• फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ सभी राज्यों में वोट दें – डॉ आसिफ

    लोकतंत्र की रक्षा के लिए दीदी और धर्मनिरपेक्ष दलों की सरकार बनाएं- माइनॉरिटीज फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली । आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, असम में कांग्रेस गठबंधन, तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके गठबंधन केरल में वाम गठबंधन और पुड्डुचेरी में भाजपा विरोधी कांग्रेस नीत गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की है।

    पार्टी के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने राज्यों में अपनी पार्टी  के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि जहां फ्रंट के उम्मीदवार नहीं खड़े हैं, वहां वहां धर्मनिरपेक्ष दलों व गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में कार्य करें और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कार्य करें। फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहाँ लोकतंत्र बचने के लिये  ईवीएम की संभावित गड़बड़ियों पर नज़र रखना ज़रूरी है। अब पांचों जगह चुनाव प्रचार का शोर थम गया है। इन पांचों जगह मंगलवार को वोट डाले जाएंगे.

    डॉ आसिफ ने कहा कि सम्प्रदायिक दल एक ओर साम्प्रदायिक धुर्वीकरण की नाकाम कोशिश में जुटे हैं वहीं धन, बाहुबल, केंद्रीय सुरक्षा बल सहित चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इन दलों को लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान की भी परवाह नहीं है

    डॉ आसिफ ने कहा कि देश में लोकतंत्र बनाये रखने के लिए भाजपा को भगाना ज़रूरी हो गया । ये लोग टुकड़ों में देश को पूंजीपतियों के हाथों में बेच रहे है। जनता की जिम्मेदारी है कि वह देश को बचाने के लिए भारत विरोधी भजपा को हराये।

  • दहेज प्रथा नहीं रोकी तो मुसलमान समुदाय बर्बाद हो जाएगा – डॉ आसिफ

    न दहेज दीजिये न दहेज वाली शादियों में शामिल हों – माइनोरिटीज फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली । आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने मुस्लिम समाज से अनुरोध किया है कि वे देहेज लेने और देने वाले विवाह समारोह में न शामिल हों और शादियां शरियत के मुताबिक करें। समाज के जो सम्पन्न लोग हैं वे सादगी से शादी करें। फिजूलखर्ची को रोकें और उस धन का इस्तेमाल समाज में शिक्षा के स्तर को सुधारने में करने की पहल करें।

    ऑल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सय्यद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि दहेज के कारण आत्म हत्या करने वाली आयशा की बेबसी को समाज महसूस करे। ऐसी हत्याएं व आत्म हत्याएं मुस्लिम समाज  पर कलंक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि खुलेआम दहेज मांगा जा रहा है, दहेज का भोंडा प्रदर्शन हो रहा है। लडक़ी के मां- बाप -भाई भारी कर्ज में डूब रहे हैं। कर्ज और ब्याज चुकाते चुकाते कंगाल हो रहे हैं। लेकिन दहेज की लानत से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।

    डॉ आसिफ ने  कहा कि नमाज, रोजे , जकात, खैरात फितरा ही नहीं, बिना कुछ लिए और दिए निकाह करना भी मुसलमानों पर वाजिब है। इस्लाम में साफ साफ कहा गया है कि निकाह इस तरह से करें कि शादी लडक़ी के परिवार पर बोझ न बने। लेकिन इस वक्त सब कुछ उलटा हो रहा है।  आज मुस्लिम समाज में भी चकाचौंध भरी शादियां करने की हौड़ लगी हुई है. दहेज और शादियों के नाम पर लडक़ी वाले पर इतना बोझ डाल देना सिर्फ समाज के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के लिए एक बड़ा खतरा है.

    फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने कहा कि जबसे आयशा का मामला सामने आया है तभी से देशभर के उलेमा और इमामों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है. इसके खिलाफ तमाम उलेमा एकजुट होकर मुहिम चला रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दहेज रूपी यह बीमारी मुस्लिम समाज से खत्म होगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी कदम उठाया है. वैसे भी इस्लाम में जो लोग दहेज ले रहे हैं। वह शरीयत के कानून से वाकिफ नहीं हैं।

    डॉ आसफि ने बताया कि अल्लाह के रसूल की हदीस है कि जो लोग माल-ओ-दौलत की बुनियाद पर शादियां करते हैं, अल्लाह उन्हें गरीबी में मुब्तला करता है. कोई भी आदमी दुनिया में ऐसा नहीं है जो दहेज लेकर मालदार हो गया हो. बल्कि उनके घरों में गुरबतें आती है।

  • बंगाल में दीदी का साथ देंगे असम में कांग्रेस गठबंधन का समर्थन – डॉ असिफ

    एक महिला नेता उसे मंजूर नहीं यह है भाजपा का असली चेहरा – माइनोरिटीज फ्रं ट

    sm-asif-pic1नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरटीज फ्रंट ने बंगाल में  ममता दीदी की तृणमूल कांग्रेस  और असम में यूडीएफ कांग्रेस गठबंधन को समर्थन की घोषणा की है। साथ ही उनके पक्ष में चुनाव प्रचार का निर्णय लिया है। फ्रंट ने अपने स्थानीय नेताओं और कार्यकताओं को निर्देश दिया है कि बंगाल में जिन विधान सभा क्षेत्रों में उनकी पार्टी के उम्मीदवार नहीं हैं उन स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस और असम में कांग्रेस गठबंधन को तन मन धन से विजयी बनाने के लिए जुट जाएं।

    ऑल इंडिया माइनोरटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहां  जारी बयान में कहा है कि देश में लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए यह जरूरी हो गया है कि असम में कांग्रेस गठबंधन की सरकार बने और पश्चिम बंगाल में ममता दीदी एक बार फिर सत्ता में आएं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगीनों के बल पर चुनाव जीतना चाहती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। भाजपा धन और बल से हर कीमत पर यह चुनाव जीतना चाहती है। दोनों राज्यों के जागरूक मतदाता ऐसा नहीं होने देंगे।

    डॉ आसिफ ने  कहा कि  भाजपा साफ सुथरी छवि वाली मुख्यमंत्री  ममता बनर्जी को बर्दाश नहीं कर पा रही है। उसके विरोध में महिला विरोधी मानसिकता साफ साफ दिखाई दे रही है। भाजपा चुनाव जीतने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं । एक महिला को किस भाषा और किस लहजे में सम्बोधित करना चाहिए भाजपा को इस बात का भी इल्म नहीं है। एक राज्य में वह सीएए लागू करने की बात करती दूसरे राज्य इस बात को भूल जाती है। एक जगह एनआरसी को लागू करने को कहती है, दूसरी जगह उसे नहीं लागू करने की बात कहती है। उसका यह दोहरी दोगली मानसिकता का प्रतीक है।

    उन्होंने कहा बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हा रहा है। इसलिए जरूरी है कि मतदाता अधिक सतर्कता बरतें। मौलिक अधिकारों का हनन करने वाले तानाशाहों को जनता पहचान रही है। जनता को समझ में आ गया है कि भाजपा साम्प्रदायितका फैला कर देश और राज्यों का विकास रोक रही है। असम में मतदान के अवसर पर केन्द्रीय सुरक्षा बलों से मनमानी कराए जाने की संभावना प्रबल है। इसको रोकने के लिए जनता को सतर्क रहना होगा। डॉ आसिफ ने कहा कि हमें  भरोसा है कि असम में कांग्रेस गठबंधन और बंगाल में तृणमूल कांग्रेस जनता में सौहार्द और भाईचारा बनाए रखेगी। इसलिए देश और प्रदेश की $जरूरत है कि अमन पसन्द दल सत्ता में आएं। इसके साथ डॉ आसिफ ने भाजपा और केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि वे लोकतंत्र के मूल्यों को सुरक्षित रखने में मदद करें ,अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया गया तो जनता उन्हें इतिहास की टोकरी में फेंक देगी।

  • बेलगाम में माइनॉरिटीज़ फ्रंट के भाटिया बने उम्मीदवार।

    कर्नाटक संसदीय उपचुनाव में भाटिया मैदान में

    karनई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता ओंकार सिंह भाटिया को कर्नाटक में होने जा रहे बेलगाम संसदीय उपचुनाव में अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। माइनोरिटीज फ्रंट के युवा  फ्रंट की अध्यक्ष लुबना आसिफ ने भाटिया को पार्टी का टिकट शनिवार को प्रदान कर उनकी उम्मीदवारी का ऐलान किया।

    जनाब ओंकार सिंह भाटिया कर्नाटक के जानेमाने उद्यमी के साथ सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्हें राज्य की सिख पंगतों के साथ अन्य माइनोरिटीज संगठनों ने अपने समर्थन का वायदा किया है। भाटिया ने कहा कि हम भारत को बदलने और मौजूद शासन को चुनौती देने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। मौजूदा सरकार जनता का अपार समर्थन मिलने के बावजूद सबका साथ सबका विकास के मंत्र को जुमले में बदल चुकी है। लुबना आसिफ ने कहा कि किसानों , मजदूरों के अधिकारों का इस दौर में जितना हनन हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ। भाटिया जी की जीत दबे कुचलों की जीत होगी।

    बेलगाम संसदीय क्षेत्र पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश अंगदी के मृत्यु 23 सितंबर 2020 के बाद रिक्त हुआ है। 23 मार्च 2021 तक उपचुनाव की समस्त प्रक्रिया पूरी की जानी थी। उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 30 मार्च2021नामांकन का अंतिम दिन है।

  • बंगाल में पहले चरण के मतदान को रद्द कर दोबारा मतदान हो-माइनोरिटज फ्रंट

    जिसका अंदेशा था बंगाल में भी हो गई मतदान में धांधली- डॉ आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण में हुए मतदान में धांधली व अनियमितताओं पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा होना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतने की घंटी है। चुनाव आयोग को फौरन कड़े कदम उठाते हुए प्रथम चरण के चुनाव को रद्द कर शुक्रवार को हुए चुनाव की अगली तिथि घोषित करनी चाहिए।

    आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने ने यहां बयान जारी करते हुए कहा कि यह अफसोस की बात है कि देश का चुनाव आयोग एक विशेष पार्टी के प्रति झुका दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सुरक्षा बलों की पश्चिम बंगाल चुनाव में तैनाती होना कोई बुरी बात नहीं लेकिन सुरक्षा बल के जवान पार्टी विशेष के उम्मीदवारों के पक्ष में काम करें, यह गंभीर चिन्ता का विषय है। ऐसा होना देश में अधिनायकवाद की स्पष्टï आहट है। इसे हर कीमत पर रोका जाना चाहिए।

    जनाब आसिफ ने कहा कि मतदान केन्द्रों में मतदाता किसी एक पार्टी को वोट के लिए बटन दबाए और वह वोट दूसरी पार्टी के पक्ष में चला जाए? यह सरासर चुनाव को ईवीएम द्वारा मतों पर डाका डालना जैसा है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग तथ्य एवं सबूतों को नजर अन्दाज करे तो उच्च न्यायालय को इस मामले में स्वविवेक से हस्तक्षेप करना चाहिए। क्योंकि मतदान अगर निरपेक्ष रहेगा तब ही लोकतंत्र बचेगा।

    माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग अगर एक दूसरे की मदद करते दिखाई दे रहे हैं तो अदालत को सामने आना होगा लोकतंत्र की रक्षा के लिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और सरकारी मशीनरी का चुनाव में दुरुपयोग हर हाल में रोका जाना चहिए। अगर इसे रोका नहीं गया तो जनता सडक़ों पर उतर आएगी।

  • चाय बागान मजदूरों की मजदूरी दोगुनी होगी- डॉ आसिफ

    आसाम के लोगों का सौहार्द बनाये रखेगी हमारी सरकार-माइनॉरिटीज फ्रंट

    IMG_4432गोहाटी। आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने आश्वासन दिया है कि आने वाली उनकी सरकार चाय बागान के मजदूरों की मजदूरी दोगुनी की जाएगी। बागान मज़दूरों की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि माइनोरिटीज फ्रन्ट की सरकार बनते ही चाय बागान मजदूरों के लिए दैनिक वेतन के साथ एक पैकेज बनाया जाएगा जिसमें उनके आवास, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा दीक्षा की सम्पूर्ण व्यवस्था होगी।

    डॉ आसिफ ने कहा कि हमारी सरकार आसाम में सभी श्रेणी के मेहनतकशों के वेतनमान की समीक्षा करेगी और मकुजूदा ज़रूरतों के अनुरूप वेतन वृद्धि व उनके जीवन सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेंगे लेकिन जनता की भी जिम्मेदारी है कि वह चुनाव ही नहीं इसके बाद भी हमारे साथ खड़ी रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव में फ्रंट 26 सीटों पर मैदान में है आपकी जिम्मेदारी है कि अन्य विधान सभा क्षेत्रों में समर्पित और ईमानदार उम्मीदवारों को चुनकर विधान सभा में भेजें।

    डॉ आसिफ ने यह भी कहा कि सौहार्द से खूबसूरत आसाम को कुछ लोग खराब करने चाह रहे हैं। इस सौहार्द को आपसी घृणा में बदलना चाह रहे है। जनता उनके मंसूबे पूरे नहीं होने देगी। वे कभी सीएए की बात करते हैं कभी एन आर सी का शोर मचाते हैं। लेकिन उनकी हिम्मत नहीं कि इसे लागू करें। उन्होंने कहा माइनॉरिटीज फ्रन्ट केंद्र सरकार और भाजपा के इन मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि ये दोनों कानून आसाम और देश के हित में नहीं

  • माइनोरिटीज फ्रंट आसाम में 26 स्थानों पर लड़ेगा चुनाव

    शेष स्थानों पर बेहतर उम्मीदवारों व सहयोगी दलों को समर्थन- माइनोरटीज फ्रंट
    आसाम चुनाव में भाजपा की विघटनकारी राजनीति नहीं चलेगी-डॉ आसिफ
    हिम्मत है तो असम में सीएए लागू कर के दिखाए मोदी की सरकार – माइनोरिटी$ज फ्रंट

    IMG_4432गोवाहाटी। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने कहा है कि आसाम में होने जा रहे विधान सभा चुनाव में भाजपा की विघटनकारी राजनीति अब नहीं चलेगी। प्रदेश की जनता को भारतीय और विदेशी कहकर बांटने वाली केन्द्र सरकार की हिम्मत नहीं है कि वह यहां सीएए को लागू कर सके।  और हम किसी भी कीमत पर यहाँ  सीएए और एनआरसी यहां लागू नहीं होने देंगे।

    यहां गोवाहाटी में  प्रेस क्लब में अपने प्रदेश पदाधिकाररियों के साथ मीडिया को सम्बोधित करते हुए डॉ आसिफ ने 27 मार्च को होने वाले आसाम विधान सभा चुनाव में 26 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की घोषणा की और कहा कि यहां की शेष विधान सभा सीटों पर आल इंडिया माइनोरटीज फ्रंट संघर्षशील बेहतर उम्मीदवारों को तथा अपने सहयोगी दलों का समर्थन कर उनके चुनाव प्रचार में सहयोग करेगा। आसाम की विधान सभा 126 सदस्यों वाली है.

    उन्होंने कहा कि पूरे देश  सीएए का भय दिखाकर लोगों को भ्रमित करने वाली केन्द्र सरकार की हिम्मत नहीं कि वह आसाम में सीएए लागू कर सकें। सीएए और एनआर सी का इस्तेमाल भाजपा और उसकी सरकार राजनैतिक हथियार के रूप में कर रही है। लेकिन सीएए बनने के बावजूद वह लागू नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सीएए और एनआरसी का भय दिखाना बन्द करे। इसी के साथ उन्होंने ऐलान किया कि माइनोरिटीज फ्रंट सत्ता में आने के बाद इन दोंनों सीएए और एनआरसी को किसी भी कीमत पर आसाम में लागू नहीं होने देगा। एक सवाल के जवाब में डॉ आसिफ ने कहा कि यूडीएफ नेता बदरूद्दीन अजमल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के मददगार के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने  26 सीटों पर कांग्रेस गठबंधन में टिकट मांगा है, जहां वे परोक्ष रूप से भाजपा की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि अगर वे प्रदेश में अल्पसंख्यकों का रहनुमा खुद को मानते हैं तो उन्होंने केवल 26  स्थानों पर ही अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को लड़ाने का फैसला क्यों लिया।  जनता उनकी इस चाल को समझती है।

    उन्होंने कहा कि कोरोना काल के चलते आसाम का मजदूर वर्ग बेरोजगारी के चरम पर पहँुच गया। शिक्षा का स्तर इस कदर गिर गया है कि बच्चों को अपनी स्कूल की किताबें पढऩा नहीं आता और प्राथमिक शिक्षा की स्थिति यह है कि बच्चे 100 तक की गिनती और पहाड़े लिखने में अक्षम हैं। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी और साम्प्रदायिकता फैलाने वाली भारतीय जनता पार्टी से प्रदेश को हर कीमत पर सत्ता से दूर रखा जाएगा। यहां का सौहार्द तोडऩे का आधिकार किसी को भी नहीं है। भले ही भाजपा के पास केन्द्र की सत्ता है, हम उसके खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ेगे।

  • बंगाल के सुनहरे इतिहास को धूमिल न होने दें- डॉ आसिफ

    भाजपा को जनता रोकेगी बंगाल  सौहार्द बचेगा- माइनोरिटीज फ्रन्ट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट ने कहा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सर्वधर्म संभाव के  सपनों की रक्षा  के लिए बंगाल को सांप्रदायिक ताकतों से बचना ज़रूरी है। फ्रन्ट ने कहा है कि भाजपा और उसकी सरकार सत्ता और दौलत के सहारे सोनार बंगाल को बर्बाद करने पर तुली है। इसका उदाहरण राज्यसभा सदस्य दिनेश द्विवेदी का तृणमूल कांग्रेस के साथ किया जाने ताज़ा धोका है। द्विवेदी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र में रेल मंत्री तक बनवाया लेकिन उन्होंने ज़रा से लालच में पश्चिम बंगाल और तृणमूल कांग्रेस के साथ धोखेबाज़ी कर दी। जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।

    आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि बंगाल  के लोग द्विवेदी  के इस कदम का आने वाले चुनाव में करारा जवाब देंगे।

    डॉ आसिफ ने कहा कि भाजपा और मोदी ने कहा था नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत का रहस्य खोलेंगे लेकिन अन्य दलों की तरह वे भी सत्ता में आने के बाद चुप्पी साध गए। बंगाल के चुनाव में इसका जवाब भाजपा और मोदी को देना होगा।

    उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल की सुनहरी विरासत को छिन्न भिन्न करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक स्तर में देश के अगुआ बंगाल  विघाटनकारियों के षड्यंत्र को फलने फूलने नहीं देगा। डॉ आसिफ ने राज्य की जनता से बंगाल को बंगाल बनाये की अपील करते हुए कहा है कि केंद्र की सत्ता और उनकी दौलत को परास्त करें।

  • ममता दीदी ज़िद छोड़े सबको साथ लेकर चले. डॉ आसिफ

    बंगाल चुनाव नहीं देश की भावी राजनीति तय हो- माइनोरिटीज फ्रन्ट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रन्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अनुरोध किया है कि भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश में अगर रोकना वह एकला चलो की ज़िद को छोड़ें और सभी लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष दलों के गठबंधन की पहल करें। उनका यह कदम प्रदेश व देश की भावी राजनीति का सूत्रपात करेगा।

    आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि हमारी पार्टी अपनी पूरी ताकत से चुनाव के मैदान में उतरेगी, यह ममता दीदी पर निर्भर है कि हम उनके नेतृव में बनने वाले गठबंधन में शामिल हो यह उनकी तरह हमारी पार्टी भी चुनाव  मैदान में अकेले उतरे।

    जनाब आसिफ ने कहा कि बंगाल में मतदान होने में केवल 26 दिन बचे हैं। अब भी समय है कि भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन बने। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी गठबंधन में दरार की खबरें आ रही हैं, इस दरार को भरने का काम ममता दीदी कर सकती हैं।
    बंगाल में आठ फेज में चुनाव होगा. 27 मार्च को पहले चरण की वोटिंग होगी. एक अप्रैल को दूसरे फेज का मतदान, 6 अप्रैल को तीसरे फेज का मतदान, 10 अप्रैल को चौथे फेज का मतदान, 17 अप्रैल को पांचवे फेज का मतदान, 22 अप्रैल को छठे फेज का मतदान, 26 अप्रैल को सातवें फेज का मतदान और 29 अप्रैल को आखिरी आठवें फेज का मतदान होगा. जनाब आसिफ ने कहा सभी दलों को इस पर विचार करना चाहिए कि 2016 के चुनाव में तीन सीट जीतने वाली बीजेपी इस बार टीएमसी के लिए मुख्य प्रतिद्वंद्वी क्यों बनती दिखाई दे रहीं। उन्होंने कहा कि ममता दीदी अगर चाहें तो बंगाल ही नहीं पूरे देश के लिए उदाहरण पेश कर सकती हैं। उन्हें केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

  • योगी जी झूठे मामलों में फंसाये जा रहे अल्पसंख्यकों के मामले खत्म कीजिये- डॉ आसिफ

    यूपी का बजट गवाह है कि अल्पसंख्यकों का इस राज में उद्धार नहीं होगा- माइनोरिटीज फ्रन्ट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने योगी सरकार के बजट 21-22 से एक बार फिर साबित हुआ है कि भाजपा के राज्य में अल्पसंख्यकों का उद्धार संभव नहीं है। इस सरकार ने नए विश्वविद्यालय खोलने व शिक्षा पर भरपूर राशि का प्रावधान किया है लेकिन अल्पसंख्यकों के उत्थान व उनकी शिक्षा के लिए किसी भी तरह के बजट का प्रावधान नहीं किया हैं।

    उन्होंने कहा कि आज  सरकार के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने 5,50,270 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। यूपी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। लेकिन इसमें दलित अल्पसंख्यकों के लिए कोई विशेष बजट का प्रावधान नहीं रखा गया है। कहने को यूपी सरकार का यह बजट युवाओं, किसानों व महिलाओं पर केंद्रित   है। लेकिन महिलाओं के लिए केवल 32 करोड़ धनराशि का प्रावधन है जो ऊंट के मुंह मे जीरा है। यह पहला मौका होगा जब बजट पूरी तरह ‘पेपरलेस’ है। उसी  तरह से यह बजट पूरी तरह से अल्पसंख्यक- दलितलेस बजट बन गया हैं।

    डॉ आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि एक ओर सरकार मुसलमानों के विकास में रोड़ा बन गयी है वहीं दूसरी ओर दलित अल्पसंख्यकों पर प्रशासन झूठे मुकदमे दर्ज कर रही। सुशासन का दम भरने वाली सरकार के राज्य में ऐसा होने से उसकी कथनी और करनी पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से अनुरोध किया कि वह अल्पसंख्यकों पर दर्ज तमाम फर्जी मुक़दमों की जांच करायें दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर और सभी निराधार मुकदमों को वापस लेने के निर्देश जारी करें।

    डॉ आसिफ ने कहा की महिला शक्ति केंद्रों के लिए 32 करोड़  बहुत कम हैं। यह राशि हर जिले के हिसाब से कम से कम एक एक करोड़ निर्धारित की जानी चाहिए। ऐसा होने से महिला स्वावलंबन और उनका वास्तव शसक्तीकरण में हो पायेगा।