• केजरीवाल की लापरवाही से दिल्ली में मौतें और हाहाकार -डॉ आसिफ

    अपने प्रचार पर अरबों  खर्च कोविड मरीज़ों के लिये कुछ नहीं- माइनोरिटीज फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने   कहा है कि दिल्ली में लगातार चटपट हो रही मौतों के लिए सीधे तौर पर केजरीवाल सरकार है।

    उन्होंने कहा कि कोरोना मरीज़ों के लिए सरकार ने बीते एक वर्ष में एक भी अतिरिक्त अस्पतातल नहीं बनवाया। जिन अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज हो रहा है ,उनकी हालत नर्क से बदतर हो चुकी है। कोरोना से मौत का शिकार  लोगों की लाशें कूड़े के ढेर की तरह जहां तहां पड़ी हैं। मरीज़ तड़प रहे हैं, रिश्तेदार बिलख रहे हैं। केजरीवाल सिर्फ लॉक डाउन जारी कर अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रही है। डॉ आसिफ ने कहा कि केजरी सरकार ने दिल्ली पर राज करने का अपना नैतिक अधिकार खो दिया है।

    उन्होंने कहा कि आत्मप्रशंसा का प्रचार करने पर अरबों रुपये जो खर्च किये है उस राशि से दिल्ली में कई स्थायी व अस्थायी अस्पताल बनाये जा सकते थे। शहर की साफ सफाई और सेनेटीजेशन पर पूरे वर्ष कोई ध्यान नहीं दिया। हर जगह कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता रहा, कही कोई  पुख्ता इंतेज़ाम नहीं किया। अब पानी सिर से ऊपर पहुंच तो बिन मास्क वाले गरीबों के दो दो हज़ार रुपये के चालान काटने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल अजीब ओ गरीब मुख्यमंत्री है। पहले कहा कर्फ्यू नहीं लगाएंगे। फिर खुद कर्फ्यू लगवा दिया। फिर कहा लॉक डाउन नहीं करेंगे अब लॉक डाउन लगा दिया। क्या उनके पास दिल्ली की वास्तविक जानकारी नहीं रहती है। वे आखिर मुख्यमंत्री क्यो हैं?

    डॉ आसिफ ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सवाल किया है कि दिल्ली में लाखों प्रवासी दैनिक मजदूर है क्या आपने उनके भोजन पानी का कोई इंतेज़ाम किया है। दिल्ली के गरीब इस लॉक डाउन में आखिर कैसे ज़िंदा रहेंगे। सरकार ने कोई जिम्मेदारी अब तक क्यों नहीं ली। फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने दिल्ली के गरीब गुरबा और प्रवासी मजदूरों के किये तुरंत आर्थिक पैकेज व निशुल्क भोजन व्यवस्था किये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल सरकार ऐसी व्यवस्था न करे तो केंद्र सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए।

    डॉ आसिफ ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से भी अनुरिध किया है कि वे दिल्ली में सामान्य जीवन के लिए ठोस दिशा निर्देश दें।

  • کجریوال کی لاپرواہی کی وجہ سے دہلی میں موتیں اور غم و غصہ: ڈاکٹر آصف

    اپنی تشہیر پر اربوں خرچ ،کوڈ مریضوں کے لئے کچھ بھی نہیں :اے آئی ایم ایف

    sm-asif-pic1نئی دہلی20اپریل
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے کہا ہے کہ دہلی میں مسلسل ہلاکتوں کے لئے کیجریوال حکومت براہ راست ذمہ دار ہے۔ انہوں نے کہا کہ حکومت نے گذشتہ ایک سال میں کورونا مریضوں کے لئے کوئی اضافی اسپتال نہیں بنایا ہے۔

    اسپتالوں کی حالت جہاں کوویڈ مریضوں کا علاج کیا جارہا ہے وہ جہنم سے بدتر ہوچکا ہے۔ کرونا سے موت کے شکار افراد کی لاشیں کچرے کے انبار کی طرح ہیں جہاں وہ پڑے ہوئے ہیں۔ کجریوال صرف لاک ڈاو ¿ن جاری کرکے اپنی ذمہ داریوں سے دور ہورہے ہیں۔ ڈاکٹر آصف نے کہا کہ کیجریوال حکومت دہلی پر حکمرانی کا اخلاقی حق کھو چکی ہے۔ انہوں نے کہا کہ اربوں روپے خرچ کرنے والے اس خودمختاری کو فروغ دینے کے لئے دہلی میں بہت سے مستقل اور عارضی اسپتال تعمیر ہوسکتے ہیں۔ سال بھر شہر کی صفائی ستھرائی اور صفائی ستھرائی پر کوئی توجہ نہیں دی گئی۔ کورونا پروٹوکول کی ہر جگہ خلاف ورزی ہوئی ، کوئی پختہ انتظام نہیں کیا گیا تھا۔ اب جب پانی سر کے اوپر پہنچ گیا تو بغیرماسک والے غریب لوگوں کے دو ہزار روپے کے چالان کاٹنے شروع کردیئے۔ انہوں نے کہا کہ کیجریوال عجیب و غریب وزیر اعلی ہیں۔ پہلے کہا ہم کرفیو نافذ نہیں کریں گے پھر کرفیو نافذ کردیا۔

    پھر کہا کہ ہم لاک ڈاو ¿ن نہیں کریں گے اب انہوں نے لاک ڈاﺅن بھیی لگا دیا ۔ کیا انہیں دہلی کے بارے میں اصل معلومات نہیں ہیں؟ وہ وزیر اعلی کیوں ہے؟
    ڈاکٹر آصف نے دہلی کے وزیر اعلی اروند کیجریوال سے سوال کیا ہے کہ دہلی میں لاکھوں تارکین وطن روزانہ مزدور ہیں ، کیا آپ نے ان کے کھانے پینے کے پانی کا کوئی انتظام کیا ہے؟ اس لاک ڈاو ¿ن میں دہلی کا غریب کیسے زندہ رہے گا۔ حکومت نے اب تک کوئی ذمہ داری کیوں نہیں اٹھائی ہے۔ محاذ کے صدر ڈاکٹر آصف نے دہلی کے غریب اور تارکین وطن مزدوروں کے لئے فوری معاشی پیکیج اور مفت کھانے کے انتظامات کا مطالبہ کیا۔ انہوں نے کہا کہ اگر کیجریوال حکومت ایسا نظام نہیں بناتی ہے تو پھر مرکزی حکومت کو ایسا نظام بنانا چاہئے۔ ڈاکٹر آصف نے دہلی کے لیفٹیننٹ گورنر انیل بیجل سے بھی دہلی میں معمول کی زندگی کے لئے ٹھوس رہنما اصول دینے کی درخواست کی ہے۔

  • जीवन का बहुत नुकसान हो गया प्रधानमंत्री हस्तक्षेप करें -माइनोरिटीज फ्रंट

    चट पट हो रही मौतें, चुनाव रैलियां बन्द हों-डॉ आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने राजनैतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे अपनी तमाम चुनाव रैलियों को तुरंत प्रभाव से रद्द करें, क्योंकि जनसाधारण का जीवन चुनाव से अधिक महत्त्वपूर्ण है।

    उन्होंने यहां जारी बयान में कहा है कि चुनाव वाले राज्यों सहित पूरे देश में कोरोना से चटपट मौतें हो रही है। अत्यधिक मौतों के कारण श्मसान और कब्रिस्तान अंतिम संस्कार के लिए छोटे पड़ गए है। अस्पतालों में मरीज़ों के इलाज के लिए बेड नहीं है। ऑक्सीजन और कोरोना की दवाइयों का भयावह संकट पैदा हो गया है। इसलिए देश में पहले कोरोना महामारी से निपटने की ज़रूरत है। जीवन रहेगा तो चुनाव होते राहेंगे। चुनाव के बिना भी राज्योंनक काम चल सकता है।

    डॉ आसिफ ने इस मेडिकल आपात स्तिथि की ओर ध्यानाकर्षित करते हुए, चुनाव से कहा है कि राज्यों में जारी चुनाव प्रक्रिया को वह स्थगित करे ताकि लोगों के जन माल की हिफाज़त  हो सके। चुनाव प्रक्रिया में जो राजस्व खर्च हो रहा है, उस धन को स्वास्थ्य सुविधा में विस्तार और दवाइयों के संकट को खत्म करने में उपयोग किया जाए।

    उन्होंने कहा कि देश भयावह स्तिथि से गुज़र रहा है। देश की राजधानी में भी सुरक्षित जीवन पर संकट बढ़ता जा रहा है। डॉ आसिफ ने कहा ऐसी स्तिथि में प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करते हुए कहना चाहिए कि पहले जीवन फिर चुनाव। उन्होंने कहा कि यही भारत की प्राथमिकता होनी चाहिए।

    उन्होंने घोषणा की कि माइनोरिटीज फ्रंट कही रैली नहीं करेगा। पार्टी की मांग है कि जहां चुनाव सम्पन्न हुए हैं  उन्हें रद्द किया जाए और बाकी स्थानों के चुनाव स्थगित किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले ही देर ही चुकी है अब तुरंत प्रभाव से चुनाव रोकना ज़रूरी हो गया है।

  • زندگی کا بہت نقصان ہوگیا ،وزیراعظم مداخلت کریں:اے آئی ایم ایف

    چٹ پٹ ہورہی موتیں ، انتخابی ریلیاں بند ہوں:ڈاکٹر آصف

    sm-asif-pic1نئی دہلی19 اپریل
    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے سیاسی جماعتوں سے درخواست کی ہے کہ وہ اپنی تمام انتخابی ریلیوں کو فوری اثر کے ساتھ منسوخ کریں ، کیونکہ عام آدمی کی زندگی انتخابات سے زیادہ اہم ہے۔

    یہاں جاری ایک بیان میں انہوں نے کہا کہ انتخابات سمیت پورے ملک میں کورونا کی وجہ سے بہت سی اموات ہو رہی ہیں۔ زیادہ اموات کی وجہ سے قبرستان اور شمشان چھوٹے ہوگئے ہیں۔ اسپتالوں میں مریضوں کے علاج کے لئے بستر نہیں ہوتے ہیں۔ آکسیجن اور کورونا ادویات کا خوفناک بحران پیدا ہوگیا ہے۔ لہذا ، ملک میں سب سے پہلے کورونا وبا سے نمٹنے کی ضرورت ہے۔ اگر زندگی رہی تو انتخابات ہوں گے۔ یہاں تک کہ انتخابات کے بغیر بھی ، ریاستیں کام کرسکتی ہیں۔

    ڈاکٹر آصف نے اس طبی ایمرجنسی کی طرف توجہ دلاتے ہوئے انتخابات سے ریاستوں میں جاری انتخابی عمل ملتوی کرنے کا مطالبہ کیا ہے تاکہ عوام کے عوامی سامان کی حفاظت کی جاسکے۔ انتخابی عمل میں جو محصول خرچ ہو رہا ہے وہ صحت کی سہولیات کو بڑھانے اور ادویات کے بحران کو ختم کرنے کے لئے استعمال کیا جائے۔

    انہوں نے کہا کہ ملک ایک خوفناک صورتحال سے گزر رہا ہے۔ ملک کے دارالحکومت میں بھی محفوظ رہائش پر بحران بڑھ رہا ہے۔ ڈاکٹر آصف نے کہا کہ ایسی صورتحال میں وزیر اعظم کو مداخلت کرنی چاہیے کہ پہلے زندگی اور پھر الیکشن۔ انہوں نے کہا کہ یہ ہندوستان کی ترجیح ہونی چاہئے۔

    انہوں نے اعلان کیا کہ آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کہیں بھی ریلی نہیں نکالے گا۔ پارٹی نے مطالبہ کیا ہے کہ جہاں انتخابات ہوئے ہیں ان انتخابات کو منسوخ کیا جائے اور دیگر مقامات کے انتخابات ملتوی کردیئے جائیں۔ انہوں نے کہا کہ پہلے ہی دیر ہوچکی ہے ، اب انتخابات کو فوری اثر سے روکنے کی ضرورت ہے۔

  • खुद को तसल्ली और दूसरों में खुशियां बांटिए – डॉ आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली।आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट ने आपलोगों को अपनी खैरात ज़कात को उसके असली हकदार तकपहुंचाने वायदा किया है।

    आल इंडिया माइनोरिटीज  फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मुहम्मद आसिफ ने कहा है कि आप अपने देश भारत में हों या किसी भी दूसरे मुल्क में आपकी भेजी हुई राशि ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इसलिए अपनी खैरात ज़कात को लेकर परेशान न होइये । सालों से हम आपकी दी हुई मेहनत से कमाई राशि ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंच रहे हैं।

    all india minorities front के नाम से central bank of india में . Account no.3711908605 और IFSC code: CBIN0280303 है। खैरात ज़कात और मदद की नीयत से हमारे account भेजा अमाउंट इंसानी ज़रूरत को पूरा करने के लिए संजीदगी से प्रयोग किया जाता है।

  • خودکو تسلی اور دوسروں میں خوشیاں بانٹیں : ڈاکٹر آصف

    sm-asif-pic1نئی دہلی14اپریل
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے وعدہ کیا ہے کہ آپ کو اپنی خیرات زکوة کو اس کے حقدار تک پہنچانے کا وعدہ کیا ہے ۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے کہا ہے کہ چاہے آپ اپنے ملک ہندوستان میں ہوں یا کسی اور ملک میں آپ کی رقم ضرورت مند لوگوں کو بھیجی جائے گی۔ لہذا اپنی بیل آو ¿ٹ زکوٰ ة کی فکر نہ کریں۔ گذشتہ برسوں کے دوران ہم آپ کی محنت سے کمائے ہوئے پیسوں سے مشکل سے کمائی جانے والی رقم تک پہنچ رہے ہیں۔

    ہندوستان کے مرکزی بینک میں تمام ہندوستانی اقلیتوں کے نام پر۔ اکاو ¿نٹ نمبر 37711908605 اور آئی ایف ایس سی کوڈ : CBIN0280303ہے۔ ہمارے اکاو ¿نٹ میں خیرات و زکوٰة اور مدد کی نیت سے جو رقم بھیجی جاتی ہے وہ انسانی ضرورت کو پورا کرنے کے لئے پوری احتیاط کے ساتھ استعمال ہوتی ہے۔

  • Celebrate Eid, Navratri against the backdrop of Coronavirus: Asif

    sm-asif-picNEW DELHI,13 APRIL, 2021 – Dr. SM Asif in a statement released here on Tuesday requesting people to refrain from any mass gathering, religious or celebratory, at any time during the holy month of Ramadan and Navratri.

    Dr Asif who is national president of the All India Minoriy Front (AIMF) said “The initiative is aimed to ensure the health and safety of the people in the light of the pandemic and is aligned with the social distancing guidelines as mandated by the government in the light of COVID-19.”
    He said that Muslims should not visit the market for their Eid shopping as it may lead to a violation of the social distancing norms and result in the spread of the disease.

    The AIMF chief also sought that the EC should debar  campaigners and candidates from campaigning in the ongoing assembly elections ‘either permanently or for a stipulated, sufficiently long, period’, if they repeatedly violate the Covid-19 guidelines.

    The Central Government should prepare a road map to avoid the nationwide lockdown, which is likely to give further rise  of unemployment, Dr Asif said.

    The AIMF chief feared that another lockdown in India to  throw the lives of millions of people into chaos. No donor left to help the needy.

  • نوراتری اور رمضان المبارک میں کورونا سے بچنے کا عہد کریں : ڈاکٹر آصف

    اگر لاک ڈاﺅن ہوا تو بھوک سے تڑپ اٹھے گی :اے آئی ایم ایف

    sm-asif-pic1نئی دہلی13 اپریل
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے نوارتری اور رمضان المبارک کے اچھے موقع پر وطن عزیز کو مبارکباد پیش کی ہے اوراس بات پر زور دیا ہے کہ عوام کورونا وبا سے بچنے کے لئے روک تھام کریں۔ فرنٹ نے کہا ہے کہ یہ سمجھنا ضروری ہے کہ اگر زندگی ہے تو دنیا ہے لہذا کورونا پروٹوکول پر عمل کریں، گھروں میں دعائیں اور نماز پڑھیں۔ اگر ایسا نہ کیا گیا تو حکومتوں کو کورونا سے بچنے کے لئے لاک ڈاو ¿ن جیسے سخت اقدامات کرنے پر مجبور کیا جاسکتا ہے۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا ہے کہ ملک اور دہلی میں پہلے ہی بے روزگاری کا مسئلہ موجود ہے۔ اس بار دانی لوگ عام لوگوں کی مدد کے لئے باہر نہیں آئیں گے کیونکہ کورونا دور نے بھی ان کی کمر توڑ دی ہے۔ انہوں نے کہا کہ ہر ایک کو اپنے مذہبی عقائد کی پیروی کرنے کا پورا حق ہے لیکن کسی کو بھی حق نہیں کہ وہ کورونا پھیلائے۔ لہذا یہ ضروری ہے کہ مذہبی مقامات کی زیادہ تعداد میں اضافے سے اجتناب کیا جائے۔

    ڈاکٹر آصف نے بتایا کہ آخری وزٹ کے لئے قبرستان اور قبرستان چھوٹے ہو گئے تھے، ہسپتال بھرا ہوا ہے۔ وینٹیلیٹروں کی کمی واضح طور پر عیاں ہے، مہنگا علاج بھی دستیاب نہیں ہے۔ لہذا بچاو ¿ میں حفاظت موجود ہے۔ بازار میں ہجوم نہ کریں، سخت فاصلے پر عمل کریں۔ ہر شخص کی زندگی اس کے کنبہ اور ملک کے لئے اہم ہوتی ہے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ پولنگ سے منسلک ریاستوں میں کرونا کی وبا تیزی کے ساتھ پھیل رہی ہے ، لہذا الیکشن کمیشن کا فرض ہے کہ وہ انتخابی جلسوں کے فوری اثر پر پابندی لگائے۔ ان لوگوں پر بھاری جرمانے عائد کریں جو ریلی نکالتے ہیں اور کورونا پروٹوکول کی پیروی نہیں کرتے ہیں۔ ایسا کرنے والوں پر سختی کا اعلان کریں۔ انہوں نے کہا کہ قائدین کو صرف کرونا کی حفاظت کے لئے تقریر نہیں کرنی چاہئے ، بلکہ ایسا کوئی کام نہیں کرنا ہے جس سے کورونا پروٹوکول کی خلاف ورزی ہو۔

  • नवरात्र और रमज़ान में कोरोना से बचने का संकल्प लें -डॉ आसिफ

    लॉक डाउन हुआ तो भूख से तड़प उठेगी आधी आबादी- फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने देशवासियों को नवरात्र और रमज़ान के पावन अवसर पर  मुबारकबाद देते हुए कोरोना महामारी से बचने के लिए संयम से रहने की अपील की है। फ्रंट ने कहा है कि यह समझना जरूरी है कि जान है तो जहान है। इसलिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। नमाज़ व पूजा अर्चना अपने अपने घरों में करें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो कोरोना से बचाव के लिए सरकारें लॉक डाउन जैसे सख्त कदम उठाने पर मजबूर हो सकती है।

    आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि देश और दिल्ली में पहले ही बेरोज़गारी का संकट मौजूद है अगर लॉक डाउन हो गया तो देश में हाहाकार मच जाएगा । इस बार जनसामान्य की मदद के लिए दानी लोग बाहर नहीं आ पाएंगे क्योंकि कोरोना काल ने उनकी कमर भी तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि सबको अपनी धार्मिक आस्थाओं पर चलने का पूरा हक है लेकिन कोरोना फैलाने का हक किसीको नहीं है। इसलिए धार्मिक स्थलों की भीड़भाड़ से बचना ज़रूरी है।

    डॉ आसिफ ने कहा कि शवदाहगृह और कब्रिस्तान अंतिम यात्रा के लिए छोटे पड़ गए हैं। अस्पताल भर चुके हैं। वेंटीलेटर की कमी जग जाहिर है। मंहगे इलाज भी उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए  बचाव में सुरक्षा है। बाजार में  भीड़ न बाधाएं। निश्चित दूरी का सख्ती से पालन करें। हर व्यक्ति का जीवन उसके परिवार और देश के लिए ज़रूरी है।

    डॉ आसिफ ने कहा कि चुनाव वाले राज्यों में तेज गति से कोरोना महामारी अपने पांव पसार रही है इसलिए चुनाव आयोग का कर्त्तव्य है कि वह चुनाव रैलियों को तुरंत प्रभाव प्रतिबंधित कर दे। जो रैली करे और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन न करे उस पर भारी जुर्माना लगाए । ऐसे करने वालों पर सख्त की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि नेता कोरोना से बचाव के सिर्फ भाषण न दें बल्कि ऐसा कोई काम न करें जिससे कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो।

  • AIMF to boycott dowries, lavish weddings

    sm-asif-picNew Delhi, 04 April, 2021 – The All India Minoriy Front (AIMF) — has said they will not solemnise Muslim marriages if dowry will be a part of it.

    Terming dowry as “un-Islamic”, party president Dr SM Asif said that due to the ever-increasing demand for dowry, girls are not getting married in a large section of society.

    In a statement released here on Saturday,  Dr Asif has asked the Muslims  to refrain from demanding dowry and keep the marriage ceremony simple.
    He emphasised on solemnising marriages according to Islamic customs and minimise spending during weddings.

    “There are many Muslim families who are suffering even after marriage and many other commit suicide as they are unable to bear the physical and mental harassment,” he said.

    The AIMF chief stated, “Our party wants community to avoid spending money unnecessarily and prohibit wedding processions, fireworks, dancing and lavish feasts, which is un-Islamic.