• नेताजी का जन्म दिन मनाया – डॉ आसिफ ने कहा नेताजी के मार्ग पर चलें आजादी अभी अधूरी

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के मुख्यालय में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म दिन उल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने उपस्थित पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नेताजी के सपने अभी पूरे नहीं हुए हैं, उन्होंने जैसे आजाद भारत की कल्पना की थी व अभी अधूरी है। उन्होंने कहा कि पूरी आजादी के सपनों को पूरा करने के लिए हमें अभी बहुत कुछ करना है।

    उन्होंने कहा कि देश के सामने अभी यह रहस्य बना हुआ है कि नेताजी की मौत किन्ही स्वाभाविक कारणों से हुई या उसके पीछे कोई षडयंत्र था। डॉ आसिफ ने कहा कि 75 वर्षों से यह रहस्य बना हुआ अनेक जांच कमेटियां बनी लेकिन किसी भी जांच समिति ने उनकी मौत के रहस्य से पर्दा नहीं हटाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायदा किया था कि वे नेताजी की मौत की जांच पर आई रिपोर्ट को सार्वजनिक कर देंगे। उम्मीद थी की देश के सर्वप्रिय नेता सुभाष बाबू की मौत का रहस्य साफ हो जाएगा लेकिन अभी तक मोदी जी भी इस काम को करने में सफल नहीं हुए है। नेताजी के जन्मदिसव उत्सव में अनेक अन्य नेताओं ने भी अपने उदगार व्यक्त किए।

  • मोदी जी पराक्रम दिवस पर सुभाष बोस की मौत का रहस्य खोलेंगे -डॉ आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को  बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत पर बने रहस्य पर्दा उठाएंगे। पराक्रम दिवस के अवसर पर देश और खासकर बंगाल की जनता को इस रहस्य उद्घाटन का इंतेज़ार है।

    आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सय्यद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि आज़ाद हिंद फौज के नायक और अदम्य साहस के प्रतीक सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से 75 साल बाद भी पर्दा नहीं उठा है। प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह उनकी मौत से जुड़ी सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करके सुभाष बाबू की मौत कहाँ,कैसे और कब हुई इस रहस्य को उजागर कर देंगे। मोदी ने तब यह आरोप भी लगाया था कि सुभाष बाबू की मौत को सत्ता में बैठे लोग जानबूझ कर रहस्य बनाये हुए हैं।
    डॉ आसिफ ने कहा कि वायदा पूरा करने वाले प्रधान मंत्री  से अपने वचन को पूरा करेंगे। उनके द्वारा रहस्य खोले जाने से  बंगाल सहित पूरे देश को संतुष्टि मिलेगी और पता चल जाएगा कौन वह शत्रु देश है जिसने हमारे सर्वप्रिय स्वतंत्रता के नायक के विरुद्ध मौत का षड्यंत्र रचा था।

    डॉ आसिफ ने कहा कि 8 अगस्त 1945 को नेताजी हवाई जहाज से मंचुरिया जा रहे थे और इसी सफर के बाद वो लापता हो गए। जापान की एक संस्था ने 23 अगस्त को ये खबर जारी किया कि नेताजी का विमान ताइवान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिस कारण उनकी मौत हो गई थी। जबकि सच इससे अलग है।

    नेताजी की रहस्‍यमय मौत, प्लेन क्रैश पर शक के साथ-साथ एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर जापान में रखी अस्थियां वाकई नेताजी की हैं तो उन्हें अबतक भारत क्यों नहीं लाया गया? इस  रहस्य से भी पर्दा उठना ज़रूरी है।

    उन्होंने बताया कि तथ्यों के मुताबिक 18 अगस्त, 1945 को नेताजी हवाई जहाज से मंचुरिया जा रहे थे और इसी सफर के बाद वो लापता हो गए। हालांकि, जापान की एक संस्था ने उसी साल 23 अगस्त को ये खबर जारी किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का विमान ताइवान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई थी। लेकिन इसके कुछ दिन बाद खुद जापान सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि, 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में कोई विमान हादसा नहीं हुआ था। इसलिए आज भी नेताजी की मौत का रहस्य खुल नहीं पाया।

    उनका अवशेष टोक्यो पहुंचाया गया, जहां सितंबर 1945 से ही उनके अवशेष रेंकोजी मंदिर में रखे हुए हैं। जापान से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों को अब तक भारत क्यों नहीं लाया गया है, इस पर अलग-अलग सरकारें अलग-अलग वजह गिनवाती रही हैं।

  • मोदी जी बताएं अर्नब गोस्वामी तक संवेदनशील सूचनाएं कैसे पहुंचीं- डॉ एस एम आसिफ

    IMG_4432आज देश की इतनी संवदेन शील गोपनीय जानकारी एक तथाकथित  पीत पत्रकारिता करने वाले की गोदी मीडिया के स्वयं भ . अधिनायक  अर्नव तक कैसी पहुँच जाती है। जो सुचनाएँ प्रधान मंत्री ‘ रक्षा मंत्री रक्षा के उच्च आला अफसर तक कीसीमाओं के भीतर रहना चाहिए वह एक खबरिया चैनल के मालिक व एंकर को मिलना / तथा अपने हम राज दोस्त को ब्हाष्ट एप चैट मे शेयर करना है क्या यही 6 4 ” का सीना वाले देश के सच्चे चौकीदार की देश के मंदिर की चौखट  पर अपना माथा टेकते हुए सपथ का हिस्सा है। ना खाऊ गा ना खाने दुँगा । क्या इसका जबाब देश के सच्चे देश भक्त की यही पहचान है। माइनोरिटीज फ्रन्ट के संस्थापक अध्यक्ष डा० एस एम आशिफ ने देश की जनता की तरफ से प्रधान मंत्री / रक्षा मंत्री / सुचना प्रसारण मंत्री से यह सवाल पूछा है कि आज कल समाचार पत्र की सुखियाँ / टी ० वी चैनल मे चल रहे समाचार मेरिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की  व्हाट्सऐप चैट्स  पर उठे अति गंभीर सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए। आल इंडिया माइनॉरिटीज़ फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि यह मामला देश के लिए अतिसंवेदनशील और भारत की सुरक्षा से जुड़ा है।

    उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि जो बातें अर्नब की चैट में सामने आई हैं, वह गुप्त सूचनाएं उन तक कैसे और क्यों पहुंची यह जानना देश के नागरिकों काअधिकार है।
    उन्होंने कहा कि अर्नब को दो साल पहले बालाकोट में किए गए हमले की पहले से ही जानकारी थी। इतनी सेंसिटिव बातें अर्नब को कैसे पता चलीं यह बड़ा सवाल है।

    डॉ आसिफ ने कहा कि अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO पार्थ दासगुप्ता के जो चैट्स वायरल हुए हैं। वह तमाम जानकारी मोदी जी को अब तक मिल चुकी होंगी।

    चैट्स में बालाकोट और पुलवामा के बारे में भी जिक्र किया गया है।  उन्होंने यह भी कहा है कि अर्नब गोस्वामी को भी यह स्पष्ट करना चाहिए ये जानकारियां उन्हें कहाँ से मिलीं और वे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ न करें। जिस तरह से  वे कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी व अन्य नेताओं के सवालों का जवाब देने के बदले उल्टे उन पर लांछन लगा रहे है वह निंदनीय है और पत्रकारिता की नैतिकता के विरुद्ध है।

  • देशी कोरोना वैक्सीन पर संशय निराधार-कोई राजनीति न करे- आसिफ

    कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए सबको एक साथ खड़ा होना होगा

    IMG_4432नई दिल्ली। अपने साइंटिस्टों पर भरोसा किया जाना चाहिए उनकी अथक मेहनत से कोरोना वैक्सीन बनी है। इसे लेकर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने यह बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार को अपनी तरफ से इस वैक्सीन पर प्रकट की जाने वाली शंका व संशय का संतोषजनक जवाब देना चाहिए ताकि इस महामारी को जड़ से खत्म करने का प्रचण्ड अभियान कामयाबी तक पहँचे।

    जनाब आसिफ ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और योग गुरु रामदेव का वैक्सीन न लगवाने का बयान बचकाना और देश के नागरिकों को गुमराह करने वाला है। स्वदेशी की हिमायत करने वाले इन महानुभावों को वैक्सीन का स्वागत करना चाहिए । उनके ऐसे बयानों से जनता भ्रमित होती है। विपक्ष दलों का केवल इसलिए विरोध ठीक नहीं है चंूकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की घोषणा कर दी है। भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एला ने भी टीके पर हो रही राजनीति पर अपनी आपत्ति दर्ज की है।

    आसिफ ने कहा  कि अखिलेश यादव, योगगुरु राम देव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वैक्सीन न लगवाने की आपत्तियों में राजनीति नजर आती है। प्रधानमंत्री खुद को यह वैक्सीन लगवाकर देश और दुनिया को एक स्वस्थ संदेश दे सकते हैं। विरोध के स्वर उठाने वालों को भी आगे आकर देशी वैक्सीन को आगे बढ़ाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों ने भी वैक्सीन बना ली है। हमें अपने अविष्कार और शोध पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार विधान सभा में कांग्रेस के नेता अजीत शर्मा को यह जिद नहीं करनी चाहिए कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश में सबसे पहले इस वैक्सीन को लगवाएं।

  • ठिठुरती सर्दी में खूबसूरत ज्वेल्स की मदमस्त शाम

    विभिन्न क्षेर्त्रो के जाने माने लोगों को दिए अवार्ड
    पुरानी नई प्रतिभाओं के जलवे बच्चों ने की कैट वाक

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    नई दिल्ली। कोविड-19 कुहासे की बंदिश और दूसरी तरफ कडक़ती सर्द शाम थी, रविवार की उस शाम को खूबसूरत ज्वेल्स ऑफ इंडिया अवॉर्ड की मदमस्त कर देने वाली संध्या ने मन मस्तिष्क को नए उत्साह से सराबोर कर दिया। राजधानी की न भुलाई जाने वाले इस शाम में अनेक उभरते नए सितारों ने अपनी अदाकारी के जहां जलवे बिखेरे वहीं हसीन शख्शियतों ने अपने गीत संगीत से मौजूद लोगों का मन मोह लिया।

    समारोह की शुरुआत कार्यक्रम के चीफ गेस्ट जाने माने सम्पादक -पत्रकार डॉ.एस एम आसिफ तथा अन्य सम्मानीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित की। नृत्य संगीत और अपनी कैट वाक से खूबसूरत युवक युवतियों ने अपनी अदावों के जलवों से मन मोह लिया। मंच पर अरैबिक अन्दाज में महिलाओं की अदाएं इन अदाओं में तीन वर्ष से लेकर बड़ी उम्र तक  के पुरुषा स्त्रियों ने अपनी अदाकारी के अन्दाज से लोगों की धडक़ने तेज की।

    कलाकारों ने इस अवसर पर आजात के जादूगर मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के गीतों का गाकर आयोजन को कार्यक्रम की रोनक में चार चांद लगा दिए।

    कार्यक्रम में सम्मानीय मेहमान के तौर पर आर के कटारिया, एम ए रहमान, एमएस दिशा दामा, और शाह जमाल ने  विभिन्न क्षेत्रों के स्थापित व्यक्तियों को मुख्य अतिथि डॉ. एस एम आसिफ के साथ अवार्ड प्रदान किए। कार्यक्रम के सहयोगी अल कदम टूर एंड ट्रैवल्स, लांगल इनटरनेशनल और भल्ला इन्टरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड संस्थनों के प्रतिनिधी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम को रंग और आकार देने का काम नायरा पाल , टिकटाकर नबील, फैशन कोरियोग्राफर वसीम शाह, डांस कोरियोग्राफर पवन कुमार जैसे अनेक कलाकारों ने अपना भरपूर योगदान देकर कार्यक्रम के सराहनीय बना दिया।

    अवार्ड कार्यक्रम में डॉ. शाईस्ता नीलोफर को कोरोना काल में उनकी महती समाज सेवा, के लिए, एमएस शकीबा उमर को महिला उद्यमी के तौर पर, पत्रकार हबीब अख्तर ,श्रीकांत भाटिया, सहित अनेक अन्य प्रतिष्ठिïत व्यक्तियों को खूबसूरत ज्ेवल्स आफ ईडिया ने अवार्ड प्रदान किए। कार्यक्रम में नई उभरती प्रतिभावों को भी सम्मान प्रदान किया गया। निक्की बवेजा ने कार्यक्रम का संचालन ने दर्शकों और कलाकारों को अपने साथ बांधे रखा।

  • आसिफ का डॉ. फारुख ने अभिनंदन किया

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    नई दिल्ली। हिमालया हेल्थ केअर एंड मेडिसिन के निदेशक डॉक्टर फारूख ने आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ को बंगलुरू विश्वविद्यालय द्वारा पत्रकारिता के  क्षेत्र में महती योगदान के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान किये जाने पर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने आसिफ को साफा बांधकर गुलदस्ता भेंट किया। जनाब आसिफ अंग्रेज़ी हिंदी और उर्दू भाषा में छपने वाले   अखबारों के समूह संपादक हैं  राजनैति में सक्रिय रहने के साथ वे सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देते रहते हैं।

  • *अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जयंती पर किशोरी लाल फाउंडेशन’ द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत योजना’ कार्यक्रम*

    # पीआर शिक्षा एवं समाज सेवा के लिए सम्मानित हुए शिक्षाविद मनोज शर्मा 
    # वरिष्ठ पत्रकार शैलेश तिवारी को कोरोना योद्धा सम्मान 
    # पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि मुख्य अतिथि 
    # दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित हुआ आत्मनिर्भर भारत योजना कार्यक्रम 

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    नई दिल्ली:  पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जन्मजयंती के अवसर पर ‘किशोरी लाल फाउंडेशन’ द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत योजना’ के तहत एक सेमिनार का आयोजन किया गया। शुक्रवार को श्रद्धेय श्री अटल जी की स्मृति में दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में आयोजित इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट लोगों को कोरोना काल में समाज के प्रति किये गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

    इस कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री नागमणि ने मुख्य अतिथि के तौर हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, ‘एक प्रखर वक्ता, कुशल प्रशासक और राजनेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए मैं उन्हें याद करता हूँ। उनकी दूरदर्शिता के बल पर भारतीय संस्कृति और विज्ञान के मेल ने दुनिया को चकित कर दिया था। वसुधैव कुटुम्बकम के प्रबल चिंतन को अपनी आत्मा में पिरोय उन्होंने पोखरण में परीक्षण कर देश के करोड़ों लोगों को आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया था।”

    इस आयोजन पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे दिल्ली प्रदेश भाजपा पर्वतीय प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन राणा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की जो योजना है हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की देन है ,और उन्होंने लोगों को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की है।यह सभी उपस्थित लोगों का तहे दिल से आभार प्रकट करते हुए, किशोरी लाल फाउंडेशन के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा व वरिष्ठ पत्रकार व फाउंडेशन सचिव अमर चंद का भी आभार प्रकट करता हूं कि मुझे आज उन्होंने आप सबके बीच आने का मौका दिया। इस आयोजन के अवसर पर वरिष्ठ एस एम पत्रकार आसिफ, ने कहा कि भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना आमजन को रोजगार उपलब्ध कराने की एक सराहनीय योजना है। उन्होंने इस अवसर पर किशोरी लाल फाउंडेशन के सभी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं एवं हॉल में पहुंचे अतिथियों का दिल से आभार प्रकट किया।

    फाउंडेशन के चेयरमैन श्री कुलदीप शर्मा ने इस कार्यक्रम में आये विशिष्ट आगंतुकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार और किशोर लाल फाउंडेशन के सचिव अमरचंद ने कहा कि संस्था समय-समय पर सरकार की विभिन्न योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करती रहती है ।उन्होंने इस मौके पर पहुंचे सभी अतिथियों का दिल से आभार प्रकट किया। इस कोरोना काल के समय में भी आप लोगों ने समय निकालकर कार्यक्रम को सफल बनाने में जो सहयोग दिया है उसका हम दिल से धन्यवाद प्रकट करते हैं।

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    जन सम्पर्क और समाज सेवा के क्षेत्र में अतुल्यनीय योगदान देने के लिए शिक्षाविद श्री मनोज कुमार शर्मा को आत्मनिर्भर भारत योजना अवार्ड से पुरस्कृत किया गया। मीडिया को संबोधित करते हुए श्री मनोज शर्मा ने कहा, “आज अटल जी के जन्मदिवस पर ऐसे गणमान्य महानुभावों से सम्मान पाकर आह्लादित हूँ। ये सम्मान हमें समाज के प्रति जागरुक और सजग बनाती हैं ताकि हम सतत सामाजिक कार्यों को जारी रख सकें। अटल जी की स्मृतिशेष आने वाले युगों-युगों तक पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।”

    वरिष्ठ पत्रकार श्री शैलेश तिवारी को कोरोना काल में उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए ‘कोरोना योद्धा’ सम्मान से सम्मानित किया गया। श्री शैलेश ने कहा, “कोरोना महामारी ने हमारी चेतना को जागृत किया है। दुनिया मे फैली इस बीमारी से पनपे अंधेरे को मिटाने का उपाय करुणा, त्याग और सेवाभाव है। ये सेवाभाव स्वर्गीय श्री अटल जी के पदचिन्हों पर चलकर लाया जा सकता है। आज इस समान को पाकर मुझे मेरे हिस्से की निहित ज़िम्मेदारी का एहसास हो रहा है जिसका मैं सतत निर्वहन करता रहूँगा।” इस कार्यक्रम का संचालन बड़े कुशलतापूर्वक वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत भाटिया ने किया उन्होंने इस अवसर पर सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना पर अपने विचार रखे और संस्था के पदाधिकारियों एवं मुख्य अतिथियों का दिल से आभार प्रकट किया।

    समारोह के समापन में फाउंडेशन के चेयरमैन श्री कुलदीप शर्मा ने कहा, “यहाँ पर उपस्थित सभी विभूतियों का बहुत आभार। आज अटल जी के 96वीं अवतरण दिवस पर हम उनके विचारों का ध्यान करते हुए, इस देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आह्वान करते हैं और साथ ही ये आशा करते हैं कि आने वाला साल नई उम्मीद व ऊर्जा लेकर आये।”

    किशोरीलाल फाउंडेशन द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित आत्मनिर्भर भारत योजना कार्यक्रम में समाज के उन लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने कोरोना काल के दौरान किसी न किसी रूप में मदद की है सम्मानित सदस्यों में श्री शैलेश तिवारी, श्रीकांत भाटिया ,शहजाद अख्तर(, सभी वरिष्ठ पत्रकार); एम के सैफी ,वीणा राय रोशनी बिष्ट,वरिष्ठ सी ए फरीद अहमद खान, उमेश चंद गोयल सीए,मनोज शर्मा जनसंपर्क अधिकारी ,नलिनी रंजन, एके सेन ,जगदंबा सिंह, उत्तराखंड के लोक गायक मुकेश कठैत, संगीता रावत,वरिष्ठ पत्रकार दीप कुमार, इत्यादि लोगों को उनके द्वारा की गई उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

  • अल्पसंख्यकों का साझा राजनीति दल बनाने को हम तैयार- डॉ. आसिफ

    मुस्लिम इत्तेहाद के प्रयास के लिए बाटलीवाला का आभार- माइनॉरिटी फ्रन्ट

    IMG_4432नई दिल्ली। देश के सामाजिक राजनैतिक बदलाव में अभूतपूर्व अपने योगदान के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि । से बैंगलुरु विश्वविद्यालय से सम्मानित आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ. एस एम आसिफ ने अल्पसंख्यक समाज का एक राष्ट्रीय दल का गठन भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए ज़रूरी है। इस संदर्भ में  आल इंडिया मुस्लिम महाज पोलिटिकल यूनिटी अभियान के संयोजक इस्माइल बाटली वाला की दरवाज़े दरवाज़े जाकर यूनिटी की कोशिशों की फ्रन्ट सरहना करता है। उन्होंने कहा उम्मीद है कि बाटलीवाला का यह अभियान सफल होगा और मुस्लिम समाज सत्ता में भागीदारी के लिए एक छाते के तहत संगठित होगा।

    डॉ. आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि संविधान प्रदत्त अधिकारों ने एस सी /एस टी समुदाय को सत्ता में भागीदारी दी है, लेकिन मुस्लिम समुदाय इस अधिकार से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि आर एस एस की अल्पसंख्यक विरोधी विचारधारा ने संसद और राज्य विधान सभाओं में मुस्लिम प्रतिनिधियों की संख्या को सीमित कर दिया है। इसके चलते शासन प्रशासन का संचालन एक खास मानसिकता से होने लगा है। जो देश और अल्पसंख्यकों के लिए घातक है। मौजूदा शासन ने अल्पसंख्यक समाज खासकर मुस्लिम समुदाय को बेबस कर दिया है।

    डॉ. आसिफ ने कहा कि बेबसी से मुक्ति  के लिए मुस्लिम राजनैतिक दल का गठन और उसके बैनर तले अब चुनाव में उतरना नितांत आवश्यक है।
    उन्होंने कहा कि माइनरटीज़ फ्रन्ट इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर तरह से तैयार है।

    उन्होंने कहा भारत के लोकतंत्र और भारत के संविधान की रक्षा के लिए सभी मुस्लिम संगठनों , दलों और बद्धिजीवियों को इस एकता के साथ लामबंद होना होगा। क्योंकि हमने सभी दल और नेताओं को परख लिया है ,वे आगे बढ़ते रहे और हम जहां के तहाँ ही नही और पीछे चले गए।

  • दिल्ली सरकार ने एक कृषि कानून को अधिसूचित कर मोदी के प्रति आस्था व्यक्त की थी:आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली।आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि अगर केंद्र सरकार के तीनों खेती किसानी कानूनों से ऐतराज़ है तो इन तीन में से एक ‘उत्पादन, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन एवं) कानून को 23 नवंबर, 2020 को दिल्ली में लागू किये जाने की अधिसूचना क्यों जारी की और बाकी दो कानूनों पर भी विचार करने की बात क्यों रखी।

    फ्रन्ट के बयान में आसिफ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में स्वीकार किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार मोदी सरकार द्वारा पारित किसान बिल का समर्थन करके गलती कर रही थी सीएम अरविंद ने  कहा वे अपनी गलती स्वीकार करते है।

    आसिफ ने कहा कि  मुख्यमंत्री अरविंद ने वास्तव में तीन किसान विरोधी बिल में से एक को समाप्त करने की अधिसूचना को वापस लिए बिना पश्चाताप व्यक्त किया, जिसने यह साबित कर दिया कि किसानों के प्रति उनकी सभी सहानुभूति  केवल एक नाटक था।
    उन्होंने कहा कि केजरीवाल अपने दोनों हाथों में लड्डू रखना चाहते हैं। उनका यह नाटक किसान व देश की जनता को साफ साफ दिखाई दे रहा है। यह भी स्पष्ट है कि वे आंदोलनकारी किसानों को सरकारी नागरिक सुविधाएं दे रहे हैं वह  वास्तव में देश के हर नागरिक का अधिकार है। केजरीवाल सुविधाएं देकर किसानों पर अहसान जता रहे हैं। और उनका यह भी भरोसा नहीं कि वह कब अपनी बातों से  पलट जाएं।

    आसिफ ने कहा कि किसान आंदोलन की जीत निश्चित है। इसलिए केजरीवाल पर वे तनिक भरोसा भी न करें।
    यह सकफ है कि मोदी सरकार का किसान विरोधी कृत्य किसानों के हित के लिए नहीं है बल्कि कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट्स को फायदा पहुंचाना है।

  • असम में गुरुकुल व मदरसों को बंद करना मुनासिब नहीं- आसिफ

    सरकार स्पष्ट करे गुरुकुल मदरसों  के शिक्षकों का क्या होगा

    home1नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटीज ने कहा है कि गुरुकुलों और मदरसों को बंद किये जाने का असम सरकार द्वारा लिया गया निर्णय गैर वाजिब और अलोकतांत्रिक है। ऐसा करना इन संस्थानों में शिक्षा पा रहे विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित में नहीं है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि  गुरुकुल व मदरसों में शिक्षा पा रहे लाखों विद्यार्थियों को कहाँ  दाखिला देगी और बेरोज़गार होने वाले शिक्षकों का वैकल्पिक काम व रोज़गार कौन सा होगा।

    आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा कि अरबी, उर्दू और संस्कृत भाषा पढ़ने पढ़ाने वाले पहले से अल्पसंख्य हैं , सरकार इन भाषाओं को पढ़ने पढ़ाने वालों को जाने अनजाने खत्म करने पर क्यों तुली है। ऐसा निर्णय अपनी भाषाओं का विरोध है और अंग्रेज़ी भाषा को बढ़ावा देने वाला है। मुस्लिम व हिन्दू समुदाय के प्रमुख धार्मिक ग्रंथ अरबी , उर्दू , हिंदी और संस्कृत भाषाओं  में हैं। सरकार को यह समझना चाहिए कि देश में संस्कृत व उर्दू भाषा लगातार हाशिये की ओर धकेली जा रही है। इन भाषाओं को संरक्षण देने के बदले असम सरकार इनका गला घोंटने पर आमादा है।
    जनाब आसिफ ने कहा कि असम सरकार गुरुकुल व मदरसों को बंद किये जाने से संबंधित विधेयक को विधान सभा में पेश किए जाने से पहले सभी गुरुकुलों और मदरसों को विश्वास में ले।

    आसिफ़ ने बताया कि असम विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 दिसंबर से शुरू होने वाला है. जिसमें असम सरकार  मदरसा और संस्कृत स्कूलों से जुड़े मौजूदा कानूनों को वापस ले लेगी। इसके लिए राज्य विधानसभा के अगले सत्र में एक विधेयक लाएगी। सरकार कहती है कि धार्मिक शिक्षा के लिए सरकारी फंड ख़र्च नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार मदरसा शिक्षा बोर्ड, असम को भंग कर देगी। असम में 610 सरकारी गुरुकुल व मदरसे हैं और सरकार इन संस्थानों पर हर साल करीब 260 करोड़ रुपये खर्च करती है.