आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट की मांग मोतवल्ली एम एस अशरफ पद पर बहाल करें

IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने बीबी सोगरा वक्फ इस्टेट कमेटी के पुर्नगठन को गैर वैधानिक ठहराते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में हस्तक्षेप कर पुरानी कमेटी को बहाल करने का अनुरोध किया है।

फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर अनुरोध किया है कि बीबी सोगरा वक्फ इस्टेट के मुतवल्ली एस एम शरफ एक नेक इन्सान और जनहित में चलाई जाने वाली सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम करते रहे हैं। उन्होंने वक्फ की नाजायज कृत्यों में इस्तेमाल की जा रही सम्पत्ति को न केवल मुक्त कराया बल्कि उसमें मदरसा चालू करवाया।

आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पत्र में कहा है कि गैर कानूनी तरीके से एस एम शरफ को हटाया गया है जबकि अदालत ऐसा किए जाने के खिलाफ स्थगन आदेश दे दिया हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि नीहित स्वार्थ वक्फ सम्पत्ति का अनैतिक प्रयोग करने की नीयत से वक्फ बोर्ड ने यह गैर कानूनी काम किया। समाज में जब लगातार नैतिक ह्रास  हो रहा है वैसे में एक नेक इंसान जनाब शरफ को मोतवल्ली पद से हटाना और गैर कानूनी तरीके से नई कमेटी का गठन किया जाना किसी तरह से वाजिब नहीं है।

जनाब आसिफ ने कहा कि कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में जनाब शरफ ने बिहार शरीफ के हर घर मुहल्ले में गरीब बेसहारा लोगों में खाद्यान बंटवाने का काम किया और वक्फ की बर्बाद हो रही सम्पत्तियों की देख भाल की और सम्पत्तियों का किराया बढ़ाकर वक्फ की आमदनी में वृद्धि की। इसलिए बीबी सोगरा वक्फ इस्टेट को बेहतर स्थिति में लाने के लिए जनाब शरफ की मोतवल्ली पद पर बहाली वक्त की भी जरूरत है।

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