• किसानों को देशद्रोही व गद्दार कहने वालों को गिरफ्तार करे सरकार -डॉ आसिफ

    किसान विरोधी बिलों को वापस ले मोदी सरकार -डॉ आसिफ
    अब देश में फैल चुका है किसान आंदोलन – माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली।आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान सत्याग्रहियों के खिलाफ प्रदर्शन करने ,उन्हें लाठी मारने, गोली मारो जैसे नारा लगाने वालों को सरकार को गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि इन उपद्रवियों ने किसान सत्यगृहियों के शिविरों को नष्ट ही नहीं किया बल्कि शांतिप्रिय किसानों पर जान लेवा हमले भी किये। उन्होंने कहा कि इन उपद्रवियों के हमलों के कारण  किसानों न सिर्फ घायल हुए बल्कि उनकी एकजुटता बढ़ी और किसान आंदोलन पूरे उत्तर प्रदेश,राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में धधक उठा हैं।

    डॉ आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि किसान आंदोलन विस्फोटक स्तिथि में पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन और भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह  शांति स्थापित करने के लिए किसानों के खिलाफ उपद्रव मचाने वालों को फौरन गिरफ्तार करे।

    माइनॉरिटी फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने कहा कि किसानों के बीच शूटर भेजे जाने , उनके खिलाफ दुष्प्रचार करने ,  लाल किला पर झंडा फहराने वाले को गिरफ्तार न किये जाने से देश और किसानों में नाराजगी है। इस नाराज़गी को दूर किया जाना समय की मांग है। जनभावना की कद्र करते हुए सरकार उपद्रवियों को कानून के दायरे लाये और उन पर सख्त करवाई करे।

    डॉ आसिफ ने कहा कि किसान आंदोलन के साथ देश का व्यापारी वर्ग भी करीब से जुड़ा हुआ है, वह भी मंडियों को खत्म किये जाने के खिलाफ है। इसके सतज पूरे देश की सहानुभूति किसानों के साथ है। इसलिए सरकार जनभावना को समझे और तुरंत प्रभाव से किसान विरोधी कानून वापस ले। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दूसरी बार किसानों ने दिल्ली कूच किया तो बड़े पैमाने पर जान माल का नुकसान हो सकता है। इसलिए किसान आंदोलन को तोड़ने की रणनीति बनाने के बदले किसानों की मांग को मान। यह भी सच है भाकपा समर्थकों का बहुत बड़ा हिस्सा याब किसानों के आंदोलन के साथ जुड़ गया है

  • حکومت کسانوں کو غدار کہنے والوں کو گرفتار کرے : ڈاکٹر آصف

    مودی حکومت نے کسان مخالف بل واپس لے : ڈاکٹر آصف
    ملک میں اب کسانوں کی تحریک پھیل چکی ہے:آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

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    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے کہا ہے کہ دہلی کی سرحدوں پر بیٹھے کسان ستیہ گراہوں کے خلاف احتجاج کرنے ، ان پر لاٹھی چارج کرنے ، گولی مارو جیسے نعرے لگانے والوں کو حکومت کو گرفتار کرنے چاہئیں۔ انہوں نے کہا کہ ان شرپسندوں نے نہ صرف کسان ستیہ گراہیوں کے کیمپوں کو تباہ کیا بلکہ امن پسند کسانوں پر جان لیوا حملے بھی کیے۔ انہوں نے کہا کہ ان شرپسندوں کے حملوں کی وجہ سے نہ صرف کسان زخمی ہوئے ہیں ، بلکہ ان کی یکجہتی میں اضافہ ہوا ہے اور کسانوں کا احتجاج پورے اترپردیش ، راجستھان ، ہریانہ اور پنجاب میں چل گیا ہے۔

    ڈاکٹر آصف نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا ہے کہ کسانوں کی تحریک کو ایک دھماکہ خیز حالت میں لانے کے لئے پولیس انتظامیہ اور بی جے پی کارکن مکمل طور پر ذمہ دار ہیں۔ حکومت کی ذمہ داری ہے کہ وہ امن قائم کرنے کے لئے کسانوں کے خلاف تشدد کے مجرموں کو فوری گرفتار کرے۔

    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر آصف نے کہا کہ کسانوں میں شوٹر نہ بھیجنے ، ان کے خلاف مہم چلانے اور لال قلعہ پر پرچم بردار کو گرفتار نہ کرنے پر ملک اور کسانوں میں ناراضگی ہے۔ اس جلن کو دور کرنا وقت کی ضرورت ہے۔ عوامی جذبات کی تعریف کرتے ہوئے حکومت کو چاہئے کہ وہ قانون کے مرتکب افراد کو سامنے لائے اور ان کو سختی سے سخت کرے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ ملک کا بزنس کلاس کسان تحریک سے بھی قریب سے وابستہ ہے ، وہ بھی مینڈس کے خاتمے کے خلاف ہے۔ پورے ملک کی ہمدردیاں کسانوں کے ساتھ ہیں۔ لہذا حکومت عوامی جذبات کو سمجھے اور کسان مخالف قانون کو فوری طور پر واپس لے۔ انہوں نے متنبہ کیا کہ اگر کسان دوسری بار دہلی کا سفر کرتے ہیں تو بڑے پیمانے پر جان و مال کا نقصان ہوسکتا ہے۔ لہذا ، کسانوں کی تحریک کو توڑنے کے لئے حکمت عملی وضع کرنے کی بجائے کسانوں کا مطالبہ قبول کریں۔ یہ بھی سچ ہے کہ سی پی آئی کے حامیوں کا ایک بڑا حصہ کسانوں کی نقل و حرکت سے وابستہ رہا ہے۔

  • नेताजी का जन्म दिन मनाया – डॉ आसिफ ने कहा नेताजी के मार्ग पर चलें आजादी अभी अधूरी

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के मुख्यालय में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म दिन उल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने उपस्थित पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नेताजी के सपने अभी पूरे नहीं हुए हैं, उन्होंने जैसे आजाद भारत की कल्पना की थी व अभी अधूरी है। उन्होंने कहा कि पूरी आजादी के सपनों को पूरा करने के लिए हमें अभी बहुत कुछ करना है।

    उन्होंने कहा कि देश के सामने अभी यह रहस्य बना हुआ है कि नेताजी की मौत किन्ही स्वाभाविक कारणों से हुई या उसके पीछे कोई षडयंत्र था। डॉ आसिफ ने कहा कि 75 वर्षों से यह रहस्य बना हुआ अनेक जांच कमेटियां बनी लेकिन किसी भी जांच समिति ने उनकी मौत के रहस्य से पर्दा नहीं हटाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायदा किया था कि वे नेताजी की मौत की जांच पर आई रिपोर्ट को सार्वजनिक कर देंगे। उम्मीद थी की देश के सर्वप्रिय नेता सुभाष बाबू की मौत का रहस्य साफ हो जाएगा लेकिन अभी तक मोदी जी भी इस काम को करने में सफल नहीं हुए है। नेताजी के जन्मदिसव उत्सव में अनेक अन्य नेताओं ने भी अपने उदगार व्यक्त किए।

  • نیتا جی کے راستے پر چلیں،آزادی ابھی ناقص:ڈاکٹر ایس ایم آصف

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    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر دفتر میں نیتا جی سبھاش چندر بوس کی سالگرہ منائی گئی۔ اس موقع پر پارٹی کے صدر ڈاکٹرایس ایم آصف نے پارٹی رہنماو ¿ں اور کارکنوں سے خطاب کرتے ہوئے کہا کہ نیتا جی کے خواب ابھی تک پورے نہیں ہوسکے ، جس طرح انہوں نے آزاد ہندوستان کا تصور کیا تھا اور نامکمل ہے۔ انہوں نے کہا کہ مکمل آزادی کے خواب کو پورا کرنے کے لئے ہمارے پاس ابھی بہت کچھ کرنا باقی ہے۔

    انہوں نے کہا کہ یہ ملک کے سامنے یہ معمہ ہے کہ نیتا جی کی موت کسی قدرتی وجوہ کی بنا پر ہوئی ہے یا اس کے پیچھے کوئی سازش ہوئی ہے۔ ڈاکٹر آصف نے کہا کہ بہت ساری تفتیشی کمیٹیاں 75 سال سے ایک راز رہی ہیں لیکن کسی بھی تحقیقاتی کمیٹی نے ان کی موت کا راز نہیں ہٹایا۔ وزیر اعظم نریندر مودی نے وعدہ کیا تھا کہ وہ نیتا جی کی موت کی تحقیقات سے متعلق رپورٹ عام کریں گے۔ امید کی جا رہی تھی کہ ملک کے سب سے مشہور رہنما سبھاش بابو کی موت کا رازفاش ہوجائے گا ، لیکن اب تک مودی جی یہ کام کرنے میں کامیاب نہیں ہوسکے ہیں۔ بہت سے دوسرے رہنماو ¿ں نے بھی نیتا جی کی یوم پیدائش کے موقع پر اپنے خیالات کا اظہار کیا۔

  • मोदी जी पराक्रम दिवस पर सुभाष बोस की मौत का रहस्य खोलेंगे -डॉ आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को  बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत पर बने रहस्य पर्दा उठाएंगे। पराक्रम दिवस के अवसर पर देश और खासकर बंगाल की जनता को इस रहस्य उद्घाटन का इंतेज़ार है।

    आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सय्यद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि आज़ाद हिंद फौज के नायक और अदम्य साहस के प्रतीक सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से 75 साल बाद भी पर्दा नहीं उठा है। प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह उनकी मौत से जुड़ी सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करके सुभाष बाबू की मौत कहाँ,कैसे और कब हुई इस रहस्य को उजागर कर देंगे। मोदी ने तब यह आरोप भी लगाया था कि सुभाष बाबू की मौत को सत्ता में बैठे लोग जानबूझ कर रहस्य बनाये हुए हैं।
    डॉ आसिफ ने कहा कि वायदा पूरा करने वाले प्रधान मंत्री  से अपने वचन को पूरा करेंगे। उनके द्वारा रहस्य खोले जाने से  बंगाल सहित पूरे देश को संतुष्टि मिलेगी और पता चल जाएगा कौन वह शत्रु देश है जिसने हमारे सर्वप्रिय स्वतंत्रता के नायक के विरुद्ध मौत का षड्यंत्र रचा था।

    डॉ आसिफ ने कहा कि 8 अगस्त 1945 को नेताजी हवाई जहाज से मंचुरिया जा रहे थे और इसी सफर के बाद वो लापता हो गए। जापान की एक संस्था ने 23 अगस्त को ये खबर जारी किया कि नेताजी का विमान ताइवान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिस कारण उनकी मौत हो गई थी। जबकि सच इससे अलग है।

    नेताजी की रहस्‍यमय मौत, प्लेन क्रैश पर शक के साथ-साथ एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर जापान में रखी अस्थियां वाकई नेताजी की हैं तो उन्हें अबतक भारत क्यों नहीं लाया गया? इस  रहस्य से भी पर्दा उठना ज़रूरी है।

    उन्होंने बताया कि तथ्यों के मुताबिक 18 अगस्त, 1945 को नेताजी हवाई जहाज से मंचुरिया जा रहे थे और इसी सफर के बाद वो लापता हो गए। हालांकि, जापान की एक संस्था ने उसी साल 23 अगस्त को ये खबर जारी किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का विमान ताइवान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई थी। लेकिन इसके कुछ दिन बाद खुद जापान सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि, 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में कोई विमान हादसा नहीं हुआ था। इसलिए आज भी नेताजी की मौत का रहस्य खुल नहीं पाया।

    उनका अवशेष टोक्यो पहुंचाया गया, जहां सितंबर 1945 से ही उनके अवशेष रेंकोजी मंदिर में रखे हुए हैं। जापान से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों को अब तक भारत क्यों नहीं लाया गया है, इस पर अलग-अलग सरकारें अलग-अलग वजह गिनवाती रही हैं।

  • مودی جی پراکرم دیوس پر سبھاش بوس کی موت کا راز انکشاف کریں گے: ڈاکٹرایس ایم آصف

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    وزیر اعظم نریندر مودی 23 جنوری کو بنگال میں نیتا جی سبھاش چندر بوس کی موت کے پیچھے اسرار کو پردہ کریں گے۔ پراکرم دیوس کے موقع پر ملک اور خاص طور پر بنگال کے عوام اس خفیہ افتتاح کے منتظر ہیں۔

    یہاں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف کی طرف سے جاری کردہ ایک بیان میں کہا گیا ہے کہ آزاد ہند فوج کے ہیرو اور ناقابل ہمت کی علامت سبھاش چندر بوس کی موت کے 75 سال بعد بھی انکشاف نہیں ہوا ہے۔ وزیر اعظم نریندر مودی نے کہا تھا کہ وہ اسرار سے پردہ اٹھائیں گے کہ سبھاش بابو کی موت سے متعلق تمام دستاویزات عام کریںگے کہ ان کی موت کہاں ، کیسے اور کب ہوئی۔ مودی نے یہ بھی الزام لگایا تھا کہ اقتدار میں رہنے والے لوگوں نے سبھاش بابو کی ہلاکت کے پیچھے جان بوجھ کر راز رکھے تھے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ وعدہ پورا کرنے والے وزیر اعظم اپنا وعدہ پورا کریں گے۔ ان کے ذریعہ راز افشا کرنے سے بنگال سمیت پورے ملک کو اطمینان ملے گا اور پتہ چل جائے گا کہ دشمن ملک کون ہے جس نے ہماری آزادی کے ہیرو کے خلاف موت کی سازش کی۔

    ڈاکٹر آصف نے بتایا کہ 18 اگست 1945 کو نیتا جی ہوائی جہاز کے ذریعے منچوریا جارہے تھے اور اس سفر کے بعد وہ غائب ہوگئے۔ 23 اگست کو ایک جاپانی تنظیم نے یہ خبر جاری کی کہ نیتا جی کا طیارہ تائیوان میں گر کر تباہ ہوا ہے ، جس کی وجہ سے ان کی موت ہوگئی ہے۔ جبکہ حقیقت اس سے مختلف ہے۔

    نیتا جی کی پراسرار موت کے ساتھ ساتھ ہوائی جہاز کے حادثے کا شبہ ایک بڑا سوال یہ بھی ہے کہ اگر جاپان میں رکھی ہوئی ہڈیاں واقعتا نیتا جی کی ہیں تو پھر اسے اب تک ہندوستان کیوں نہیں لایا گیا؟ اس راز سے بھی پردہ اٹھانا ضروری ہے۔

    انہوں نے بتایا کہ حقائق کے مطابق 18 اگست 1945 کو نیتا جی ہوائی جہاز کے ذریعے منچوریہ جارہے تھے اور اس سفر کے بعد وہ لاپتہ ہوگئے۔ تاہم ایک جاپانی ادارے نے اسی سال 23 اگست کو یہ خبر جاری کی تھی کہ نیتا جی سبھاش چندر بوس کا طیارہ تائیوان میں گر کر تباہ ہوگیا تھا ، جس کی وجہ سے اس کی موت ہوگئی تھی۔ لیکن کچھ ہی دن بعد خود جاپانی حکومت نے اس بات کی تصدیق کی کہ 18 اگست 1945 کو تائیوان میں جہاز کا کوئی حادثہ نہیں تھا۔ لہذا آج بھی نیتا جی کی موت کا معمہ سامنے نہیں آ سکا۔

    اس کی باقیات کو ٹوکیو پہنچایا گیا تھا جہاں ستمبر 1945 سے اس کی باقیات رینکوجی مندر میں رکھی گئی ہیں۔ اب تک جاپان سے نیتا جی سبھاش چندر بوس کی راکھ کو ہندوستان کیوں نہیں لایا گیا اس کی بابت مختلف حکومتیں مختلف وجوہات بتاتی رہی ہیں۔

  • मोदी जी बताएं अर्नब गोस्वामी तक संवेदनशील सूचनाएं कैसे पहुंचीं- डॉ एस एम आसिफ

    IMG_4432आज देश की इतनी संवदेन शील गोपनीय जानकारी एक तथाकथित  पीत पत्रकारिता करने वाले की गोदी मीडिया के स्वयं भ . अधिनायक  अर्नव तक कैसी पहुँच जाती है। जो सुचनाएँ प्रधान मंत्री ‘ रक्षा मंत्री रक्षा के उच्च आला अफसर तक कीसीमाओं के भीतर रहना चाहिए वह एक खबरिया चैनल के मालिक व एंकर को मिलना / तथा अपने हम राज दोस्त को ब्हाष्ट एप चैट मे शेयर करना है क्या यही 6 4 ” का सीना वाले देश के सच्चे चौकीदार की देश के मंदिर की चौखट  पर अपना माथा टेकते हुए सपथ का हिस्सा है। ना खाऊ गा ना खाने दुँगा । क्या इसका जबाब देश के सच्चे देश भक्त की यही पहचान है। माइनोरिटीज फ्रन्ट के संस्थापक अध्यक्ष डा० एस एम आशिफ ने देश की जनता की तरफ से प्रधान मंत्री / रक्षा मंत्री / सुचना प्रसारण मंत्री से यह सवाल पूछा है कि आज कल समाचार पत्र की सुखियाँ / टी ० वी चैनल मे चल रहे समाचार मेरिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की  व्हाट्सऐप चैट्स  पर उठे अति गंभीर सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए। आल इंडिया माइनॉरिटीज़ फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि यह मामला देश के लिए अतिसंवेदनशील और भारत की सुरक्षा से जुड़ा है।

    उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि जो बातें अर्नब की चैट में सामने आई हैं, वह गुप्त सूचनाएं उन तक कैसे और क्यों पहुंची यह जानना देश के नागरिकों काअधिकार है।
    उन्होंने कहा कि अर्नब को दो साल पहले बालाकोट में किए गए हमले की पहले से ही जानकारी थी। इतनी सेंसिटिव बातें अर्नब को कैसे पता चलीं यह बड़ा सवाल है।

    डॉ आसिफ ने कहा कि अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO पार्थ दासगुप्ता के जो चैट्स वायरल हुए हैं। वह तमाम जानकारी मोदी जी को अब तक मिल चुकी होंगी।

    चैट्स में बालाकोट और पुलवामा के बारे में भी जिक्र किया गया है।  उन्होंने यह भी कहा है कि अर्नब गोस्वामी को भी यह स्पष्ट करना चाहिए ये जानकारियां उन्हें कहाँ से मिलीं और वे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ न करें। जिस तरह से  वे कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी व अन्य नेताओं के सवालों का जवाब देने के बदले उल्टे उन पर लांछन लगा रहे है वह निंदनीय है और पत्रकारिता की नैतिकता के विरुद्ध है।

  • مودی جی بتائیں کہ حساس معلومات کس طرح ارنب گوسوامی تک پہنچی : ڈاکٹر ایس ایم آصف

    sm-asif-pic1نئی دہلی 21 جنوری
    آج ملک کے بارے میں بہت سی حساس معلومات ، ایک نام نہاد صحافی جو خود گودی میڈیا کا مالک ارنب تک کیسے پہنچ جاتی ہے؟ وہ معلومات جو وزیر اعظم ،وزیردفاع کے اعلی سطحی افسر کی حدود میں رکھنی چاہیں وہ یہ ہے کہ کسی نیوز چینل کے مالک اور اینکر سے ملاقات کرنا اور اپنے دوستوں کے ساتھ زبردست وہاٹس ایپ چیٹ میں شیئر کرنا ، کیا یہی 64 کا سینہ ملک کے اصل چوکیدار سپوت کا ایک حصہ ہے ، جس کی پیشانی ملک کے مندر کے دروازے کی چوکھٹ پر ہے۔ نا کھا ﺅںگا نا کھانے دونگا۔کیا یہ ملک کے حقیقی محب وطن کا جواب ہے۔ ڈاکٹر ایس ایم آصف آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے بانی صدر نے ملک کے عوام کی جانب سے وزیر اعظم وزیر دفاع وزیر اطلاعات نشریاتی وزیر سے یہ سوال پوچھا ہے کہ ان دنوں ، نیوز چینل میں چلنے والے اخبارات ٹی وی چینلز کی خبریں ، میرپبلٹ ٹی وی کے ایڈیٹر انچیف ، ارنب گوسوامی ، واٹس ایپ چیٹس پر اٹھے۔ وزیر اعظم نریندر مودی کو سنجیدہ سوالوں پر مداخلت کرنی چاہئے۔ آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف نے کہا ہے کہ یہ معاملہ ملک اور بھارت کی سلامتی کے لئے حساس ہے۔

    یہاں جاری ایک بیان میں ، انہوں نے کہا کہ ملک کے شہریوں کو یہ جاننے کا حق ہے کہ ارنب کی چیٹ میں خفیہ معلومات ان تک کیسے اور کیوں پہنچی۔

    انہوں نے کہا کہ ارنب دو سال قبل بالاکوٹ میں ہونے والے حملے سے پہلے ہی واقف تھا۔ ارنب کو اس طرح کی حساس چیزوں کا پتہ کیسے چلا ، یہ ایک بہت بڑا سوال ہے۔

    ڈاکٹر آصف نے بتایا کہ ارنب گوسوامی اور براڈکاسٹ آڈوئین ریسرچ کونسل (بی اے آر سی) کے سابق سی ای او پرتھ داس گپتا کے چیٹ وائرل ہوگئے ہیں۔ وہ ساری معلومات مودی جی کو ابھی موصول ہو چکی ہیں۔

    چیٹس میں بالاکوٹ اور پلوامہ کے بارے میں بھی ذکر ہے۔ انہوں نے یہ بھی کہا ہے کہ ارنب گوسوامی کو بھی واضح کرنا چاہئے کہ انہوں نے یہ معلومات کہاں سے حاصل کی ہے اور انہیں الٹا چور کوتوال کو ڈانٹنے کی کہاوت کا استعمال نہیں کرنا چاہئے۔ کانگریس پارٹی کے رہنما راہل گاندھی اور دیگر رہنماو ¿ں کے سوالوں کے جواب دینے کے بجائے جس طرح سے وہ ان پر الزامات عائد کررہے ہیں وہ توہین آمیز اور صحافت کے اخلاقیات کے منافی ہیں۔

  • देशी कोरोना वैक्सीन पर संशय निराधार-कोई राजनीति न करे- आसिफ

    कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए सबको एक साथ खड़ा होना होगा

    IMG_4432नई दिल्ली। अपने साइंटिस्टों पर भरोसा किया जाना चाहिए उनकी अथक मेहनत से कोरोना वैक्सीन बनी है। इसे लेकर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने यह बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार को अपनी तरफ से इस वैक्सीन पर प्रकट की जाने वाली शंका व संशय का संतोषजनक जवाब देना चाहिए ताकि इस महामारी को जड़ से खत्म करने का प्रचण्ड अभियान कामयाबी तक पहँचे।

    जनाब आसिफ ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और योग गुरु रामदेव का वैक्सीन न लगवाने का बयान बचकाना और देश के नागरिकों को गुमराह करने वाला है। स्वदेशी की हिमायत करने वाले इन महानुभावों को वैक्सीन का स्वागत करना चाहिए । उनके ऐसे बयानों से जनता भ्रमित होती है। विपक्ष दलों का केवल इसलिए विरोध ठीक नहीं है चंूकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की घोषणा कर दी है। भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एला ने भी टीके पर हो रही राजनीति पर अपनी आपत्ति दर्ज की है।

    आसिफ ने कहा  कि अखिलेश यादव, योगगुरु राम देव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वैक्सीन न लगवाने की आपत्तियों में राजनीति नजर आती है। प्रधानमंत्री खुद को यह वैक्सीन लगवाकर देश और दुनिया को एक स्वस्थ संदेश दे सकते हैं। विरोध के स्वर उठाने वालों को भी आगे आकर देशी वैक्सीन को आगे बढ़ाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों ने भी वैक्सीन बना ली है। हमें अपने अविष्कार और शोध पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार विधान सभा में कांग्रेस के नेता अजीत शर्मा को यह जिद नहीं करनी चाहिए कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश में सबसे पहले इस वैक्सीन को लगवाएं।

  • کورونا ویکسین پر شکوک و شبہات بے بنیاد ، کوئی سیاست نہ کرے: آصف

    کورونا ویکسین لگوانے کے لئے سب کو مل کر کھڑا ہونا ہو گا

    نئی دہلی05جنوری sm-asif-pic12021
    اپنے سائنس دانوں پر بھروسہ کیا جانا چاہئے اور ان کی انتھک محنت سے کورونا ویکسین کا باعث بنی ہے۔ اس کے بارے میں کوئی سیاست نہیں ہونی چاہئے۔ یہ بیان جاری کرتے ہوئے آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر ایس ایم آصف نے کہا کہ حکومت کو اس ویکسین پر اپنی طرف سے جس شکوک و شبہات کا اظہار کیا جارہا ہے اس کا تسلی بخش جواب دینا چاہئے تاکہ اس وبا کو ختم کرنے کے لئے بھرپور مہم چلائی جائے۔

    جناب آصف نے کہا کہ مدھیہ پردیش کے وزیر اعلی شیوراج سنگھ چوہان اور یوگا گرو رام دیو کا یہ ویکسین نہ لینے کا بیان بچکانہ ہے اور ملک کے شہریوں کو گمراہ کررہا ہے۔ یہ معززین جو سودیشی کی وکالت کرتے ہیں انہیں ویکسین کا خیرمقدم کرنا چاہئے عوام ان کے بیانات سے الجھن میں ہے۔ حزب اختلاف کی جماعتوں کی مخالفت جائز نہیں ہے کیونکہ وزیر اعظم نریندر مودی نے دنیا کی سب سے بڑی ویکسی نیشن مہم کا اعلان کیا ہے۔ ہندوستان بائیوٹیک کے ایم ڈی کرشنا ایلا نے بھی ویکسین پر ہونے والی سیاست پر اپنا اعتراض درج کرایا ہے۔

    آصف نے کہا کہ اکھلیش یادو ، یوگاگرو رام دیو اور مدھیہ پردیش کے وزیر اعلی شیوراج سنگھ چوہان کے ویکسین نہ لینے پر اعتراضات پر سیاست نظر آتی ہے۔ وزیر اعظم خود کو یہ ویکسین حاصل کر کے ملک اور دنیا کو ایک صحت مند پیغام دے سکتے ہیں۔ مخالفت کرنے والوں کو بھی آگے آنا چاہئے اور ملکی ویکسین کو آگے بڑھانے کے لئے کام کرنا چاہئے۔ انہوں نے کہا کہ دنیا کے بہت سے ممالک نے ویکسین بھی بنا رکھی ہے۔ ہمیں اپنی جدت اور تحقیق پر بھروسہ کرنا چاہئے۔ انہوں نے کہا کہ بہار قانون ساز اسمبلی میں کانگریس کے رہنما اجیت شرما کو اس بات پر اصرار نہیں کرنا چاہئے کہ وزیر اعظم نریندر مودی کو یہ ویکسین ملک میں پہلے لگانی چاہئے۔