• बंगाल में पहले चरण के मतदान को रद्द कर दोबारा मतदान हो-माइनोरिटज फ्रंट

    जिसका अंदेशा था बंगाल में भी हो गई मतदान में धांधली- डॉ आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण में हुए मतदान में धांधली व अनियमितताओं पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा होना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतने की घंटी है। चुनाव आयोग को फौरन कड़े कदम उठाते हुए प्रथम चरण के चुनाव को रद्द कर शुक्रवार को हुए चुनाव की अगली तिथि घोषित करनी चाहिए।

    आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने ने यहां बयान जारी करते हुए कहा कि यह अफसोस की बात है कि देश का चुनाव आयोग एक विशेष पार्टी के प्रति झुका दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सुरक्षा बलों की पश्चिम बंगाल चुनाव में तैनाती होना कोई बुरी बात नहीं लेकिन सुरक्षा बल के जवान पार्टी विशेष के उम्मीदवारों के पक्ष में काम करें, यह गंभीर चिन्ता का विषय है। ऐसा होना देश में अधिनायकवाद की स्पष्टï आहट है। इसे हर कीमत पर रोका जाना चाहिए।

    जनाब आसिफ ने कहा कि मतदान केन्द्रों में मतदाता किसी एक पार्टी को वोट के लिए बटन दबाए और वह वोट दूसरी पार्टी के पक्ष में चला जाए? यह सरासर चुनाव को ईवीएम द्वारा मतों पर डाका डालना जैसा है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग तथ्य एवं सबूतों को नजर अन्दाज करे तो उच्च न्यायालय को इस मामले में स्वविवेक से हस्तक्षेप करना चाहिए। क्योंकि मतदान अगर निरपेक्ष रहेगा तब ही लोकतंत्र बचेगा।

    माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ आसिफ ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग अगर एक दूसरे की मदद करते दिखाई दे रहे हैं तो अदालत को सामने आना होगा लोकतंत्र की रक्षा के लिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और सरकारी मशीनरी का चुनाव में दुरुपयोग हर हाल में रोका जाना चहिए। अगर इसे रोका नहीं गया तो जनता सडक़ों पर उतर आएगी।

  • بنگال میں پہلے مرحلے کی پولنگ کومسترکرکے دوبارہ پولنگ ہونی چاہئے :آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

    جس کی توقع تھی ، بنگال میں بھی ہوگئی ووٹنگ میں دھاندلی: ڈاکٹر آصف

    sm-asif-pic1نئی دہلی27مارچ
    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ نے مغربی بنگال میں ووٹنگ کے پہلے مرحلے میں ہونے والی دھاندلی اور بے ضابطگیوں پر تشویش کا اظہار کیا اور کہا کہ اس طرح کا واقعہ صحت مند جمہوریت کے لئے خطرے کی گھنٹی ہے۔ الیکشن کمیشن فوری طور پر سخت اقدامات اٹھائے اور پہلے مرحلے کے انتخابات کو منسوخ کرے اور جمعہ کو انتخابات کی اگلی تاریخ کا اعلان کرے۔

    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر سید محمد آصف نے یہاں ایک بیان جاری کرتے ہوئے کہا ہے کہ افسوس کی بات ہے کہ ملک کا الیکشن کمیشن کسی خاص پارٹی کی طرف مائل نظر آتا ہے۔ انہوں نے کہا کہ مغربی بنگال انتخابات میں سنٹرل سیکیورٹی فورسز کی تعیناتی کوئی بری چیز نہیں ہے ، لیکن یہ کہ سیکیورٹی فورسز کو خصوصی امیدواروں کے حق میں کام کرنا چاہئے ، یہ سنجیدہ تشویش کی بات ہے۔ یہ ملک میں مطلق العنانیت کا واضح اشارہ ہے، اسے ہر قیمت پر روکنا چاہئے۔

    جناب آصف نے کہا کہ پولنگ بوتھ میں ووٹرز کو ایک پارٹی کو ووٹ دینے کے لئے بٹن دبائیں اور ووٹ دوسری پارٹی کے حق میں جانا چاہئے۔ یہ ای وی ایم کے ذریعہ ووٹوں کی ای وی ایم ڈکیتی کے مترادف ہے۔ انہوں نے کہا کہ اگر الیکشن کمیشن حقائق اور شواہد کو نظرانداز کرتا ہے تو ہائیکورٹ کو اپنی صوابدید میں اس معاملے میں مداخلت کرنی چاہئے۔ کیونکہ جمہوریت تب ہی رہے گی جب ووٹ مطلق رہے گا۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے چیئرمین ڈاکٹر آصف نے کہا کہ اگر حکومت اور الیکشن کمیشن ایک دوسرے کی مدد کرتے ہوئے نظر آتے ہیں تو پھر جمہوریت کے تحفظ کے لئے عدالت کو آگے آنا ہوگا۔ انہوں نے کہا کہ انتخابات میں سیکیورٹی فورسز اور سرکاری مشینری کے غلط استعمال کو ہر قیمت پر روکنا چاہئے۔ اگر اسے نہ روکا گیا تو عوام سڑکوں پر آجائیں گے۔

  • चाय बागान मजदूरों की मजदूरी दोगुनी होगी- डॉ आसिफ

    आसाम के लोगों का सौहार्द बनाये रखेगी हमारी सरकार-माइनॉरिटीज फ्रंट

    IMG_4432गोहाटी। आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने आश्वासन दिया है कि आने वाली उनकी सरकार चाय बागान के मजदूरों की मजदूरी दोगुनी की जाएगी। बागान मज़दूरों की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि माइनोरिटीज फ्रन्ट की सरकार बनते ही चाय बागान मजदूरों के लिए दैनिक वेतन के साथ एक पैकेज बनाया जाएगा जिसमें उनके आवास, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा दीक्षा की सम्पूर्ण व्यवस्था होगी।

    डॉ आसिफ ने कहा कि हमारी सरकार आसाम में सभी श्रेणी के मेहनतकशों के वेतनमान की समीक्षा करेगी और मकुजूदा ज़रूरतों के अनुरूप वेतन वृद्धि व उनके जीवन सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेंगे लेकिन जनता की भी जिम्मेदारी है कि वह चुनाव ही नहीं इसके बाद भी हमारे साथ खड़ी रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव में फ्रंट 26 सीटों पर मैदान में है आपकी जिम्मेदारी है कि अन्य विधान सभा क्षेत्रों में समर्पित और ईमानदार उम्मीदवारों को चुनकर विधान सभा में भेजें।

    डॉ आसिफ ने यह भी कहा कि सौहार्द से खूबसूरत आसाम को कुछ लोग खराब करने चाह रहे हैं। इस सौहार्द को आपसी घृणा में बदलना चाह रहे है। जनता उनके मंसूबे पूरे नहीं होने देगी। वे कभी सीएए की बात करते हैं कभी एन आर सी का शोर मचाते हैं। लेकिन उनकी हिम्मत नहीं कि इसे लागू करें। उन्होंने कहा माइनॉरिटीज फ्रन्ट केंद्र सरकार और भाजपा के इन मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि ये दोनों कानून आसाम और देश के हित में नहीं

  • چائے باغان کارکنوں کی مزدوری دوگنی ہوگی: ڈاکٹر آصف

    آسام کے عوام کی ہم آہنگی برقرار رکھے گاہماری حکومت:اے آئی ایم ایف

    sm-asif-pic1گوہاٹی،20مارچ
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے یقین دہانی کرائی ہے کہ آنے والی حکومت چائے کے باغ کارکنوں کی اجرت کو دوگنا کردے گی۔ شجرکاری کارکنوں کے اجتماع سے خطاب کرتے ہوئے انہوں نے کہا کہ اے آئی ایم ایف کی حکومت کے قیام کے جلد ہی چائے کے شجرکاری مزدوروں کے لئے روزانہ اجرت والے ایک پیکیج بنایا جائے گا جس میں ان کے رہائش ، صحت اور بچوں کی تعلیم کا مکمل انتظام ہوگا۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ ہماری حکومت آسام میں محنت کش لوگوں کے تمام زمرے کے پے اسکیل کا جائزہ لے گی اور عوام کی ضروریات کے مطابق تنخواہ اور ان کی زندگی کی حفاظت کے سلسلے میں ہر ممکن اقدامات کرے گی۔ انہوں نے کہا کہ ہم اپنی ذمہ داریوں سے پیچھے نہیں ہٹیں گے بلکہ عوام کی یہ بھی ذمہ داری ہے کہ وہ انتخابات کے بعد بھی ہمارے ساتھ کھڑے ہوں۔ انہوں نے کہا کہ انتخابات میں 26 نشستوں پر محاذ میدان میں ہے ، آپ کی ذمہ داری ہے کہ دوسرے اسمبلی حلقوں میں سرشار اور دیانتدار امیدواروں کا انتخاب کریں اور انہیں ودھان سبھا میں بھیجیں۔

    ڈاکٹر آصف نے یہ بھی کہا کہ کچھ لوگ ہم آہنگی کے ساتھ خوبصورت آسام کو خراب کرنے کی کوشش کر رہے ہیں۔ اس ہم آہنگی کو باہمی منافرت میں تبدیل کرنا چاہتے ہیں۔ عوام اپنے ارادے پورے نہیں ہونے دیں گے۔ وہ کبھی سی اے اے کی بات کرتے ہیں اور کبھی این آر سی کا شور مچاتے ہیں لیکن وہ اس پر عمل درآمد کرنے کی ہمت نہیں کرتے ہیں۔ انہوں نے کہا کہ آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کبھی بھی مرکزی حکومت اور بی جے پی کے ان منصوبوں کو پورا نہیں ہونے دے گا۔ انہوں نے کہا کہ یہ دونوں قوانین آسام اور ملک کے مفاد میں نہیں ہیں۔

  • AIMF To Contest 26 Seats In Assam Polls – BS RAWAT

    asThe All India Minoriy Front (AIMF) will contest 26 Assembly seats in the upcoming Assam assembly elections.

    In the Assam Press Club, party president Dr SM Asif said AIMF with other secular and like minded parties will be contesting 26 seats this assembly elections.

    “In the remaining seats, we will identity the candidate who can defeat BJP.

    The The AIMF will support for such candidates. It could be  regional parties or even if it is the Congress, we will support for Congress to defeat BJP,” said  Dr Asif, who was addressing the media.

    Disappointed at AIUDF’s “betrayal” by fielding candidates against his party nominees, Dr Asif has claimed that  Badruddin Ajmal has thwarted a possible alliance with the AIMF.

    With the AIUDF now contesting from 26 Assembly constituencies, there is a “strong possibility” of a division of anti-BJP votes in these seats, AIMF
    chief told reporters in the conference.

    Dr Asif further said that his party will protect every principle of the Assam Accord and will never implement the Citizenship (Amendment) Act if voted to power in the state.

  • माइनोरिटीज फ्रंट आसाम में 26 स्थानों पर लड़ेगा चुनाव

    शेष स्थानों पर बेहतर उम्मीदवारों व सहयोगी दलों को समर्थन- माइनोरटीज फ्रंट
    आसाम चुनाव में भाजपा की विघटनकारी राजनीति नहीं चलेगी-डॉ आसिफ
    हिम्मत है तो असम में सीएए लागू कर के दिखाए मोदी की सरकार – माइनोरिटी$ज फ्रंट

    IMG_4432गोवाहाटी। आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रंट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने कहा है कि आसाम में होने जा रहे विधान सभा चुनाव में भाजपा की विघटनकारी राजनीति अब नहीं चलेगी। प्रदेश की जनता को भारतीय और विदेशी कहकर बांटने वाली केन्द्र सरकार की हिम्मत नहीं है कि वह यहां सीएए को लागू कर सके।  और हम किसी भी कीमत पर यहाँ  सीएए और एनआरसी यहां लागू नहीं होने देंगे।

    यहां गोवाहाटी में  प्रेस क्लब में अपने प्रदेश पदाधिकाररियों के साथ मीडिया को सम्बोधित करते हुए डॉ आसिफ ने 27 मार्च को होने वाले आसाम विधान सभा चुनाव में 26 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की घोषणा की और कहा कि यहां की शेष विधान सभा सीटों पर आल इंडिया माइनोरटीज फ्रंट संघर्षशील बेहतर उम्मीदवारों को तथा अपने सहयोगी दलों का समर्थन कर उनके चुनाव प्रचार में सहयोग करेगा। आसाम की विधान सभा 126 सदस्यों वाली है.

    उन्होंने कहा कि पूरे देश  सीएए का भय दिखाकर लोगों को भ्रमित करने वाली केन्द्र सरकार की हिम्मत नहीं कि वह आसाम में सीएए लागू कर सकें। सीएए और एनआर सी का इस्तेमाल भाजपा और उसकी सरकार राजनैतिक हथियार के रूप में कर रही है। लेकिन सीएए बनने के बावजूद वह लागू नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सीएए और एनआरसी का भय दिखाना बन्द करे। इसी के साथ उन्होंने ऐलान किया कि माइनोरिटीज फ्रंट सत्ता में आने के बाद इन दोंनों सीएए और एनआरसी को किसी भी कीमत पर आसाम में लागू नहीं होने देगा। एक सवाल के जवाब में डॉ आसिफ ने कहा कि यूडीएफ नेता बदरूद्दीन अजमल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के मददगार के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने  26 सीटों पर कांग्रेस गठबंधन में टिकट मांगा है, जहां वे परोक्ष रूप से भाजपा की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि अगर वे प्रदेश में अल्पसंख्यकों का रहनुमा खुद को मानते हैं तो उन्होंने केवल 26  स्थानों पर ही अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को लड़ाने का फैसला क्यों लिया।  जनता उनकी इस चाल को समझती है।

    उन्होंने कहा कि कोरोना काल के चलते आसाम का मजदूर वर्ग बेरोजगारी के चरम पर पहँुच गया। शिक्षा का स्तर इस कदर गिर गया है कि बच्चों को अपनी स्कूल की किताबें पढऩा नहीं आता और प्राथमिक शिक्षा की स्थिति यह है कि बच्चे 100 तक की गिनती और पहाड़े लिखने में अक्षम हैं। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी और साम्प्रदायिकता फैलाने वाली भारतीय जनता पार्टी से प्रदेश को हर कीमत पर सत्ता से दूर रखा जाएगा। यहां का सौहार्द तोडऩे का आधिकार किसी को भी नहीं है। भले ही भाजपा के पास केन्द्र की सत्ता है, हम उसके खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ेगे।

  • آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ آسام میں 26 مقامات پر الیکشن لڑے گا

     باقی جگہوں پر بہتر امیدواروں اور اتحادی پارٹیوں کو معاونت: اے آئی ایم ایف

    آسام انتخابات میں بی جے پی کی خلل ڈالنے والی سیاست کام نہیں کرے گی: ڈاکٹر آصف

    ہمت ہے تو آسام میں سی اے اے نافذ کرکے دکھائے مودی کی حکومت:آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ

    sm-asif-pic1گوہاٹی13 مارچ
    آل انڈیامائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر ایس ایم آصف نے کہا ہے کہ آسام میں ہونے والے ودھان سبھا انتخابات میں اب بی جے پی کی خلل ڈالنے والی سیاست نہیں چلے گی۔ مرکزی حکومت جو ریاست کے لوگوں کو ہندوستانی اور غیر ملکی کی حیثیت سے تقسیم کرتی ہے ۔ یہاں سی اے اے نافذ کرنے کی ہمت نہیں رکھتی ہے اور ہم یہاں کسی قیمت پر سی اے اے اور این آر سی کو نافذ کرنے کی اجازت نہیں دیں گے۔

    یہاں گوہاٹی کے پریس کلب میں اپنے ریاستی عہدیداروں کے ہمراہ میڈیا سے خطاب کرتے ہوئے ڈاکٹر آصف نے 27 مارچ کو ہونے والے آسام اسمبلی انتخابات میں 26 امیدوار کھڑے کرنے کا اعلان کیا اور کہا کہ یہاں کی باقی اسمبلی نشستیں آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ محنتی بہتر انتخابی امیدواروں اور ان کے اتحادیوں کی جدوجہد کرتے ہوئے ان کی انتخابی مہم میں تعاون کرے گا ۔ آسام کی قانون ساز اسمبلی کے 126 ممبران ہیں۔

    انہوں نے کہا کہ مرکزی حکومت پورے ملک کو سی اے اے کا خوف دکھا کر لوگوں کو گمراہ کررہی ہے ، آسام میں سی اے اے نافذ کرنے کی ہمت نہیں کرتی ہے۔ سی اے اے اور این آر سی بی جے پی اور اس کی حکومت کو ایک سیاسی ہتھیار کے طور پر استعمال کررہے ہیں۔ لیکن سی اے اے بننے کے باوجود اس پر عمل درآمد کرنے سے قاصر ہے۔ انہوں نے کہا کہ مودی سرکار سی اے اے اوراین آر سی کا خوف دکھانا چھوڑ دے۔ اس کے ساتھ ہی انہوں نے اعلان کیا کہ آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے اقتدار میں آنے کے بعد ان دونوں سی اے اے اور این آر سی کو کسی بھی قیمت پر آسام میں درخواست دینے کی اجازت نہیں ہوگی۔ ایک سوال کے جواب میں ڈاکٹر آصف نے کہا کہ یو ڈی ایف رہنما بدرالدین اجمل ریاست میں بھارتیہ جنتا پارٹی کے سہولت کار کے طور پر کام کررہے ہیں۔ انہوں نے کانگریس اتحاد میں 26 سیٹوں پر ٹکٹ مانگے ہیں جہاں وہ بالواسطہ طور پر بی جے پی کی مدد کرسکتے ہیں۔ انہوں نے کہا کہ اگر وہ خود کو ریاست میں اقلیتوں کا قائد مانتے ہیں تو پھر انہوں نے صرف 26 مقامات پر اپنی پارٹی کے امیدواروں کو مقابلہ کرنے کا فیصلہ کیوں کیا۔ عوام اس کی اس چال کو سمجھتا ہے۔

    انہوں نے کہا کہ آسام کا مزدور طبقہ کورونا مدت کی وجہ سے بے روزگاری کی انتہا کو پہنچا۔ تعلیم کا معیار اتنا گر گیا ہے کہ بچے اپنی اسکول کی کتابیں نہیں پڑھتے اور بنیادی تعلیم کی حالت یہ ہے کہ بچے 100 تک گننے اور ٹیبل لکھنے سے قاصر ہیں۔ انہوں نے کہا کہ بھارتیہ جنتا پارٹی کی تفریق اور فرقہ واریت کی وجہ سے ریاست کو ہر قیمت پر اقتدار سے دور رکھا جائے گا۔ کسی کو بھی یہاں ہم آہنگی توڑنے کا حق نہیں ہے۔ اگرچہ بی جے پی کے مرکز میں اقتدار ہے لیکن ہم اس کے خلاف ہر محاذ پر لڑیں گے۔

  • बंगाल के सुनहरे इतिहास को धूमिल न होने दें- डॉ आसिफ

    भाजपा को जनता रोकेगी बंगाल  सौहार्द बचेगा- माइनोरिटीज फ्रन्ट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रन्ट ने कहा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सर्वधर्म संभाव के  सपनों की रक्षा  के लिए बंगाल को सांप्रदायिक ताकतों से बचना ज़रूरी है। फ्रन्ट ने कहा है कि भाजपा और उसकी सरकार सत्ता और दौलत के सहारे सोनार बंगाल को बर्बाद करने पर तुली है। इसका उदाहरण राज्यसभा सदस्य दिनेश द्विवेदी का तृणमूल कांग्रेस के साथ किया जाने ताज़ा धोका है। द्विवेदी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र में रेल मंत्री तक बनवाया लेकिन उन्होंने ज़रा से लालच में पश्चिम बंगाल और तृणमूल कांग्रेस के साथ धोखेबाज़ी कर दी। जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।

    आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ सैयद मोहम्मद आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि बंगाल  के लोग द्विवेदी  के इस कदम का आने वाले चुनाव में करारा जवाब देंगे।

    डॉ आसिफ ने कहा कि भाजपा और मोदी ने कहा था नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत का रहस्य खोलेंगे लेकिन अन्य दलों की तरह वे भी सत्ता में आने के बाद चुप्पी साध गए। बंगाल के चुनाव में इसका जवाब भाजपा और मोदी को देना होगा।

    उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल की सुनहरी विरासत को छिन्न भिन्न करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक स्तर में देश के अगुआ बंगाल  विघाटनकारियों के षड्यंत्र को फलने फूलने नहीं देगा। डॉ आसिफ ने राज्य की जनता से बंगाल को बंगाल बनाये की अपील करते हुए कहा है कि केंद्र की सत्ता और उनकी दौलत को परास्त करें।

  • بنگال کی سنہری تاریخ کو داغدار نہ ہونے دیں : ڈاکٹر آصف

    بی جے پی کو عوام روکیںگے ، بنگال ہم آہنگی بچے گا:اے آئی ایم ایف

    sm-asif-pic1نئی دہلی 06 مارچ
    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ نے کہا ہے کہ نیتا جی سبھاش چندر بوس کے مذہب کی تمام صلاحیتوں کے خوابوں کے تحفظ کے لئے بنگال کو فرقہ وارانہ قوتوں سے گریز کرنے کی ضرورت ہے۔ فرنٹ نے کہا ہے کہ بی جے پی اور اس کی حکومت اقتدار اور دولت کی مدد سے سونار بنگال کو برباد کرنے پر تلی ہوئی ہے۔ اس کی مثال راجیہ سبھا ممبر دنیش دویدی کا ترنمول کانگریس سے حالیہ دھوکہ دہی ہے۔ دویدی کو یہاں تک کہ وزیر اعلی ممتا بنرجی نے مرکز میں وزیر ریلوے تک بنایا تھا ، لیکن تھوڑے سے لالچ میں اس نے مغربی بنگال اور ترنمول کانگریس کے ساتھ دھوکہ کیا، جسے عوام کبھی معاف نہیں کرے گی۔

    آل انڈیا مائنارٹیزفرنٹ کے صدر ڈاکٹر سید محمد آصف نے یہاں جاری ایک بیان میں کہا ہے کہ بنگال کے عوام آنے والے انتخابات میں دویدی کے اقدام کا بھرپور جواب دیں گے۔

    ڈاکٹر آصف نے کہا کہ بی جے پی اور مودی نے کہا تھا کہ نیتا جی سبھاش چندر بوس کی موت کا راز افشا کریں گے لیکن دوسری پارٹیوں کی طرح وہ بھی اقتدار میں آنے کے بعد خاموش رہے۔ بنگال کے انتخابات میں بی جے پی اور مودی کو اس کا جواب دینا پڑے گا۔

    انہوں نے کہا کہ بی جے پی مغربی بنگال کے سنہری ورثہ کو منتشر کرنا چاہتی ہے۔ انہوں نے کہا کہ دانشورانہ سطح پر بنگال کے علمبرداروں کی سازش سے ملک کے قائدین کو پنپنے کی اجازت نہیں ہوگی۔ ڈاکٹر آصف نے ریاست کے عوام سے اپیل کی ہے کہ وہ بنگال کو بنگال بنائیں اور مرکز کی طاقت اور ان کے دولت کو شکست دیں۔

  • ममता दीदी ज़िद छोड़े सबको साथ लेकर चले. डॉ आसिफ

    बंगाल चुनाव नहीं देश की भावी राजनीति तय हो- माइनोरिटीज फ्रन्ट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रन्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अनुरोध किया है कि भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश में अगर रोकना वह एकला चलो की ज़िद को छोड़ें और सभी लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष दलों के गठबंधन की पहल करें। उनका यह कदम प्रदेश व देश की भावी राजनीति का सूत्रपात करेगा।

    आल इंडिया माइनोरिटीज फ्रन्ट के अध्यक्ष डॉ एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि हमारी पार्टी अपनी पूरी ताकत से चुनाव के मैदान में उतरेगी, यह ममता दीदी पर निर्भर है कि हम उनके नेतृव में बनने वाले गठबंधन में शामिल हो यह उनकी तरह हमारी पार्टी भी चुनाव  मैदान में अकेले उतरे।

    जनाब आसिफ ने कहा कि बंगाल में मतदान होने में केवल 26 दिन बचे हैं। अब भी समय है कि भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन बने। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी गठबंधन में दरार की खबरें आ रही हैं, इस दरार को भरने का काम ममता दीदी कर सकती हैं।
    बंगाल में आठ फेज में चुनाव होगा. 27 मार्च को पहले चरण की वोटिंग होगी. एक अप्रैल को दूसरे फेज का मतदान, 6 अप्रैल को तीसरे फेज का मतदान, 10 अप्रैल को चौथे फेज का मतदान, 17 अप्रैल को पांचवे फेज का मतदान, 22 अप्रैल को छठे फेज का मतदान, 26 अप्रैल को सातवें फेज का मतदान और 29 अप्रैल को आखिरी आठवें फेज का मतदान होगा. जनाब आसिफ ने कहा सभी दलों को इस पर विचार करना चाहिए कि 2016 के चुनाव में तीन सीट जीतने वाली बीजेपी इस बार टीएमसी के लिए मुख्य प्रतिद्वंद्वी क्यों बनती दिखाई दे रहीं। उन्होंने कहा कि ममता दीदी अगर चाहें तो बंगाल ही नहीं पूरे देश के लिए उदाहरण पेश कर सकती हैं। उन्हें केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रहना चाहिए।