• Nitish carrying jungle raj, corruption: Asif

    sm-asif-picNEW DELHI - The All India Minority Front (AIMF) chief SM Asif said on Thursday Bihar Chief Minister Nitish Kumar cannot develop Bihar and govern it with jungle raj and RJD’s corruption on the other hand.

    Targeting JDU and RJD for hindering development of Bihar for the sake of power, Asif said: “Both Lalu and Nitish ruled Bihar for 25 years and kept it underdeveloped and backward.”

    Only an AIMF-led Bihar Progressive Alliance government, if it forms the next government, is committed to develop Bihar, he said. “People in Bihar are forced to live without safe drinking water, electricity, health and education facilities, courtesy the rule of Nitish and Lalu.”

    In a statement, Mr Asif said reform in the educational system, loan waiver to farmers, flood crisis, and creation of jobs for everyone are some of the issues they will insist on inclusion in the agenda.

    The AIMF leader said if they come to power, they will undo the injustices meted to the state and its people over the past 15 years.

    “Anarchy is prevailing all over, as criminals are holding sway over the governance. People are compelled to migrate for sustenance, even as the government keeps patting itself on its back for development,” said Mr Asif.

    He said jobs for every migrant, loan waiver scheme to farmers, revamping the policing system to rein in criminals, development of mothersa, and the revival of industries are part of the agenda they have offered.

  • बिहार में बीपीए गठबंधन की बनेगी सरकार,जुमलेबाज और महाठग बंधन से मिलेगी मुक्ति : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली :  ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा बिहार में अपराधियों के साथ कोरोना व बाढ़ की स्थिति काफी भयावह है। बाढ़ व कोरोना को काबू में लाने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह फेल है। रोजगार व उद्योग धंधे पूरी तरह से चौपट है। अपराधी बेखौफ घूम रहे है। जुमले बाज़ सरकार जनता के हित के बजाय चुनाव कराने पर तुली हुई है। महागठबंधन सो रहा है वो सिर्फ चुनाव पर ही नज़र आता है। ऐसे में अब बिहार को बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए ही सर्वप्रिय सरकार दे सकता है। जो लोगो को भाई भतीजवाद,बेरोजगार, भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाएगा।

    आसिफ ने कहा कि यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है। कि बिहार में उर्दू भाषा वहां की गंगा जमुनी तहजीब रही और नीतीश सरकार ने आज तक इस भाषा के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में तालीम के लिए मदरसों के साथ सौतेला व्यवहार किया और मदरसों की हालत बिहार में खराब हो गई। लेकिन बीपीए गठबंधन मदरसों का विकास कराएगा।

    आसिफ ने कहा कि बिहार में कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट देने का काला कानून लाया जा रहा है। नियोजित शिक्षकों के अधिकार का हनन कर उन्हें जबरन  सेवाशर्त दे दिया गया। कोर्ट के दबाव में ईपीएफ दिया भी गया तो ग्रोस सैलेरी में कटौती कर ली गई।  किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं दिया गया। सभी वर्गों में डबल इंजन की सरकार के प्रति गुस्सा है।इनका राज़ खुल गया है पिछले विधानसभा चुनाव में घोषणा करके गायब हुए प्रधानमंत्री जी पिछला कोई वादा तो पुरा किये नहीं। फिर विधानसभा चुनाव आते ही प्रधानमंत्री का बिहार प्रेम जाग गया है। बिहारी भोले जरूर होते हैं बेवकूफ नहीं इस बार डबल इंजन की सरकार की पोल खुल चुकी है। जिसका नतीजा विधानसभा चुनाव के परिणाम से पता चल जाएगा। बीपीए गठबंधन पुर्ण बहुमत से सरकार बनाने में कामयाब होगी।

    उन्होंने कहा कि बीपीए ने आगामी विधान सभा चुनाव को देखते हुए सभी तरह के अभियान की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि सूबे में बाढ़ से करोड़ों की फसल क्षति हुई है। जिससे किसान बर्बाद हो रहे हैं। लेकिन सरकार अभी तक किसानों के खाते में अनुदान की राशि नहीं भेज सकी है। पहले से ही नोटबंदी और जीएसटी से अर्थ व्यवस्था चौपट है। उन्होंने कहा कि बीपीए गठबंधन की सरकार आते ही किसानों के दिन बदल जायेगे उनका सारा कर्ज माफ किया जाएगा।

  • بہار میں بی پی اے اتحاد کی بنے گی حکومت ، جملے باز اور عظیم اتحاد سے ملے گی آزادی : آصف

    نئی دہلی24ستمبرsm-asif-pic12020
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے قومی صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ بہار میں جرائم پیشہ افراد کے ساتھ کورونا اور سیلاب کی صورتحال کافی خوفناک ہے۔ بہار حکومت سیلاب اور کورونا پر قابو پانے میں مکمل طور پر ناکام ہوچکی ہے۔ روزگار اور صنعت مکمل طور پر ناقابل عمل ہے۔ مجرم بے خوف ہوکر بھٹک رہے ہیں۔ جملے باز حکومت عوامی مفاد کے بجائے انتخابات کرانے پر تلی ہوئی ہے۔ گرینڈ الائنس سو رہا ہے ، یہ صرف انتخابات پر ظاہر ہوتا ہے۔ ایسی صورتحال میں ، اب بہار پروگریسو الائنس بی پی اے بہار کو سب سے زیادہ مقبول حکومت دے سکتی ہے۔ جو لوگوں کو اقربا پروری ، بے روزگار ، بدعنوانی سے پاک کرے گی۔ آصف نے کہا کہ یہ بہت حیرت کی بات ہے کہ بہار میں اردو زبان وہاں کی گنگا جمنی تہذیب رہی اور نتیش سرکار نے آج تک اس زبان کے لئے کچھ نہیں کیا۔ انہوں نے کہا کہ نتیش حکومت میں تربیت حاصل کرنے کے لئے انہوں نے مدرسوں کے ساتھ سوتیلی ماں سلوک کیا اور بہار میں مدرسوں کی حالت اور بھی خراب ہوگئی۔ لیکن بی پی اے اتحاد مدرسوں کو ترقی دلائے گا۔

    آصف نے کہا کہ زبردستی ریٹائر ہونے والے ملازمین کو بہار میں کالا قانون لایا جارہا ہے۔ ملازم اساتذہ کے ساتھ زبردستی زیادتی کی گئی ۔ یہاں تک کہ اگر ای پی ایف عدالتی دباو ¿ میں دیا گیا تو ، مجموعی تنخواہ میں کٹوتی کردی گئی۔ کسانوں کو فصل کی مناسب قیمت نہیں دی گئی۔ تمام طبقات میں ڈبل انجن کی حکومت کے خلاف غم و غصہ پایا جاتا ہے۔اس کا راز فاش ہو چکا ہے ، پچھلے اسمبلی انتخابات میں غائب ہونے والے وزیر اعظم نے کوئی سابقہ وعدہ پورا نہیں کیا۔ پھر جیسے ہی اسمبلی انتخابات آتے ہی وزیر اعظم کی بہار کی محبت جاگ اٹھی۔ بہاری بھولے ضرور ہوتے ہیںاحمق نہیں ہیں ، اس بار ڈبل انجن کی حکومت بے نقاب ہوگئی ہے۔ جس کا نتیجہ اسمبلی انتخابات کے نتیجے میں سامنے آئے گا۔ بی پی اے اتحاد مطلق اکثریت سے حکومت تشکیل دے سکے گا۔

    انہوں نے کہا کہ بی پی اے نے آئندہ اسمبلی انتخابات کے پیش نظر ہر طرح کی مہمات کا آغاز کردیا ہے۔ انہوں نے کہا کہ ریاست میں کروڑوں کی فصل کو نقصان پہنچا ہے۔

    جس کی وجہ سے کسان برباد ہو رہے ہیں۔ لیکن حکومت ابھی تک گرانٹ کی رقم کسانوں کے کھاتے میں نہیں بھیج سکی ہے۔ پہلے سے ہی نوٹ بندی اور جی ایس ٹی نے معیشت کو تباہ کردیا ہے۔ انہوں نے کہا کہ جیسے ہی بی پی اے اتحاد حکومت آئے گی ، کسانوں کے دن بدلے جائیں گے ، ان کا قرض معاف کردیا جائے گا۔

  • मुख्यमंत्री को चुनाव आयोग का डर न हाई कोर्ट की परवाह -आसिफ

    लोकतांत्रिक संस्थाओं को नीतीश अपने पैरों तले रौंदना चाहते है – आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रशासनिक मनमानी और रोकतांत्रिक संस्थाओं की अवहेलना किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि सरकार चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों को नहीं मान रही है इसलिए पटना हाई कोर्ट को उसके खिलाफ आदेश जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वरदहस्त प्राप्त है इस गुमान में वे किसी भी नियम कायदे और कानून की परवाह नहीं कर रहे हैं। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि जिस जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री का पद दिलवाया वही जनता उनका तख्त ओ ताज छीनने की शक्ति रखती है।

    जनाब आसिफ ने कहा कि हाई कोर्ट ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किया जाने के बावजूद उस गैर कानूनी निर्माण योजना पर रोक लगाई थी। और अब  पटना हाईकोर्ट के  चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने बिहार चुनाव के मद्देनजर जारी गाइडलाइंस का  पालन नहीं किए जाने को लेकर नोटिस जारी किया गया। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव और वित्त विभाग के प्रधान सचिव के साथ-साथ चुनाव आयोग से दो दिन में जवाब देने का निर्देश दिया है।  चुनाव आायोग ने सरकार को निर्देश दिया गया था कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात होने वाले वैसे अधिकारी और कर्मियों का तुरंत ट्रांसफर हो, जो अपने गृह जिले में पदस्थापित हों या एक ही जिले में चार साल से अधिक समय से कार्यरत हों। इस निर्देश के अनुपालन में कुछ तबादले हुए, लेकिन 42 अधिकारी ऐसे हैं, जो चार साल से अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थापित हैं। इनमें कई कोषागार पदाधिकारी भी हैं।  न्यायालय ने मामले में 2 दिनों के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
    फ्रंट के अध्यक्ष एस आसिफ कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के बावजूद यह सरकार मनमानी ही नहीं कर रही बल्कि बिहार की जनता को भरमाने के लिए लगातार लोक लुभावन योजनाओं की घोषणा कर रही है।   हाई कोर्ट व चुनाव आयोग को इन घोषणाओं को अपनी कार्यवाही का हिस्सा बनाना चाहिए। लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए विधिवेत्ताओं को ऐसे मामले आदालत तक पहँुचाने चाहिएं।

    उन्होंने कहा कि पन्द्रह वर्षों तक सोई रहने वाली सरकार को अब बेरोजगारों की याद आई है। इसलिए बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए बिहार श्रम संसाधन विभाग ने अब अपना रोजगार पोर्टल बनाया है। नौजवानों को भ्रमित करने वाली सरकार को अगर वास्तव में बेरोजगारी की चिन्ता होती तो पहले राज्य सरकार के तहत आने वाले विभागों में रिक्त हजारों पदों पर भर्ती करती। लेकिन सरकार रोटी खाने को देना नहीं चाहती, बस रोटी दिखा कर लोगों को संतुष्टï करना चाहिती है। उनका आरोप है कि नीतीश सरकार ने राज्य के नौजवानों को न रोजगार दिया, उन्हें रोजगार देने के लिए अब तक कोई ठोस योजना नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार भाजपा के एजेंडे पर चल रही है जिससे बिहार का भला होना असंभव है।

  • وزیراعلی کو الیکشن کمیشن کا ڈر نہ ہائی کورٹ کی پرواہ : آصف

    نتیش جمہوری اداروں کو اپنے پیروں تلے روندنا چاہتے ہیں : آصف

    نئی دہلی23ستمبرsm-asif-pic12020
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ایس ایم آصف نے وزیر اعلی نتیش کمار پر من مانی اور انتظامی اداروں کی نافرمانی کا الزام عائد کیا ہے۔ انہوں نے کہا ہے کہ حکومت الیکشن کمیشن کی ہدایت پر عمل نہیں کررہی ہے ،اس لئے پٹنہ ہائی کورٹ اس کے خلاف حکم جاری کررہی ہے۔ انہوں نے کہا کہ نتیش کمار کو وزیر اعظم نریندر مودی کا ساتھ ہے ، اس آڑ میں وہ کسی اصول ، قواعد اور قوانین کی پرواہ نہیں کررہے ہیں۔ انہیں یہ فراموش نہیں کرنا چاہئے کہ جن لوگوں کی وجہ سے انہوںنے وزیر اعلی کا عہدہ حاصل کیا ہے ، وہ ان کا تختہ اتارنے کا اختیار رکھتے ہیں۔

    جناب آصف نے کہا کہ کچھ دن قبل وزیر اعلی کے افتتاح کے باوجود ہائی کورٹ نے اس غیر قانونی تعمیراتی اسکیم پر روک دی تھی۔ اور اب پٹنہ ہائی کورٹ کے چیف جسٹس سنجے کرول کے بنچ نے بہار انتخابات کے تناظر میں جاری کردہ رہنما اصولوں پر عمل نہ کرنے پر نوٹس جاری کیا۔ عدالت نے ریاست کے چیف سکریٹری اور محکمہ خزانہ کے پرنسپل سکریٹری کے ساتھ ساتھ الیکشن کمیشن کو بھی دو دن میں جواب دینے کی ہدایت کی ہے۔ الیکشن کمیشن نے حکومت کو ہدایت کی تھی کہ وہ انتخابی ڈیوٹی پر تعینات افسران اور اہلکاروں کو فوری طور پر منتقل کریں جو اپنے آبائی ضلع میں تعینات ہیں یا چار سال سے زائد عرصے سے اسی ضلع میں کام کر رہے ہیں۔ اس ہدایت نامے کی تعمیل میں کچھ تبادلے ہوئے تھے ، لیکن وہاں 42 افسر موجود ہیں جو چار سال سے زیادہ عرصے سے اسی ضلع میں تعینات ہیں۔ ان میں بہت سے خزانے کے اہلکار بھی موجود ہیں۔ عدالت نے اس معاملے میں جوابی حلف نامہ 2 دن کے اندر داخل کرنے کا مطالبہ کیا ہے۔

    فرنٹ کے صدر ایس آصف نے کہا کہ الیکشن کمیشن کی ہدایت کے باوجود یہ حکومت نہ صرف من مانی کر رہی ہے بلکہ بہار کے عوام کو گمراہ کرنے کے لئے عوامی پرکشش اسکیموں کا مسلسل اعلان کر رہی ہے۔ ہائیکورٹ اور الیکشن کمیشن کو ان اعلانات کو ان کی کارروائی کا حصہ بنانا چاہئے۔ جمہوریت کے تحفظ کے لئے قانون دانوں کو ایسی عدالت میں پہنچنا چاہئے۔

    انہوں نے کہا کہ حکومت ، جو پندرہ سال سے سو رہی تھی ، اب بے روزگاروں کی یاد آ گئی ہے۔ بے روزگاروں کو روزگار کے مواقع فراہم کرنے کے لئے ، بہار کے مزدور وسائل کے محکمہ نے اب اپنا روزگار پورٹل تشکیل دیا ہے۔ اگر حکومت کو واقعتا بے روزگاری کی فکر ہوتی ، تو وہ ریاستی حکومت کے ماتحت محکموں میں ہزاروں خالی آسامیوں کو بھرتی کرتی۔ لیکن حکومت کھانا کھانے کو نہیں دینا چاہتی ، وہ صرف روٹی دکھا کر لوگوں کو مطمئن کرنا چاہتی ہے۔ انہوں نے الزام لگایا کہ نتیش حکومت نے ریاست کے نوجوانوں کو روزگار نہیں دیا ، ابھی تک ان کو ملازمت دینے کا کوئی ٹھوس منصوبہ نہیں بنایا گیا ہے۔ انہوں نے کہا کہ نتیش حکومت بی جے پی کے ایجنڈے پر عمل پیرا ہے ،اسی لئے بہار کے لئے بہتر کارکردگی کا مظاہرہ کرنا ناممکن ہے۔

  • Asif in Patna forms ‘Alliance’ to take on JDU-led Govt in polls

    bpaPATNA, 22 September, 2020 - The All India Minority Front (AIMF) chief SM Asif on Tuesday formed a ‘Bihar Progressive Alliance (BPA)’ of all regional and secular parties, to oust the Nitish Kumar- led government in the forthcoming assembly elections.

    “We have formed an alliance, including the National Lokmat Party, the Kranti Morcha Dal and the National Secular Majlis Party to ensure the defeat of the JDU-led government in the state,” he said in a press conference at a Patna Hotel on Tuesday.

    The AIMF leader claimed the people of the state want a change and so the BPA in its meeting decided that many other parties will be consulted in this regard and to contest all Bihar Assembly seats.

    Mr Asif said the alliance would have a common agenda including  farmer loan waiver scheme, Rs one lakh in poor girl marriage, free bus ticket to women, unemployment benefit  Rs 3000, Old age and widow pension Rs 5000, half electricity and water bills are some of the issues they will insist on inclusion in the agenda.

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    Mohd Asharul Haq, president of National Secular Majlis Party slammed the government over “virtual campaigning” and said it was “cheating and nothing else”.

    While Mahatab Alam of National Lokmat Party cited figures to show how Bihar had been lagging in sectors such as health, education, industry, road and farmers’ economic condition. “Corruption has also been a major issue in this regime in Bihar…without bribe, no work happens here”, he alleged.
    “At present, we all are here but many more leaders are in touch and will come with us with”, he added.

  • बिहार में बीपीए देगा नया विकल्प,सभी सीटों पर उतारेगा अपने उम्मीदवार : आसिफ

    नीतीश और लालू ने बर्बाद कर दिया बिहार : आसिफ

    IMG_4432पटना :  बिहार में नई आशा और विश्वास के साथ एक चमकते बिहार के निर्माण के लिए बिहार में पहली बार एक ऐसा गठबंधन हुआ है जो समूचे बिहार के दर्द को दूर करने के लिए इस चुनाव में उतरा है बिहार में जातिवाद भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद एवं अपराध को उखाड़ फेंकने के लिए इस गठबंधन का जन्म हुआ है यह गठबंधन बिहार में रोजगार निशुल्क शिक्षा और उद्योगों को बढ़ावा देकर एक नई बिहार की नींव रखेगा गठबंधन में ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट, नेशनल लोकमत पार्टी, क्रांति मोर्चा दल , और राष्ट्रीय सेकुलर मजलिस पार्टी  ने मिलकर यह गठबंधन किया है। इस गठबंधन ने आज पटना के मोर्या होटल में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया।प्रेस वार्ता में गठबंधन के सभी नेता मौजूद थे।

    वार्ता में ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि बिहार को पिछली एक सदी से लूटा गया है। और पिछले लंबे समय से बिहार को नीतीश तो कभी लालू ने बर्बाद ही किया है। लेकिन इस बार बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए बिहार को नया विकल्प देगा और सरकार बनाएगा।

    आसिफ ने कहा कि हमारा गठबंधन बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इसके लिए आज हमने 139 उम्मीदवारों की घोषणा की है। जबकि अन्य उम्मीदवारों की घोषणा गठबंधन जल्दी कर देगा।  बिहा र के बारे में जानकारी देते हुए ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने बताया कि हम बिहार के प्रत्येक जिले में रोजगार की व्यवस्था करेंगे जिससे कि हर हाथ को काम मिले साथ ही प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी करेंगे जिससे गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा प्राप्त हो सके।

    उन्होंने कहा कि इस बार गठबंधन की सरकार बनेगी। उन्होंने  बताया कि यदि उनकी सरकार बनेगी तो वह राज्य के बेकलोग के रिक्त पदों को तुरंत भरेंगे जिससे कि यहां के शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सके । उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के नियोजित शिक्षकों को बंधुआ मजदूर बनाए रखना बिहार के साथ सरकार द्वारा अन्याय है। प्राइवेट स्कूल उद्योगपतियों द्वारा संचालित जिसमें छात्र और शिक्षक दोनों का शोषण हो रहा है इस की उचित व्यवस्था सरकार के नियंत्रण में होनी चाहिए। उत्तरी बिहार बाढ़ की विभीषिका से आजादी के बाद से ही पीड़ित है और इसे आपदा कि संज्ञा दे टाल दिया जाता है।
    इसका स्थाई समाधान सरकार को खुद नहीं चाहिए वरना हर साल भर राखी घोटाला होता है। और यह नेताओं भ्रष्ट ऑफिसर का भृष्टचार बन जाता है और इस समस्या को सरकार बरकरार रखना चाहती है निदान नहीं करना चाहती। मजदूरों का पलायन बेरोजगारी बिहार की एक मुख्य समस्या बन चुकी है यहां का मानव शक्ति दूसरे राज्यों को मजबूत बनाती है
    लेकिन बिहार सरकार उनकी योग्यताअनुसार यहां उद्योगों की स्थापना नहीं कर पलायन को बढ़ावा देती है और राज्य को कमजोर भी बनाती है। बिहार भ्रष्ट राजनीतिज्ञ और भ्रष्ट अधिकारियों के चंगुल में बुरी तरह फंस चुका है इसे तोड़ना अति आवश्यक हो गया है  अभी तक की सरकार नतमस्तक हैं सारी सरकारें इनके आगे नतमस्तक रहीं हैं। बिहार में किसान और मजदूर फकीर बन चुके है। अधिकतम किसान मजदूरों की श्रेणी में आ चुके हैं 5 एकड़ से नीचे के किसान को मजदूर ही कहा जा सकता है। उनकी व्यवस्था कृषि आधारित उद्योगों से जोड़ के रोजगार परक बनाई जा सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकारी स्कूल के नियोजित शिक्षकों को बंधुआ मजदूर बनाए रखना बिहार के साथ सरकार द्वारा अन्याय है। इन सबसे बिहार कहरा रहा है और हमारा गठबंधन यदि सरकार बनता है। तो हम इन सभी समस्याओं का समाधान करेंगे।

    राष्ट्रीय सेकुलर मजलिस पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद अशहरुल  हक ने बताया कि गठबंधन बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा जबकि नेशनल लोकमत पार्टी के प्रदेश प्रभारी महताब आलम ने कहा कि गठबंधन में हर जाति और धर्म के लोगों को टिकट दिया गया है।

    बीपीए का कॉमन मिनिमम प्रोग्राम
    1- किसानों का कर्जा माफ करेंगे
    2- गरीब लड़की की शादी के लिए 1 लाख रुपया देंगे
    3- महिलाओ के लिए फ्री बस यात्रा देंगे
    4 – बेरोजगारी भत्ता 3000 करेंगे
    5- वृद्धा और विधवा पेंशन 5000 करेंगे
    6- उर्दू भाषा को उसका हक देंगे
    7- मदरसों का पुनः निर्माण करेगे
    8- अगनबारी कार्यकर्ताओ का मानदेय 10 हज़ार और हेल्पर का 5 हज़ार और आशा वर्कर का 3000 करेगे
    9- पानी और बिजली के बिल आधे करेंगे

  • بہار میںبی پی اے دے گا نیا آپشن ،سبھی سیٹوں پر اتارے گا اپنے امیدوار: آصف

    نتیش اور لالو نے بہارکو برباد کیا: آصف

    پٹنہ22ستمبرsm-asif-pic12020
    بہار میں نئی امید اور اعتماد کے ساتھ ایک چمکدار بہار کے قیام کے لئے بہار میں ایک ایسی اتحاد تشکیل دی گئی ہے جو پورے بہار کے درد کو دور کرنے کے لئے اس انتخاب میں سامنے آئی ہے۔

    بہار میں ذات پات اور اقربا پروری اور جرائم یہ اتحاد معزول کرنے کے لئے پیدا ہوا ہے۔یہ اتحاد بہار میں روزگار سے پاک تعلیم اور صنعتوں کو فروغ دے کر ایک نئے بہار کی بنیاد رکھے گی۔ اتحاد نے آج پٹنہ کے موریہ ہوٹل میں ایک پریس کانفرنس کا اہتمام کیا۔اس پریس کانفرنس میں اتحاد کے تمام رہنما موجود تھے۔ گفتگو میں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے قومی صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ بہار کو پچھلی ایک صدی سے لوٹا گیا ہے۔ نتیش نے طویل عرصے سے بہار کو تباہ کیا ہے۔ لیکن اس بار بہار ترقی پسند اتحاد بی پی اے بہار کو ایک نیا آپشن دے گا اور حکومت بنائے گا۔ آصف نے کہا کہ ہمارا اتحاد بہار کی تمام نشستوں پر مقابلہ کرے گا۔ اس کے لئے ، آج ہم نے 139 امیدواروں کا اعلان کیا ہے۔

    جبکہ دیگر امیدواروں کے اتحاد کا اعلان جلد کیا جائے گا۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے قومی صدرایس ایم آصف نے بہار کے بارے میں معلومات دیتے ہوئے کہا کہ ہم بہار کے ہر ضلع میں روزگار کے انتظامات کریں گے تاکہ ہر ہاتھ کو کام ملنے کے ساتھ ساتھ نجی اسکولوں میں مفت تعلیم مل سکے تاکہ غریب بچے وہ نجی اسکولوں میں تعلیم حاصل کرسکے۔

    انہوں نے کہا کہ اس بار مخلوط حکومت بنے گی۔ انہوں نے بتایا کہ اگر ان کی حکومت بنی تو وہ فوری طور پر ریاست کے بیکلاگ کی خالی آسامیوں کو پر کریں گے تاکہ تعلیم یافتہ نوجوان یہاں سرکاری ملازمت حاصل کرسکیں۔ انہوں نے کہا کہ بہار کے ساتھ حکومت کی طرف سے یہ ناانصافی ہے کہ سرکاری اسکولوں کے ملازم اساتذہ کو بندہ مزدور بنا کر رکھنا مناسب نظام حکومت کے ماتحت ہونا چاہئے ، جو نجی اسکول کے صنعت کاروں کے زیر انتظام ہے جس میں طلباءاور اساتذہ دونوں کا استحصال کیا جارہا ہے۔ شمالی بہار سیلابوں کی تباہ کاریوں سے آزادی کے بعد سے ہی دوچار ہے اور اسے تباہی سے تعبیر کیا جاتا ہے۔

    حکومت اس کا مستقل حل نہیں چاہتی ورنہ ہر سال ایک راکھی گھوٹالہ ہوتا ہے۔ اور یہ رہنما بدعنوان افسران کی کرپشن بن جاتے ہیں اور حکومت اس مسئلے کی تشخیص نہیں کرنا چاہتی۔ مزدوروں کی ہجرت بیروزگاری بہار کا ایک اہم مسئلہ بن چکی ہے ، یہاں افرادی قوت دوسری ریاستوں کو مضبوط بناتی ہے۔
    لیکن ان کی قابلیت کے مطابق بہار حکومت یہاں صنعتیں قائم نہیں کرتی ہے اور نقل مکانی کی حوصلہ افزائی کرتی ہے اور ریاست کو کمزور بھی کرتی ہے۔ بہار بری طرح سے کرپٹ سیاستدانوں اور کرپٹ عہدیداروں کے چنگل میں پھنس چکا ہے ، اسے توڑنا انتہائی ضروری ہوگیا ہے۔ بہار میں کسان اور مزدور فقیر بن چکے ہیں۔ زیادہ تر کسان مزدوروں کے زمرے میں آچکے ہیں ، 5 ایکڑ سے کم کسان کو مزدور کہا جاسکتا ہے۔ زراعت پر مبنی صنعتوں کو جوڑ کر ان کے نظام کو ملازمت کے قابل بنایا جاسکتا ہے۔ لیکن ایسا نہیں ہوا۔ بہار کے ساتھ حکومت کی طرف سے سرکاری اسکول کے اساتذہ کو بانڈڈ مزدور کے طور پر ملازم رکھنا ناانصافی ہے۔ بہار یہ سب کہہ رہا ہے اور اگر ہمارا اتحاد حکومت بنائے گا۔ لہذا ہم ان تمام پریشانیوں کو حل کریں گے۔

    قومی سیکولر مجلس پارٹی کے صدر محمد اشہر الحق نے کہا کہ اتحاد بہار کی تمام نشستوں پر مقابلہ کرے گا ، جبکہ نیشنل لوکمت پارٹی کے ریاستی انچارج مہتاب عالم نے کہا کہ اتحاد میں ہر ذات اور

    مذہب کے لوگوں کو ٹکٹ دیا گیا ہے۔

    بی پی اے کا مشترکہ کم سے کم پروگرام
    کسانوں کا قرض معاف کریںگے
    غریب بچی کی شادی کے لئے 1 لاکھ روپے دیں گے
    خواتین کے لئے مفت بس ٹور دیںگے
    بے روزگاری الاو ¿نس 3000 ہوگا
    بزرگ اور بیوہ پنشن 5000 ہوگی
    اردو زبان کواس کا حق دیں گے
    مدرسے دوبارہ تعمیر کریں گے
    فائر ورکرز کا اعزاز 10 ہزار اور مددگار کا 5 ہزار اور آشا کارکن کا 3000 کریںگے
    ۔ پانی اور بجلی کے بل آدھے کریںگے

  • AIMF supports nationwide farmers protest on Friday

    home1New delhi, 21 September, 2020 - The All India Minority Front (AIMF) on Monday announced its support to the nation-wide protest on September 25 by peasants and farm workers to oppose passage of two Agri Bills in Parliament, saying the Bharatiya Janata Party government should stop anti-farmers measures.

    Declaring its full support to the All India Kisan Sangharsh Coordination Committee, the national president of the AIMF SM Asif said that the party will hold a countrywide protest and resistance on September 25, 2020.

    Mr Asif in a statement has called upon workers and secular parties and regional parties to join actively in the programmes of protest and resistance being organised by peasants’ organisations in and around their respective areas.

    The AIMF chief alleged that the proposed laws are aimed at completely restructuring the management of the agricultural economy including farm trade in total favour of the big-landlord corporate nexus and multinational trading cliques on agricultural produce.

    In the statement, Mr Asif has urged President Ramnath Kovind not to sign the Bills in the interest of the farmers.

  • किसान विरोधी बिल के खिलाफ भारत भारत बन्द का समर्थन- माइनोरिटी फ्रंट

    कृषि क्षेत्र को बर्बाद करने वाले हैं तीनों विधेयक – आसिफ

    home1नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने कहा है कि लोक सभा से पारित कृषि विकास के नाम से पारित तीनों विधेयक कृषि विरोधी हैं और खेत मजदूरों के आधिकारों का हनन करता है। फ्रंट ने 25 सितम्बर को आयोजित देशव्यापी भारत बन्द का समर्थन की घोषणा करते हुए अपनी पांतों से कहा है कि वे बन्द को अपने स्तर पर सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दें।

    ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि किसानों की पैदावार लूटने की साजिश हो रही है। सरकार ये तीनों विधेयक कानून बन जाने पर देश के किसानों और कृषि क्षेत्र को बर्बाद कर देगी। आम उपभोक्ताओं को भी जमाखोरों के हवाले कर देगी।
    इसी के साथ जनाब आसिफ ने मजदूरों के अधिकारों छीनने के खिलाफ 23 सिंतबर को देशभर में होने वाले आन्दोलन के साथ खड़े रहने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आजादी के दौर से लागू मजदूरों को प्राप्त 44 श्रम कनूनी अधिकार को खत्म कर चार कोड लाया गया। इसमें काम के घंटे आठ से बढ़ाकर 12 से 16 घंटे तक निर्धारित किया गया है। यह मजदूरों को पूरी तरह मालिकों का गुलाम बनाने का कानून है। इसका पूरे देश में विरोध जारी रहेगा। उन्होंने भारत के राष्टï्रपति से अनुरोध किया है कि किसान विरोधी तीनों बिलों पर वे अपने हस्थाक्षर न करें। ऐसा करने से तीनों विधेयक कानून बन जाएंगे और देश के किसानों की बर्बादी का रास्ता खुल जाएगा।