• AIMF appoints Mohd Jinnah as Bengal president

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    NEW DELHI, 30 November, 2020
    Mr. Mohammed Ali Jinnah, has been appointed as the president of the West Bengal Pradesh All India Minority Front (AIMF) on Monday.

    This was disclosed by Mr S M Asif, national president AIMF after a parliamentary meeting of the party held in New Delhi on Monday.

    The AIMF chief said, “The new president of Bengal unit, is a well known social worker and has a sound knowledge in state politics from the last many years.”

    “The AIMF has to make its space in West Bengal and for that we have taken this big step,” he added.

    “I have full confidence that under Mr Jinnah’s leadership, the AIMF will give full opportunity to the people of West Bengal, particularly the youth and poor what they want,” Mr Asif said.

    According to statement, Mr Jinnah is in active politics of West Bengal from last many years and under AIMF he will be the voice of backward,Dalit and poor in the state.

  • AIMF ने मो. अली जिन्ना को बनाया पश्चिम बंगाल का अध्यक्ष

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    नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने मो. अली जिन्ना को पश्चिम बंगाल का पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। जिन्ना बंगाल में एक लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थे। और प्रदेश में दबे,कुचले,मजलूमों और अल्पसंख्यकों की आवाज बुलंद करते रहे है। कल उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और आज पार्टी की संसदीय मामलों की समिति की मीटिंग के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने उनको बंगाल का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।

    इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि जिन्ना पार्टी को बंगाल में अल्पसंख्यकों की आवाज बना कर पार्टी का विस्तार करेगें और पार्टी बंगाल के चुनावों में भी हिस्सा लेगी।

  • اے آئی ایم ایف نے محمد علی جناح کو مغربی بنگال کا صدر بنایا

    aimf

    نئی دہلی 30 نومبر2020
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے محمد علی جناح کو مغربی بنگال کی پارٹی کا ریاستی صدر مقرر کیا گیا ہے۔ بنگال میں جناح ایک طویل عرصے سے سیاست میں سرگرم تھے اور ریاست میں وہ پسماندہ ، پسے ہوئے ، مقلدوں اور اقلیتوں کی آواز بلند کرتے ر ہے ہیں ۔ کل انہوں نے پارٹی کے قومی صدر ایس ایم آصف سے پارٹی کی رکنیت لی اور آج پارٹی کی پارلیمانی امور کمیٹی کے اجلاس کے بعد ، انہیں قومی صدر ایس ایم آصف نے بنگال کا ریاستی صدر مقرر کیا۔ اس موقع پر پارٹی کے قومی صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ جناح پارٹی کو بنگال میں اقلیتوں کی آواز بنا کر پارٹی میں توسیع کریں گے اور پارٹی بھی بنگال انتخابات میں حصہ لے گی۔

  • किसान आंदोलन में यूपी,बंगाल और बिहार के किसान भी करे अपनी आवाज बुलंद : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि देश में कृषि के काले कानूनों के विरोध में जब आज देश में किसान अपने हक की आवाज उठा रहे हैं, तो फिर यूपी ,बिहार,बंगाल के किसान क्यो पीछे है। क्या यह कानून उनको परेशान नहीं करेगा। आसिफ ने कहा कि जो अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद नहीं करता उसका शोषण होना निश्चित हो जाता है। आज पंजाब के किसान आवाज उठा रहे हैं। सरकार उनकी नहीं सुन रही कल यूपी बिहार और बंगाल के किसानों का भी सोषण होगा तो क्या वो तब आवाज बुलंद करेगे। आसिफ ने कहा कि यह काला कानून पंजाब के किसानों का ही बुरा नहीं करेगा इसका असर देश के सभी किसानों पर होगा। इसलिए देश के सभी किसानों को अब लामबंद हो जाना चाहिए। आसिफ ने कहा, देश भर में कुल किसानों की आबादी में छोटे किसानों का हिस्सा 86 प्रतिशत से अधिक है और वो इतने कमज़ोर हैं कि प्राइवेट व्यापारी उनका शोषण आसानी से कर सकते हैं।

    देश के किसानों की औसत मासिक आय 6,400 रुपये के क़रीब है।  नए क़ानूनों में उनकी आर्थिक सुरक्षा तोड़ दी गयी हैं और उन्हें कॉर्पोरेट के हवाले कर दिया गया है।  नए कृषि क़ानून में दो ऐसी बातें हैं, जिनसे भारत में कृषि और किसानों का भविष्य अंधकार में पड़ता दिखाई देता है।

    उन्होंने कहा हैं, “ये एपीएमसी और कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग या ठेके पर की जाने वाली खेती सबसे घातक है. कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ एक तालुका या गांव के सभी किसानों की ज़मीने ठेके पर ले सकती हैं और एकतरफ़ा फ़ैसला कर सकती हैं कि कौन-सी फ़सल उगानी है. किसान इनके बंधुआ मज़दूर बन कर रह जाएँगे।”

    आसिफ ने कहा कि “सरकार ने नए क़ानून लाकर कृषि क्षेत्र का निगमीकरण करने की कोशिश की है और इसे भी ‘अंबानी-अडानी और मल्टीनेशनल कंपनियों के हवाले’ कर दिया है।”

    उन्होंने कहा, “समझने की बात ये है कि निजी कॉर्पोरेट कंपनियां जब आएँगी तो उत्पाद में मूल्य संवर्धन करेंगी, जिसका लाभ केवल उन्हें होगा. छोटे किसानों को नहीं. आप जो ब्रैंडेड बासमती चावल खरीदते हैं वो मूल्य संवर्धन के साथ बाज़ार में लाए जाते हैं।”

    “किसान को एक किलो के केवल 20-30 रुपये ही मिलेंगे लेकिन मार्किट में वो मूल्य संवर्धन के बाद 150 रुपये से लेकर ब्रैंड वाले बासमती चावल का दाम 2,200 प्रति किलो तक जा सकता है. लेकिन बेचारे ग़रीब किसान को एक किलो के केवल 20 रुपये ही मिल रहे हैं।”

  • یوپی ، بنگال اور بہار کے کسانوں کو بھی کسان تحریک میں آواز اٹھانی چاہئے: آصف

    نئی دہلی30نومبرsm-asif-pic12020
    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے قومی صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ جب ملک میں کسان زراعت کے کالے قوانین کے خلاف احتجاج میں آواز اٹھا رہے ہیں تو پھر یوپی ، بہار اور بنگال کے کسان کیوں پیچھے ہیں۔ کیا یہ قانون انہیں پریشان نہیں کرے گا؟ آصف نے کہا کہ جو شخص ظلم کے خلاف آواز نہیں اٹھاتا اس کا استحصال یقینی ہے۔ آج پنجاب کے کسان آواز اٹھا رہے ہیں۔ اگر حکومت ان کی بات نہیں مان رہی ہے تو کل یوپی بہار اور بنگال کے کسان بھی حیران ہوجائیں گے ، کیا وہ اس وقت آواز اٹھائیں گے۔ آصف نے کہا کہ اس کالے قانون سے نہ صرف پنجاب کے کسانوں کو نقصان ہوگا بلکہ اس کا اثر ملک کے تمام کسانوں پر پڑے گا۔ لہذا ، اب ملک کے تمام کسانوں کو متحرک کیا جانا چاہئے۔ آصف نے کہا کہ چھوٹے کسانوں نے ملک بھر میں کسانوں کی کل آبادی کا 86 فیصد سے زیادہ حصہ لیا ہے اور وہ اتنے کمزور ہیں کہ نجی تاجر ان کا آسانی سے استحصال کرسکتے ہیں۔

    ملک کے کسانوں کی اوسط ماہانہ آمدنی 6400 روپے کے قریب ہے۔ ان کی معاشی تحفظ کو نئے قوانین میں توڑ کر کارپوریٹ کے حوالے کردیا گیا ہے۔ نئے زرعی قانون میں ایسی دو چیزیں ہیں ، جو زراعت کے مستقبل کو ظاہر کرتی ہیں اور ہندوستان میں کسان اندھیرے میں پڑ رہے ہیں۔

    انہوں نے کہا ، “یہ اے پی ایم سی اور کنٹریکٹ فارمنگ یا کنٹریکٹ فارمنگ سب سے مہلک ہیں۔ معاہدہ فارمنگ کے تحت ، ملٹی نیشنل کمپنیاں کسی تھانہ یا گاو ¿ں کے تمام کسانوں کے زمینی معاہدے کر سکتی ہیں اور یکطرفہ طور پر فیصلہ کرسکتی ہیں کہ کون سمندری فصلوں کو اگانا ہوگا۔ کسان ان کے غلام بند مزدور بن جائیں گے۔
    آصف نے کہا کہ “حکومت نے نئے قانون متعارف کراتے ہوئے زرعی شعبے کو کارپوریٹ کرنے کی کوشش کی ہے اور اسے امبانی – اڈانی اور ملٹی نیشنل کمپنیوں کے حوالے کردیا ہے”۔

    انہوں نے کہا ، “سمجھنے کی بات یہ ہے کہ جب نجی کارپوریٹ کمپنیاں آئیں گی تو وہ اس مصنوع کی قیمت میں اضافہ کریں گی ، جس سے صرف ان کا فائدہ ہوگا۔ چھوٹے کسانوں کو نہیں۔ جو برانڈڈ باسمتی چاول آپ خریدتے ہیں وہ اسے قیمت میں اضافے کے ساتھ مارکیٹ میں لایا جاتا ہے۔ “

    “کسان کو صرف 20-30 روپئے فی کلو ملے گا ، لیکن مارکیٹ میں قیمت میں اضافے کے بعد ، برانڈڈ بسمتی چاول کی قیمت 2200 روپے فی کلو تک جاسکتی ہے۔ لیکن غریب غریب کسان صرف 20 روپے فی کلو مل رہے ہیں۔

  • मोदी किसानों से बात कर,करे अन्नदाता का सम्मान करें : आसिफ

    किसानों की गिरफ्तारी और जेल भेजने के बदले उनसे बात करे सरकार :  माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट  ने मोदी सरकार से अनुरोध किया है कि आंदोलनकारी किसानों की गिफ्तारी और उनका दमन करने के बदले किसान यूनियन के नेताओं से बात करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद इसकी पहल करनी चाहिए।

    ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि कोरोनो महामारी काल में किसान अगर अपने खेतों में न जाता तो देश में भुखमरी फैल जाती। सरकार को देश के प्रति उसके योगदान का सम्मान करते हुए उनकी सभी जायज़ मांगों को मानना चाहिए।  आसिफ ने किसान विरोधी  तीनों कानून के विरोध में देश के किसान आंदोलन का पूर्ण संरथन करते हुए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे उनके संघर्ष में साथ खड़े रहें। और आंदोलन में तन मन धन से सहयोग करें।

    उन्होंने कहा है कि सरकार द्वारा किसान आंदोलन के प्रति उपेक्षा देश के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि किसानों को अगर आप दिल्ली नहीं आने देना नहीं चाहते तो आप खुद उनके पास जाकर उनसे बात करें। किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। राजधानी में उनके लिए अस्थायी जेल बनाना समस्या का समाधान नहीं है।

  • مودی کسانوں سے بات کریں ، کسانوں کا احترام کریں: آصف

    حکومت کاشتکاروں کی گرفتاری اور جیل بھیجنے کے بجائے بات کرے: مائنارٹیزفرنٹ

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    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ نے مودی حکومت سے درخواست کی ہے کہ وہ مشتعل کسانوں کی گرفتاری اور دبانے کے بجائے کسان یونین کے رہنماو ¿ں سے بات کریں۔ وزیر اعظم نریندر مودی کو خود اس کا آغاز کرنا چاہئے۔

    یہاں جاری ایک بیان میں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ اگر کسان کرونا مہاماری کے دور میں اپنے کھیتوں میں نہ جاتے تو ملک میں فاقہ کشی ہوتی۔ حکومت کو چاہئے کہ وہ ملک کے لئے ان کے شراکت کا احترام کرتے ہوئے ان کے تمام جائز مطالبات کا احترام کرے۔ آصف نے کسان مخالف تینوں قوانین کے خلاف احتجاج میں ملک کی کسان تحریک کی مکمل حمایت کی ہے اور اپنی پارٹی کارکنوں سے کہا ہے کہ وہ اپنی جدوجہد میں ساتھ کھڑے ہوں اور تحریک میں جسم و دماغ کے ساتھ تعاون کریں۔

    انہوں نے کہا ہے کہ کسانوں کی تحریک سے متعلق حکومت کی نظرانداز کرنا ملک کے لئے مہلک ہے۔ انہوں نے کہا کہ اگر آپ کسانوں کو دہلی نہیں آنے دینا چاہتے ہیں تو آپ ان کے پاس جائیں اور ان سے بات کریں۔ کسانوں کے ساتھ عزت کے ساتھ سلوک کیا جائے۔ دارالحکومت میں ان کے لئے عارضی جیل بنانا اس مسئلے کا حل نہیں ہے۔

  • लव जिहाद के नाम पर कानून एक शगूफा -आसिफ

    भजपा सरकारें प्रेमियों की दुश्मन  बन गयी है- माइनॉरिटी फ़्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ़्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि भाजपा केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को रोजगार और उनके भविष्य को रास्ता दिखाने नाकाम हैं, इसलिए लव जिहाद का शगूफा छेड़ कर इस पर कानून बनाने का स्वांग रच रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कानून अपनी पसंद से होने वाले अंतरजातीय-अंतर्धार्मिक विवाह के खिलाफ होगा। जिससे स्पष्ट है कि भाजपा सामाजिक सद्भावना जाति व धार्मिक विभेद को खत्म नहीं करना चाहती है।

    जनाब आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि देश मे पहले से अपनी पसंद व मर्ज़ी से विवाह करने वालों के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट मौजूद है। इस कानून के तहत देश भर में हर दिन हज़ारों शादियां होटी है और देश का संविधान और सरकार उनके अभिभावक के रूप में मौजूद है। उन्होंने कहा देश मे विवाह के लिए सब तरह के कानून मौजूद हैं। सरकारों की जिम्मेदारी है कि हिन्दू विवाह को कानूनी जामा पहनाए न कि लव जिहाद के नाम पर कानून बनाये। विवाह के लिए अब किसी तरह के नए कानून की ज़रूरत नहीं है। आसिफ ने कहा कि  भाजपा वालों का लव जिहाद- विरोधी कानून न केवल देश की समरसता- सद्भाव का विरोधी है बल्कि महिला विरोधी कानून होगा। यह कानून सबसे पहले महिला के मूल अधिकार को छीनने का काम करेगा। भाजपाई नहीं चाहते कि देश की महिलाएं अपने जीवन का खुद निर्णय लें।

    एस एम आसिफ ने केंद्र व राज्यों की भाजपा सरकारों को सलाह दी है कि समाज मे बंटवारे की खाई को और न बढ़ाएं। और आने वाली पीढ़ियों के सामने अवरोध न खड़ा करें। उन्होंने कहा कि अंतरजाति-अंतर्धार्मिक विवाह करने वालों को रूढ़िवादी समाज उनके परिवार पहले ही तरह तरह की बाधाएं खड़ी करते आ रहे हैं । सरकार मोहब्बत करने वालों की दुश्मन नहीं बल्कि उनका संबल बनी रहनी चाहिए। भाजपा वालों से उन्होंने कहा कि यह कानून बनाने से पहले वह यह बताएंगे कि उनकी पार्टी में कितने ऐसे लोग हैं जिन्होंने अंतरजातीय व अंतर्धार्मिक विवाह किया और सफल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रेम और सौहार्द विरोधी अपने ज़हर के पिटारे को बंद करे। युवाओं को अपना जीवन जीने दे।

  • لو جہاد کے نام پر قانون ایک شگوفہ :آصف

     بی جے پی حکومتیں محبت کرنے والوں کی دشمن بن چکی ہیں:اے آئی ایم ایف

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    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ایس ایم آصف نے کہا کہ بی جے پی کی مرکزی اور ریاستی حکومتیں نوجوانوں کی ملازمتوں اور ان کے مستقبل کو ظاہر کرنے میں ناکام رہی ہیں ، لہذا وہ لو جہاد کے معاملے پر قانون بنانے کا ڈھونگ رچارہی ہیں۔ انہوں نے کہا کہ اس طرح کا قانون ان کی پسند کی بین المذاہب شادی کے خلاف ہوگا۔ یہ واضح ہے کہ بی جے پی معاشرتی ہم آہنگی ، ذات پات اور مذہبی امتیاز کو ختم نہیں کرنا چاہتی۔

    جناب آصف نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا کہ ملک میں ان لوگوں کے لئے ایک خاص شادی کا عمل موجود ہے جو پہلے ہی اپنی پسند اور مرضی سے شادی کرچکے ہیں۔ اس قانون کے تحت ، ملک بھر میں ہر روز ہزاروں شادیاں ہوتی ہیں اور ملک کا آئین اور حکومت ان کے سرپرست کی حیثیت سے موجود ہے۔ انہوں نے کہا کہ ملک میں شادی کے لئے ہر طرح کے قوانین موجود ہیں۔ حکومتوں کی ذمہ داری ہے کہ وہ ہندو شادیوں کو قانونی بنائیں اور لو جہاد کے نام پر قانون نہ بنائیں۔ شادی کے لئے کسی نئے قانون کی ضرورت نہیں ہے۔ آصف نے کہا کہ بی جے پی عوام کا لو مخالف جہاد قانون نہ صرف ملک میں ہم آہنگی اور ہم آہنگی کے خلاف ہے ، بلکہ خواتین مخالف قانون بھی ہوگا۔ یہ قانون سب سے پہلے عورت کا بنیادی حق چھین لے گا۔ بی جے پی نہیں چاہتی ہے کہ ملک کی خواتین اپنی زندگی کا فیصلہ کریں۔

    ایس ایم آصف نے مرکز اور ریاستوں کی بی جے پی حکومتوں کو مشورہ دیا ہے کہ وہ معاشرے میں تفریق کو مزید نہ بڑھائیں اور آنے والی نسلوں کے لئے کوئی رکاوٹ مت بنو۔ انہوں نے کہا کہ بین ذات پات کے مابین مذہبی شادیوں کا راسخ العقیدہ معاشرہ اپنے اہل خانہ کے سامنے طرح طرح کی رکاوٹیں پیدا کررہا ہے۔ حکومت اس سے محبت کرنے والوں کی دشمن نہیں بنی بلکہ ان کی طاقت باقی رہنی چاہئے۔ انہوں نے بی جے پی کے لوگوں سے کہا کہ اس قانون کو نافذ کرنے سے پہلے وہ بتائیں گے کہ ان کی پارٹی میں کتنے افراد نے شادی کر لی ہے اور بین مذہبی شادی کی ہے اور کامیاب ازدواجی زندگی گزار رہے ہیں۔ انہوں نے کہا کہ بی جے پی کو محبت اور ہم آہنگی کے خلاف اپنا زہر کا پٹارہ بند کرنا چاہئے اور نوجوانوں کو اپنی زندگی گزارنے دیں۔

  • नीतीश को मुबारकबाद उर्दू और अल्पसंख्यकों हितों पर ध्यान देंगे।- आसिफ

    हमें उम्मीद करनी चहिए कि शपथ लेते ही नीतीश रोज़गार के लिये कदम उठाएंगे- फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने एन डी ए द्वारा बिहार विधान सभा मे  नीतीश कुमार को अपना नेता चुने जाने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बिहार को उम्मीद करना चाहिए कि नीतीश शपथ लेने के बाद लोगों के हाथ में काम देना शुरू कर देंगे बतौर मुख्यमंत्री ।

    जनाब आसिफ ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि सीएए, और एनआरसी  पर संघी नेताओं के विरुद्ध आपके बयान से बिहार और प्रदेश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं। इसलिए उर्दू के विकास की पग बाधाओं को फौरन दूर करने के लिए कदम उठाएंगे। और अल्पसंख्यकों के लिए विशेष कदम उठाने की घोषणा करेंगे।