• AIMF to boycott dowries, lavish weddings

    sm-asif-picNew Delhi, 04 April, 2021 - The All India Minoriy Front (AIMF) — has said they will not solemnise Muslim marriages if dowry will be a part of it.

    Terming dowry as “un-Islamic”, party president Dr SM Asif said that due to the ever-increasing demand for dowry, girls are not getting married in a large section of society.

    In a statement released here on Saturday,  Dr Asif has asked the Muslims  to refrain from demanding dowry and keep the marriage ceremony simple.
    He emphasised on solemnising marriages according to Islamic customs and minimise spending during weddings.

    “There are many Muslim families who are suffering even after marriage and many other commit suicide as they are unable to bear the physical and mental harassment,” he said.

    The AIMF chief stated, “Our party wants community to avoid spending money unnecessarily and prohibit wedding processions, fireworks, dancing and lavish feasts, which is un-Islamic.

  • फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ सभी राज्यों में वोट दें – डॉ आसिफ

    लोकतंत्र की रक्षा के लिए दीदी और धर्मनिरपेक्ष दलों की सरकार बनाएं- माइनॉरिटीज फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली । आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, असम में कांग्रेस गठबंधन, तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके गठबंधन केरल में वाम गठबंधन और पुड्डुचेरी में भाजपा विरोधी कांग्रेस नीत गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की है।

    पार्टी के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने राज्यों में अपनी पार्टी  के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि जहां फ्रंट के उम्मीदवार नहीं खड़े हैं, वहां वहां धर्मनिरपेक्ष दलों व गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में कार्य करें और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कार्य करें। फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहाँ लोकतंत्र बचने के लिये  ईवीएम की संभावित गड़बड़ियों पर नज़र रखना ज़रूरी है। अब पांचों जगह चुनाव प्रचार का शोर थम गया है। इन पांचों जगह मंगलवार को वोट डाले जाएंगे.

    डॉ आसिफ ने कहा कि सम्प्रदायिक दल एक ओर साम्प्रदायिक धुर्वीकरण की नाकाम कोशिश में जुटे हैं वहीं धन, बाहुबल, केंद्रीय सुरक्षा बल सहित चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इन दलों को लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान की भी परवाह नहीं है

    डॉ आसिफ ने कहा कि देश में लोकतंत्र बनाये रखने के लिए भाजपा को भगाना ज़रूरी हो गया । ये लोग टुकड़ों में देश को पूंजीपतियों के हाथों में बेच रहे है। जनता की जिम्मेदारी है कि वह देश को बचाने के लिए भारत विरोधी भजपा को हराये।

  • فرقہ پرست طاقتوں کے خلاف تمام ریاستوں میں ووٹ دیں : ڈاکٹر آصف

    جمہوریت کے تحفظ کے لئے دیدی اور سیکولر پارٹیوں کی حکومت بنائیں:آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

    sm-asif-pic1نئی دہلی 04اپریل
    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ نے مغربی بنگال میں ترنمول کانگریس ، آسام میں کانگریس اتحاد ، تمل ناڈو میں کانگریس ڈی ایم کے اتحاد ، کیرالہ میں بائیں بازو اتحاد اور پڈوچیری میں بی جے پی مخالف کانگریس کے زیرقیادت اتحاد کے حق میں ووٹ ڈالنے کی اپیل کی ہے۔

    پارٹی صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے ریاستوں میں اپنی پارٹی کے رہنماو ¿ں اور کارکنوں کو ہدایت کی ہے کہ وہ سیکولر پارٹیوں اور اتحادی امیدواروں کے حق میں کام کریں جہاں فرنٹ کے امیدوار کھڑے نہیں ہیں اور اپنی فتح کو یقینی بنائیں۔فرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف نے کہا کہ یہاں جمہوریت سے بچنے کے لئے ای وی ایم کی ممکنہ گندگی پر نظر رکھنا ضروری ہے۔ اب پانچوں مقامات پر انتخابی مہم کا شور رک گیا ہے۔ منگل کو ان پانچ مقامات پر ووٹ ڈالے جائیں گے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ فرقہ وارانہ جماعتیں ایک طرف فرقہ وارانہ پولرائزیشن کی ناکام کوشش کی کوشش کر رہی ہیں ، جبکہ پیسہ ، پٹھوں اور مرکزی سیکیورٹی فورس سمیت الیکشن کمیشن کو غلط استعمال کررہی ہیں۔ ان جماعتوں کو جمہوری اقدار اور خواتین کے تحفظ اور احترام کی پرواہ نہیں ہے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ ملک میں جمہوریت کو برقرار رکھنے کے لئے بی جے پی کو ختم کرنا ضروری ہے۔ یہ لوگ سرمایہ داروں کو ٹکڑوں میں ملک بیچ رہے ہیں۔ عوام کی ذمہ داری ہے کہ وہ ملک کو بچانے کے لئے بھارت مخالف بی جے پی کو شکست دیں۔

  • दहेज प्रथा नहीं रोकी तो मुसलमान समुदाय बर्बाद हो जाएगा – डॉ आसिफ

    न दहेज दीजिये न दहेज वाली शादियों में शामिल हों – माइनोरिटीज फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली । आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने मुस्लिम समाज से अनुरोध किया है कि वे देहेज लेने और देने वाले विवाह समारोह में न शामिल हों और शादियां शरियत के मुताबिक करें। समाज के जो सम्पन्न लोग हैं वे सादगी से शादी करें। फिजूलखर्ची को रोकें और उस धन का इस्तेमाल समाज में शिक्षा के स्तर को सुधारने में करने की पहल करें।

    ऑल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सय्यद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि दहेज के कारण आत्म हत्या करने वाली आयशा की बेबसी को समाज महसूस करे। ऐसी हत्याएं व आत्म हत्याएं मुस्लिम समाज  पर कलंक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि खुलेआम दहेज मांगा जा रहा है, दहेज का भोंडा प्रदर्शन हो रहा है। लडक़ी के मां- बाप -भाई भारी कर्ज में डूब रहे हैं। कर्ज और ब्याज चुकाते चुकाते कंगाल हो रहे हैं। लेकिन दहेज की लानत से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।

    डॉ आसिफ ने  कहा कि नमाज, रोजे , जकात, खैरात फितरा ही नहीं, बिना कुछ लिए और दिए निकाह करना भी मुसलमानों पर वाजिब है। इस्लाम में साफ साफ कहा गया है कि निकाह इस तरह से करें कि शादी लडक़ी के परिवार पर बोझ न बने। लेकिन इस वक्त सब कुछ उलटा हो रहा है।  आज मुस्लिम समाज में भी चकाचौंध भरी शादियां करने की हौड़ लगी हुई है. दहेज और शादियों के नाम पर लडक़ी वाले पर इतना बोझ डाल देना सिर्फ समाज के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के लिए एक बड़ा खतरा है.

    फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने कहा कि जबसे आयशा का मामला सामने आया है तभी से देशभर के उलेमा और इमामों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है. इसके खिलाफ तमाम उलेमा एकजुट होकर मुहिम चला रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दहेज रूपी यह बीमारी मुस्लिम समाज से खत्म होगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी कदम उठाया है. वैसे भी इस्लाम में जो लोग दहेज ले रहे हैं। वह शरीयत के कानून से वाकिफ नहीं हैं।

    डॉ आसफि ने बताया कि अल्लाह के रसूल की हदीस है कि जो लोग माल-ओ-दौलत की बुनियाद पर शादियां करते हैं, अल्लाह उन्हें गरीबी में मुब्तला करता है. कोई भी आदमी दुनिया में ऐसा नहीं है जो दहेज लेकर मालदार हो गया हो. बल्कि उनके घरों में गुरबतें आती है।

  • جہیز کے نظام کو نہ روکا گیا تو مسلم معاشرہ برباد ہوجائے گا: ڈاکٹر آصف

    نہ جہیز دیں نہ جہیز والی شادیوں میں شرکت کریں:آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

    sm-asif-pic1نئی دہلی03 اپریل
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے مسلم معاشرے سے جہیز لینے اور تحفے دینے والی شادیوں میں شرکت نہ کرنے اور شریعت کے مطابق شادی بیاہ کرنے کی درخواست کی ہے۔ معاشرے کے امیر لوگوں کو سادگی کے ساتھ شادی کرنی چاہئے۔ فضول استعمال بند کریں اور معاشرے میں تعلیم کے معیار کو بہتر بنانے کے لئے اس رقم کو استعمال کرنے کے لئے پہل کریں۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا کہ معاشرے کو عائشہ کی بے بسی کو محسوس کرنا چاہئے جس نے جہیز کے سبب خود کشی کرلی ۔ اس طرح کے قتل اور خود کشی مسلم معاشرے پر بدنما داغ ہیں۔ انہوں نے کہا کہ جہیز کی کھلم کھلا کوشش کی جارہی ہے ، جہیز کے مظاہرے ہو رہے ہیں۔ بچی کے والدین بھاری قرضوں میں ڈوب رہے ہیں۔ قرضوں کی ادائیگی اور سود دیوالیہ ہوتا جارہا ہے لیکن ہم جہیز سے نجات نہیں پا سکتے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ صرف نماز ، روزے ، زکوٰة، ، خیرت فطرہ ہی نہیں ، مسلمانوں پر بھی ضروری ہے کہ بغیر کچھ لئے اور دیئے نکاح کریں۔ اسلام نے واضح طور پر کہا ہے کہ شادی اس طرح کی جانی چاہئے کہ شادی لڑکی کے کنبے پر بوجھ نہ بن جائے لیکن اس وقت سب کچھ الٹ کیا جارہا ہے۔ آج مسلم معاشرے میں بھی شاندار شادیاں کرنے کا رواج عام ہوگیا ہے۔ جہیز اور شادیوں کے نام پر بچی پر اتنا بوجھ ڈالنا نہ صرف معاشرے بلکہ انسانیت کے لئے بھی ایک بہت بڑا خطرہ ہے۔

    فرنٹ کے صدر ڈاکٹر آصف نے کہا کہ جب سے عائشہ کا معاملہ سامنے آیا ہے ، ملک بھر کے علمائے کرام اور آئمہ دین نے اسے بہت سنجیدگی سے لیا ہے۔ تمام علمائے کرام اس کے خلاف متحدہ مہم چلا رہے ہیں۔ توقع ہے کہ جلد ہی اس معاشرے سے جہیز کی بیماری ختم ہوجائے گی۔ انہوں نے بتایا کہ مسلم پرسنل لاءبورڈ نے بھی اس معاملے میں اقدامات اٹھائے ہیں۔ بہرحال جو اسلام میں جہیز لے رہے ہیں وہ شریعت کے قانون سے واقف نہیں ہے۔ ڈاکٹرآصف نے کہا کہ اللہ کے رسول کی حدیث یہ ہے کہ جو لوگ مال او دولت کی بنیاد پر شادی کرتے ہیں ، اللہ انہیں غربت میں باندھ دیتا ہے۔ دنیا میں کوئی ایسا آدمی نہیں جو جہیز لے کر دولت مند ہو بلکہ ان کے گھروں میں غربت آتی ہے ۔