मोदी जी बताएं अर्नब गोस्वामी तक संवेदनशील सूचनाएं कैसे पहुंचीं- डॉ एस एम आसिफ

IMG_4432आज देश की इतनी संवदेन शील गोपनीय जानकारी एक तथाकथित  पीत पत्रकारिता करने वाले की गोदी मीडिया के स्वयं भ . अधिनायक  अर्नव तक कैसी पहुँच जाती है। जो सुचनाएँ प्रधान मंत्री ‘ रक्षा मंत्री रक्षा के उच्च आला अफसर तक कीसीमाओं के भीतर रहना चाहिए वह एक खबरिया चैनल के मालिक व एंकर को मिलना / तथा अपने हम राज दोस्त को ब्हाष्ट एप चैट मे शेयर करना है क्या यही 6 4 ” का सीना वाले देश के सच्चे चौकीदार की देश के मंदिर की चौखट  पर अपना माथा टेकते हुए सपथ का हिस्सा है। ना खाऊ गा ना खाने दुँगा । क्या इसका जबाब देश के सच्चे देश भक्त की यही पहचान है। माइनोरिटीज फ्रन्ट के संस्थापक अध्यक्ष डा० एस एम आशिफ ने देश की जनता की तरफ से प्रधान मंत्री / रक्षा मंत्री / सुचना प्रसारण मंत्री से यह सवाल पूछा है कि आज कल समाचार पत्र की सुखियाँ / टी ० वी चैनल मे चल रहे समाचार मेरिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की  व्हाट्सऐप चैट्स  पर उठे अति गंभीर सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए। आल इंडिया माइनॉरिटीज़ फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि यह मामला देश के लिए अतिसंवेदनशील और भारत की सुरक्षा से जुड़ा है।

उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि जो बातें अर्नब की चैट में सामने आई हैं, वह गुप्त सूचनाएं उन तक कैसे और क्यों पहुंची यह जानना देश के नागरिकों काअधिकार है।
उन्होंने कहा कि अर्नब को दो साल पहले बालाकोट में किए गए हमले की पहले से ही जानकारी थी। इतनी सेंसिटिव बातें अर्नब को कैसे पता चलीं यह बड़ा सवाल है।

डॉ आसिफ ने कहा कि अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO पार्थ दासगुप्ता के जो चैट्स वायरल हुए हैं। वह तमाम जानकारी मोदी जी को अब तक मिल चुकी होंगी।

चैट्स में बालाकोट और पुलवामा के बारे में भी जिक्र किया गया है।  उन्होंने यह भी कहा है कि अर्नब गोस्वामी को भी यह स्पष्ट करना चाहिए ये जानकारियां उन्हें कहाँ से मिलीं और वे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ न करें। जिस तरह से  वे कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी व अन्य नेताओं के सवालों का जवाब देने के बदले उल्टे उन पर लांछन लगा रहे है वह निंदनीय है और पत्रकारिता की नैतिकता के विरुद्ध है।

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