लव जिहाद के नाम पर कानून एक शगूफा -आसिफ

भजपा सरकारें प्रेमियों की दुश्मन  बन गयी है- माइनॉरिटी फ़्रंट

IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ़्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि भाजपा केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को रोजगार और उनके भविष्य को रास्ता दिखाने नाकाम हैं, इसलिए लव जिहाद का शगूफा छेड़ कर इस पर कानून बनाने का स्वांग रच रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कानून अपनी पसंद से होने वाले अंतरजातीय-अंतर्धार्मिक विवाह के खिलाफ होगा। जिससे स्पष्ट है कि भाजपा सामाजिक सद्भावना जाति व धार्मिक विभेद को खत्म नहीं करना चाहती है।

जनाब आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि देश मे पहले से अपनी पसंद व मर्ज़ी से विवाह करने वालों के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट मौजूद है। इस कानून के तहत देश भर में हर दिन हज़ारों शादियां होटी है और देश का संविधान और सरकार उनके अभिभावक के रूप में मौजूद है। उन्होंने कहा देश मे विवाह के लिए सब तरह के कानून मौजूद हैं। सरकारों की जिम्मेदारी है कि हिन्दू विवाह को कानूनी जामा पहनाए न कि लव जिहाद के नाम पर कानून बनाये। विवाह के लिए अब किसी तरह के नए कानून की ज़रूरत नहीं है। आसिफ ने कहा कि  भाजपा वालों का लव जिहाद- विरोधी कानून न केवल देश की समरसता- सद्भाव का विरोधी है बल्कि महिला विरोधी कानून होगा। यह कानून सबसे पहले महिला के मूल अधिकार को छीनने का काम करेगा। भाजपाई नहीं चाहते कि देश की महिलाएं अपने जीवन का खुद निर्णय लें।

एस एम आसिफ ने केंद्र व राज्यों की भाजपा सरकारों को सलाह दी है कि समाज मे बंटवारे की खाई को और न बढ़ाएं। और आने वाली पीढ़ियों के सामने अवरोध न खड़ा करें। उन्होंने कहा कि अंतरजाति-अंतर्धार्मिक विवाह करने वालों को रूढ़िवादी समाज उनके परिवार पहले ही तरह तरह की बाधाएं खड़ी करते आ रहे हैं । सरकार मोहब्बत करने वालों की दुश्मन नहीं बल्कि उनका संबल बनी रहनी चाहिए। भाजपा वालों से उन्होंने कहा कि यह कानून बनाने से पहले वह यह बताएंगे कि उनकी पार्टी में कितने ऐसे लोग हैं जिन्होंने अंतरजातीय व अंतर्धार्मिक विवाह किया और सफल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रेम और सौहार्द विरोधी अपने ज़हर के पिटारे को बंद करे। युवाओं को अपना जीवन जीने दे।

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