो लेकिन 2 गज दूरी का भी साथ हो: आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली: आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए मुस्लिम समुदाय से ईद की नमाज़ आपसी दूरी बना कर अदा करने की अपील की हैं। उन्होंने कहा कि नमज़ कहीं भी अदा करें लेकिन मास्क लगा कर अदा करें। यह पहरेज़ दरअसल कोरोना की दवा है। ऐसा करके कोरोना संक्रमण से बच जा सकता है। और दूसरों को बचाया जा सकता है।

    उन्होंने यहाँ जारी बयान में कहा है कि कोरोना से भारत दुनिया मे तीसरे स्थान पर पहुँच चुका है। इसके संक्रमण के 60 लाख से अधिक लोग ग्रसित हैं और  दिल्ली में ही 1 लाख 34 000 मामलों में होने वाली मौतों की संख्या 4 हज़ार पार कर चुकी है।

    देश के जीवन के सामने कोरोना बड़ी चुनौती है।  कोरोना वारियर्स भी लगातार इसके शिकार बन रहे हैं। ऐसी स्तिथि में सभी लोगों को बचाव के उपायों पर सख्ती से अमल करना होगा। ईद के मौके पर मस्जिद के इमाम साहेबान को कोरोना से मुक्ति दिलाने की दुआ के साथ सभी लोगों को कोरोना से बचने की हिदायत देनी चाहिए।

    उन्होंने कहा इस संबंध में हमें सरकार व पुलिस के दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। हुजूम से बचने के लिए अपने आने घरों में भी नमाज़ अदा कर सकते हैं।  उन्होंने कहा कि कुर्बानी कुछ तरह से दे कि किसी पड़ोसी को तकलीफ न हो।

    लोगों की भावनाओं के सम्मान के साथ साफ सफाई का पूरी तरह से ख्याल रखें।  कर्फ्यू के समय का पालन करें। अमनोअमन बनाये रखें।

  • आत्मनिर्भर बनाने और चीन को पीछे करने के लिए सरकार 5 राज्यों में बनाए इलेक्ट्रॉनिक हब : आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली :   ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। की प्रधानमंत्री मोदी को देश आत्मनिर्भर बनाने और लोगो की चीन पर निर्भरता कम करने साथ ही देश में रोजगार देने के लिए 5 राज्यो में इलेक्ट्रॉनिक हब बनाने होगे।इससे जहां एक ओर भारत आत्मनिर्भर होगा तो वहीं दूसरी ओर देश के लोगो को रोजगार भी मिलेगा।

    आसिफ ने कहा कि हमारी पार्टी मांग करती है भारत सरकार को चाहिए पांच या छह इलेक्ट्रॉनिक हब बनाया जाए जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सामान का उत्पादन हो । उसका निर्माण हो आज भी हम चाइना से इलेक्ट्रॉनिक के मामले में 25 साल पीछे हैं इसको देखते हुए हमें इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे एलईडी लाइटिंग एलईडी टीवी अन्य सामान स्कूटर में जो लगते हो इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और कारों में जो इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स लगते हो इसका निर्माण भारत में हो मेरी सरकार से मांग है कि पांच राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक हब बनाए जाए जिससे वहां के लोगों को रोजगार मिले और काम धंधा बढ़ सके आज तक हम करोड़ो अरबो रुपए का चाइना से इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात करते थे अब उस पर सरकार ने कड़ी रोक लगाई हुई है। इसको देखते हुए भारत को चाहिए कि पांच राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक हम बनाए गए उसमें प्रमुख उत्तर प्रदेश का झांसी जिला छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला और महाराष्ट्र का अमरावती और आंध्र प्रदेश का उसकी राजधानी के पास अमरावती जो विशाखापट्टनम के पास है इनके आसपास हवाई अड्डे भी है और सीधे मेल की कनेक्टिविटी।

    यहां के लोगों को रोजगार मिले मेरी पार्टी सरकार से मांग करती है सभी राज्य सरकारों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कि जाए। की आप के पांचों राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक हब बनाया जाए जिससे हजारों लाखों आदमियों को सीधा रोजगार मिल सके उनको नौकरी और भी मिलेंगी काम धंधे भी अगर एक फैक्ट्री बनती है उसके साथ पांच साथ जुड़ी हुई फैक्ट्रियों का का काम भी होता है उसमें सैकड़ों मजदूर काम भी करेंगे हमारे युवा जो विज्ञानी है और इलेक्ट्रीशियन है और इलेक्ट्रॉनिक का काम जानते हैं उनको बढ़ावा भी मिलेगा रोजगार भी हम लाखों करोड़ों रुपया हमारे को बचेगा भी जो घरेलू उत्पाद में हमें बचत होगी हम इलेक्ट्रॉनिक हब बनाकर इलेक्ट्रॉनिक सामान को चाइना के मुकाबले में हम भी इसे विदेशों में निर्यात कर सकेंगे यह जो सभी राज्य जैसे उत्तर प्रदेश देश महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ है इनसे रेलमार्ग और वायु मार्ग भी जुड़ा हुआ है मैं सभी मुख्यमंत्रियों से भी अपील करूंगा कि यहां पर इलेक्ट्रॉनिक जल्द से जल्द बनाया जाए।

  • नई शिक्षा नीति (NEP) का ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट समर्थन करती है : आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली: ऑल इण्डिया माइनॉरिटी फ्रंट भारत सरकार की नई शिक्षा नीति (NEP) का समर्थन करती है। आसिफ ने कहा देश हित में हम इस नीति का स्वागत करते है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में बड़े सुधार के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को नई शिक्षा नीति (NEP) को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य एजुकेशन सिस्टम को पूरी तरह बदलना है। अब उच्च शिक्षा के लिए एक ही नियामक संस्था होगी। हालांकि, त्रिभाषा फॉर्मूला को जारी रखा गया है। इसके अलावा मानव संसाधन मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है।

    केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इसकी घोषणा की। नया अकादमिक सत्र सितंबर-अक्टूबर में शुरू होने जा रहा है और सरकार का प्रयास पॉलिसी को इससे पहले लागू करने का है।कुछ राज्यों में हिंदी को लागू किए जाने को लेकर चिंता है, लेकिन एचआरडी मंत्रालय ने इसे दूर करने का भरोसा दिया है। शिक्षा क्षेत्र के सुधारों की पीएम मोदी की ओर से समीक्षा के बाद सरकार ने कहा था कि सरकार का उद्देश्य सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा में सुधार लाना है। एक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम लाया जाएगा जिसका फोकस कई भाषाओं, 21वीं सदी की कुशलता, खेल और कला आदि के समावेश पर होगा।

    स्कूली और उच्च शिक्षा में टेक्नॉलजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा की गई थी। हालांकि, अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि क्या मसौदे में कोविड 19 संकट से मिले सबक को भी शामिल किया गया है।

  • कश्मीरी पंडितो को बसाए सरकार,दे कश्मीर में सरकारी नौकरी

    sm-asif-picनई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। की केंद्र सरकार को अब बगैर देरी किए कश्मीरी पंडितो को कश्मीर में बसाने का काम शुरू कर देना चाहिए। साथ ही पंडितो के लिए कश्मीर में सरकारी नौकरी भी उनको दे।

    आसिफ ने कहा कि जब से केंद्र सरकार ने धारा 370 और 35-A को हटाया है और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया है, तबसे यहाँ रहने वाले विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवारों की घर वापसी के सवाल पर फिर से नई बहस छिड़ गई है।

    ऐसा नहीं है कि ये कश्मीरी पंडित विस्थापित अपने-अपने घरों को नहीं लौटना चाहते. लेकिन ये पूछते हैं- हमारी सुरक्षा की कौन गारंटी देगा और वापस लौटकर हम अपनी रोज़ी रोटी कैसे कमाएंगे?

    इन विस्थापित परिवारों के दिलों में गुस्सा भरा पड़ा है और साथ ही सरकार के इस फ़ैसले से उनके अन्दर एक बार फिर एक नई उम्मीद जगी है. उन्हें लगता है कि शायद इस बार वे अपनी ज़मीन पर लौट सकें। इसलिए ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट मांग करती है। की कश्मीरी पंडितो को केंद्र सरकार तुरंत कश्मीर में बसाने की कार्यवाही करे।

  • डीएवीपी की नई विज्ञापन नीति,प्रेस पर सेंसरशिप वापिस ले सरकार : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : डीएवीपी ने एक बार फिर अपनी विज्ञापन नीति को बदल कर यह जाहिर कर दिया है। की अब देश में सरकार कि और से प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर दी है यह नीति पिछले 3 सालो में दूसरी बार बदली गई। यह प्रेस की आज़ादी का गला घोंटने के समान है।

    सरकार इसको तुरंत वापिस ले नहीं तो प्रेस की आज़ादी के लिए ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट आंदोलन करेगी। यह कहना है। ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ का उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद हे की जिन लघु और मध्यम समाचार पत्रों ने देश की आज़ादी से लेकर आज तक लोकतंत्र की आवाज को जिंदा रखा आज उन्हीं का गला नई और दमनकारी विज्ञापन नीति बनाकर घो टा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने विज्ञापन नीति बनाकर अंको की और एजेंसी लेने की शर्ते थोपी गई जब उनको भी पूरा किया गया तो सरकार ने अब ऐसी दमनकारी नीति बना दि जिससे कि देश में लघु और मझौले अख़बार बंद ही हो जाए।यह ग़लत है।

    सरकार ने अगस्त 2020 से जिस नई विज्ञापन नीति को लागू करने की बात की हे उसके पैरा 12.1 के अन्तर्गत किया गया संशोधन पूरी तरह से काला कानून है।और यह प्रेस की आज़ादी को खतरे में डालता है।

    आसिफ ने कहा कि यह तो एक तरह से देश से लघु और मझौले अख़बार को समाप्त करने की सोची समझी चाल है। जिससे प्रेस की आज़ादी के साथ लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी टूट कर गिर जाएगा।

    आसिफ ने कहा कि उनकी पार्टी की मांग है कि सरकार अपने इस दमनकारी फैसले को तुरंत वापिस के।

  • मुस्लिमों को भी बुलाया जाए राम मंदिर निर्माण में : आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली : अयोध्या  में श्रीराम दरबार के सजने की शुभ घड़ी आ गई है. इंतजार 5 अगस्त का है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अयोध्या जाएंगे और राम मंदिर (Ram Temple) का शिलान्यास करेंगे।

    पीएम मोदी मंदिर की पहली ईंट रखेंगे और मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा। इस पर ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। की राम जन्म भूमि ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिमो को भी इस पाक काम में आमंत्रित करना चाहिए। क्योंकि राम किसी एक के नहीं बल्कि पूरी दुनिया के है। राम सभी के है इसलिए राम मंदिर निर्माण में मुस्लिमो को भी आमंत्रित करना चाहिए।

    आसिफ ने कहा कि देश में भगवान का मंदिर बने और उससे देश के एक समुदाय को अलग कर दिया जाए यह उचित नहीं है। मुस्लिम भी पैगंबरों में आस्था रखते है।और राम भी भगवान विष्णु के ही अवतार थे।और उन्होंने लोगो को मर्यादा में रहना सिखाया।

    आसिफ ने कहा कि ऐसा करने से देश की धर्मनरपेक्षता की छवि को और बल मिलेगा साथ ही लोगो में भाई चारा भी होगा। गौरतलब है कि राम मंदिर के शिलान्यास का मुहुर्त तय हो चुका है।

    सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर की नींव 15 फीट गहरी होगी. इसमें 8 परत होंगी और हर परत 2-2 फीट की होगी. नींव में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा. इसे सिर्फ कंक्रीट और मोरंग से तैयार किया जाएगा. रामलला का मंदिर 10 एकड़ में बनेगा. बाकी 57 एकड़ भूमि में राम मंदिर परिसर होगा. मंदिर परिसर में नक्षत्र वाटिका बनाई जाएगी. नक्षत्र वाटिका में 27 नक्षत्र के वृक्ष लगाए जाएंगे।