• सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए बीपीए गठबंधन में शामिल हों बिहार की सभी पार्टियां :आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली: ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट AIMF के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि अब बिहार में वक्त आ गया है। कि सभी पार्टियां एकजुट होकर सांप्रदायिक ताकतों को रोके उन्होंने कहा कि बीपीए गठबंधन का गठन इसी को लेकर किया गया है। कि बिहार की सभी छोटी बड़ी पार्टियां एक हो जाएं और बिहार में पिछले एक लंबे अरसे से सांप्रदायिक ताकतों का राज है। जिन्होंने बिहार को तबाह और बर्बाद कर दिया है। लिहाजा अब वक्त आ चुका है। कि सभी क्षेत्रीय दल और छोटी छोटी पार्टियां बजाय अलग अलग अलग लड़ने के एक साथ होकर चुनाव लड़े और इन सांप्रदायिक ताकतों को हराने में एकजुट हो जाएं।
    उन्होंने कहा कि जब हम एक साथ लड़ेंगे तो निश्चित ही बिहार तरक्की और खुशहाली की ओर जाएगा और बिहार में एक नई सरकार का गठन होगा उन्होंने कहा कि बीपीए का गठबंधन इसी को लेकर बनाया गया है। कि सभी क्षेत्रीय पार्टियां एक बैनर तले आ जाएं और मिलकर चुनाव लड़े और इन सांप्रदायिक ताकतों को रोके बिहार को खुशहाली के लिए विकास के लिए और रोजगार के लिए  गठबंधन का गठन हुआ है। सभी पार्टियां इसमें शामिल हो।  उनकी अपील है कि जो पार्टियां इस गठबंधन में शामिल होने से रह गई हैं। उन पार्टियों को भी आमंत्रित करते हैं आए और इस गठबंधन में शामिल होकर सांप्रदायिक ताकतों को हराने में इस गठबंधन की मदद करें आसिफ ने कहा कि जहां एक और आरजेडी अलग-थलग पड़ चुकी है तो वहीं कांग्रेस भी अलग हो गई है इस लिहाज से महागठबंधन पूरी तरह बिहार से खत्म हो चुका है। और इसका सीधा फायदा बीजेपी और जेडीयू को मिलने वाला है।
    उन्होंने कहा कि अब भी वक्त है कि सभी पार्टियां इस चाल को समझें और बीपीए गठबंधन को मजबूत करके इन सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने और बिहार को पूरी तरीके से बचाने में इस गठबंधन की मदद करें और बिहार को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के लिए गठबंधन को मजबूत करते हुए मिलकर चुनाव लड़े और मिलकर सरकार बनाएं।
  • बिहार में भयंकर बेरोजगारी और और कोरोना की मार से लोग परेशान नीतीश सरकार चुनावों में व्यस्त : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि जहां एक ओर बिहार में भयंकर बेरोजगारी से युवा परेशान है तो वही कोरोना की दोहरी मार से आम जन करहा रहा है। लेकिन नीतीश सरकार चुनावों में व्यस्त हैं। और कान में तेल डालकर सो रही है।

    उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने जहां बिहार में रोजगार के लिए पिछले 15 सालों से कोई प्रबंध नहीं किए तो वहीं आज चुनावों को नजदीक देख उनको बिहार के रोजगार की याद आ रही है। वो किस मुंह से रोजगार की बात कर रहे हैं। जबकि बिहार में वो एक भी इंडस्ट्रीज उद्योग आदि लगवाने में कामयाब नहीं हो पाए वह भी तब जब केंद्र में उनके ही गठबंधन की सरकार है।

    उन्होंने कहा कि जब चुनाव नजदीक आ गए हैं तो बिहार के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से पहले की तरह घोषणाएं करवाकर उद्घाटन की डेट दे रहे हैं पर यह बताएं कि पिछले 15 सालों में उन्होंने अब तक क्या-क्या किया है। उसकी जानकारी देने के लिए वह जनता के सामने अपना एक श्वेत पत्र प्रस्तुत करें नहीं तो यह समझा ही जाएगा कि बिहार की नीतीश सरकार पूरी तरीके से फेल साबित हुई है।

    उन्होंने कहा कि जहां बिहार के युवा बेरोजगारी के दंश से दूसरे शहरों में पलायन करने पर मजबूर हैं तो वहीं दूसरी ओर बिहार के नीतीश कुमार युवाओं से किस मुंह पर वोट मांगेंगे उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण बिहार के लोगों को जो तकलीफें झेलनी पड़ी है उसको पूरी दुनिया ने अपनी आंखों से देखा था। तो ऐसे में बिहार के लोग अपने उन कष्टों को कैसे भूलेंगे उन्होंने कहा कि अब तय है ऐसी कच्ची सरकार अब जाने वाली है। और बीपीए बिहार प्रगतिशील गठबंधन की सरकार आने वाली है।

  • असदुद्दीन ओवैसी भाजपा के एजेंट, बिहार प्रगतिशील गठबंधन की बनेगी सरकार : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : असदुद्दीन ओवैसी भाजपा के एजेंट है। और बिहार चुनाव में वो सिर्फ मुस्लिम को भ्रमित करेगे,लेकिन इस बार मुस्लिम उनकी बातों में नहीं आने वाले उन्होंने बीपीए को जिताने का मन बना लिया है। यह कहना है। ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ का उन्होंने कहा कि बिहार का महागठंधन पहले ही महा ठग बंधन था । और इस बार तो खुद उसके फुट पड़ी हुई है। जबकि नीतीश कुमार की सरकार बिहार में हर मोर्चे पर फेल हुई है। लिहाजा बिहार के लोगो ने इस बार बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए की जिताने का मन बना लिया है। और इस बार बिहार की जनता किसी भी पार्टी के बहकावे में नहीं आने वाली है।

    आसिफ ने कहा कि राज्य में मुस्लिम आबादी 16 फीसदी और यादवों की आबादी 14 फीसदी के करीब है। राजद इसे अपना परंपरागत वोट बैंक समझता रहा है। लेकिन इस बार यह लोग सिर्फ बीपीए के साथ है। इन लोगो के साथ पिछले 15 सालो से सिर्फ धोखा ही हो रहा था।

    आसिफ ने कहा कि हैदराबाद के  सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की एंट्री से राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन के समीकरण बिगड़ने की आशंका है। और वह जदयू बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए बिहार चुनाव में उतरे हे। लेकिन इस बार बिहार के लोग इन अवसर वादियों के चेहरे पहचान चुकी है।

  • बिहार में बीपीए गठबंधन की बनेगी सरकार,जुमलेबाज और महाठग बंधन से मिलेगी मुक्ति : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली :  ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा बिहार में अपराधियों के साथ कोरोना व बाढ़ की स्थिति काफी भयावह है। बाढ़ व कोरोना को काबू में लाने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह फेल है। रोजगार व उद्योग धंधे पूरी तरह से चौपट है। अपराधी बेखौफ घूम रहे है। जुमले बाज़ सरकार जनता के हित के बजाय चुनाव कराने पर तुली हुई है। महागठबंधन सो रहा है वो सिर्फ चुनाव पर ही नज़र आता है। ऐसे में अब बिहार को बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए ही सर्वप्रिय सरकार दे सकता है। जो लोगो को भाई भतीजवाद,बेरोजगार, भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाएगा।

    आसिफ ने कहा कि यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है। कि बिहार में उर्दू भाषा वहां की गंगा जमुनी तहजीब रही और नीतीश सरकार ने आज तक इस भाषा के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में तालीम के लिए मदरसों के साथ सौतेला व्यवहार किया और मदरसों की हालत बिहार में खराब हो गई। लेकिन बीपीए गठबंधन मदरसों का विकास कराएगा।

    आसिफ ने कहा कि बिहार में कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट देने का काला कानून लाया जा रहा है। नियोजित शिक्षकों के अधिकार का हनन कर उन्हें जबरन  सेवाशर्त दे दिया गया। कोर्ट के दबाव में ईपीएफ दिया भी गया तो ग्रोस सैलेरी में कटौती कर ली गई।  किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं दिया गया। सभी वर्गों में डबल इंजन की सरकार के प्रति गुस्सा है।इनका राज़ खुल गया है पिछले विधानसभा चुनाव में घोषणा करके गायब हुए प्रधानमंत्री जी पिछला कोई वादा तो पुरा किये नहीं। फिर विधानसभा चुनाव आते ही प्रधानमंत्री का बिहार प्रेम जाग गया है। बिहारी भोले जरूर होते हैं बेवकूफ नहीं इस बार डबल इंजन की सरकार की पोल खुल चुकी है। जिसका नतीजा विधानसभा चुनाव के परिणाम से पता चल जाएगा। बीपीए गठबंधन पुर्ण बहुमत से सरकार बनाने में कामयाब होगी।

    उन्होंने कहा कि बीपीए ने आगामी विधान सभा चुनाव को देखते हुए सभी तरह के अभियान की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि सूबे में बाढ़ से करोड़ों की फसल क्षति हुई है। जिससे किसान बर्बाद हो रहे हैं। लेकिन सरकार अभी तक किसानों के खाते में अनुदान की राशि नहीं भेज सकी है। पहले से ही नोटबंदी और जीएसटी से अर्थ व्यवस्था चौपट है। उन्होंने कहा कि बीपीए गठबंधन की सरकार आते ही किसानों के दिन बदल जायेगे उनका सारा कर्ज माफ किया जाएगा।

  • जम्मू-कश्मीर को दिया पैकेज नाकाफी, सरकार दे बड़ा पैकेज : आसिफ

    डल झील को विकसित कर रोजगार दे सरकार : आसिफ
    युवाओं को नौकरी और बिजली बिल माफ करे सरकार : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए एक हज़ार 350 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। जिसको लेकर ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने नाकाफी बताया है।

    आसिफ ने कहा है कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए एक हज़ार 350 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। जिसमे सरकार का दावा हे की इससे आर्थिक समस्या झेल रहे बिजनेस समुदाय को राहत तो मिलेगी ही साथ ही राज्य में रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार ने कारोबिरयों के साथ साथ आमजन को भी राहत देते हुए। एक साल तक बिजली और पानी के बिल में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा की है. इसके साथ ही स्टैम्प ड्यूटी में 31 मार्च 2021 तक के लिए छूट दी गई है। लेकिन इस पैकेज से राज्य का कुछ खास भला होने वाला नहीं है।

    आसिफ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भयंकर बेरोजगारी फैली है। युवा निराश हे पर्यटन उद्योग पूरी तरह से बर्बाद ही गया जिससे यहां के लोगों की जीविका जुड़ी थी। इस पर तो सरकार ने कुछ खास ध्यान दिया ही नहीं है।

    उन्होंने कहा कि असल में जरुरत वहां आतंकवाद और कोरोना के बाद बर्बाद ही चुकी डल झील को फिर से विकसित कर शिकारा चलाने वालो को रोजगार देने की और निराश और मुख्यधारा से भटक चुके युवा को नौकरी देने की है। जिससे वह लोग मुख्यधारा में वापिस  सके।

    आसिफ ने कहा कि असल में यह पैकेज ऊट के मुंह में जीरा जैसा है। इस पैकेज से राज्य का कुछ भी भला होने वाला नहीं है। इसके लिए सरकार को जम्मू-कश्मीर  के लिए बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। जिसमे पर्यटन और जम्मू-कश्मीर के युवाओं के रोजगार की ज्यादा बात हो।

  • बिहार में उद्घाटन से पहले ही गिर रहे पुल, भ्रष्टाचार में घिरी नीतीश सरकार,सिर्फ कर रही घोषणा

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि बिहार में चुनाव को देखते हुए नीतीश सरकार सिर्फ घोषणाएं करके और प्रधानमंत्री से करवा कर सिर्फ बिहार वासियों को झूठे सपने ही दिखा रही है।

    आसिफ ने कहा कि आखिर पिछले 15 साल से सरकार क्या कर रही थी। जो अब जाकर उसको उद्घाटनों की याद आयी है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले ही किशनगंज में एक नवनिर्मित पुल ही गिर गया था जिसका उद्घाटन हुआ था। आसिफ ने कहा कि असल में बिहार सरकार पिछले 15 सालो से सिर्फ  भृष्ठाचार में ही लगी हुई थी। और अब चुनाव आते ही उसने बिहार के लोगो को झूठे सपने दिखाने शुरू कर दिए है। लेकिन बिहार की जनता के सामने सारा सच आ रहा है।

    आसिफ ने कहा कि अब बिहार की जनता बीजेपी और जेडीयू के जाल में फसने वाली नहीं है। इस बार बिहार में बिहार की जनता की वास्तविक सरकार होगी। और इस बार बीजेपी जदयू सरकार अपना झोला उठाकर चलेगी।

  • ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट ने बिहार चुनाव में जारी कि 52 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    home1नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए आज केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद बिहार चुनावों के लिए 52 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जिसमें बाल्मीकि नगर से अनवर अंसारी बाघाह से शशि कुमार गुप्ता नोटन से मोहम्मद नायाब मोला नरकटिया से मो. यासिर सिद्धकी  गोविंदगंज से अब्दुल शम्स कल्याणपुर से मोहम्मद फिरोज आलम पिपरा से मोहम्मद शेख नवाब मधुबन से मोहम्मद हसमत उल्ला खान मोतिहारी से मनीष कुमार ढाका से राजेश जायसवाल सीहोर से मोहम्मद इमामुद्दीन सिद्दीकी सुरसंद से मोहम्मद मुन्ना खान बजपट्टी से राजीव कुमार रुनिसैदपुर से विशाल प्रसाद बेलसंद से आदित्य कुमार सिंह हरलखी से बजरंगी यादव खजौली से विनोद प्रसाद सिंह विसीफी से इंजीनियर मेराज हुसैन मधुबनी से अखिलेश कुमार मिश्रा झंझारपुर से राम लखन यादव फुलपारस से मुकेश मांझी लखुआ से सत्य प्रकाश सिंह निर्मली से रंजन कुमार पिपरा से विपुल सिन्हा सुपौल से मोहम्मद महमूद आलम त्रिवेणीगंज से सुनैना देवी छतरपुर से पप्पू सिंह नरपतगंज से मौलाना इस्माइल कासमी फॉर्बेसगंज से मोहम्मद गयासुद्दीन अहमद अररिया से मोहम्मद हामिद खान जोकिहट से एडवोकेट कोसर आलम बहादुरगंज से मोहम्मद शमीम अख्तर  ठाकुरगंज से मोहम्मद नसीर सेख से किशनगंज से मौलाना तहसीन कासमी को कोचाधामन से जावेद हुसैन अमोर से अफरीन अमन कस्बा से अब्दुल मन्नन रूपाली से किरण कुमारी धमधा से सरला कुमारी पूर्णिया से महजबीन बानो कटिहार से आयशा परवीन कड़वा से मौलाना एमएम चतुर्वेदी बलरामपुर से मोहम्मद आफताब बारसोई मनिहारी से अंजलि सोरेन बरारी से सागीर आलम वैसी से आरिफ नेसर धमधा से मोहम्मद जफरुद्दीन बनकिपुर से राकेश कुमार दरभंगा से मो. इरशाद मनेर से सुशील यादव शेरघाटी से मोहम्मद वसीम बनमकी से अर्जुन पासवान को पार्टी ने टिकिट जारी किया है।

    चुनाव समिति कि बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि पार्टी दूसरी लिस्ट भी जल्द जारी करेगी।

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश का भाईचारा होगा मजबूत, नफरत फैलाने वालो को मिला सबक : आसिफ

    यूपीएससी में मुसलमानों की भर्ती प्रोग्राम पर सुप्रीम कोर्ट का स्वागत : आसिफ
    केन्द्र सरकार को नफरत और विभाजन फैलाने वालों पर एनएसए लगा कर उन्हें जेल भेजना चाहिए: आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यूपीएससी में चयनित मुसलमानों के प्रति नफरत और उनकी देश भक्ति पर शंका खड़ी करने वाले टीवी चैनल के कार्यक्रम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने सुप्रीम अदालत के इस फैसले से समाज में जहर घोलने वाली ताकतों को सबक मिलेगा।

    यहां नई दिल्ली से जारी बयान में उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने सुदर्शन टीवी द्वारा मुसलमानों के सिविल सेवा में चुने जाने को लेकर दिखाए जा रहे कार्यक्रम पर सख्त एतराज़ जताते हुए बचे हुए एपिसोड दिखाने पर रोक लगा कर पुनीत कार्य किया है। जिसकी देश भर में सराहना हो रही है। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की खंडपीठ के अध्यक्ष न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस चैनल की ओर से किए जा रहे दावे घातक हैं और इनसे यूपीएसी की परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लांछन लग रहा है। और ये देश का नुक़सान करता है। इस चैनेल ने यूपीएस सी में परीक्षा में हिन्दू मुस्लमान प्रत्याशियों को मिलने वाले अवसरों और उम्र  लेकर झूठ बोला और देश में  भ्रम पैदा करने भी कोशिश की  थी।

    उन्होंने  बताया कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने यहां तक कहा कि एक ऐंकर आकर कहता है कि एक विशेष समुदाय यूपीएससी में घुसपैठ कर रहा है। क्या इससे ज़्यादा घातक कोई बात हो सकती है। ऐसे आरोपों से देश की स्थिरता पर असर पड़ता है और यूपीएससी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लांछन लगता है।

    आसिफ ने कहा कि हैरत की बात यह है कि सरकार ने अदालत का सम्मान नहीं किया , क्योंकि जब हाई कोर्ट ने लगाई थी रोक, फिर भी सूचना मंत्रालय ने जहर फैलाने वाले कार्यक्रम को केसे प्रसारण की  दे दी थी इजाज़त। उन्होंने राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला की सराहना करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस निर्णय तक पहँुचने के लिए दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।

    दिल्ली हाई कोर्ट ने इस कार्यक्रम पर 28 अगस्त को रोक लगा दी थी। जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश नवीन चावला ने इस कार्यक्रम के प्रसारण के ख़िलाफ़ स्टे ऑर्डर जारी किया था। मगर 10 सितंबर को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चैनल को ये कार्यक्रम प्रसारित करने की इजाज़त दे दी।

    आसिफ ने कहा है कि देश में जात-पात करने वालों धर्म विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिएं। और समाज को देश की एकता अखण्ता की रक्षा के लिए  ऐसी हरकतों का खुल कर विरोध करना चाहिए।

    आसिफ ने कहा कि मीडिया को समाज में सौहार्द और आम जन के दुख दर्द की आवाज उठनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि पूनावाला ने   इस बारे में न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एसोसिएशन   के अध्यक्ष रजत शर्मा को एक पत्र लिख उनसे इस कार्यक्रम का प्रसारण रुकवाने और सुदर्शन न्यूज़ तथा इसके संपादक के विरूद्ध क़ानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

  • आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट की मांग मोतवल्ली एम एस अशरफ पद पर बहाल करें

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने बीबी सोगरा वक्फ इस्टेट कमेटी के पुर्नगठन को गैर वैधानिक ठहराते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में हस्तक्षेप कर पुरानी कमेटी को बहाल करने का अनुरोध किया है।

    फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर अनुरोध किया है कि बीबी सोगरा वक्फ इस्टेट के मुतवल्ली एस एम शरफ एक नेक इन्सान और जनहित में चलाई जाने वाली सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम करते रहे हैं। उन्होंने वक्फ की नाजायज कृत्यों में इस्तेमाल की जा रही सम्पत्ति को न केवल मुक्त कराया बल्कि उसमें मदरसा चालू करवाया।

    आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पत्र में कहा है कि गैर कानूनी तरीके से एस एम शरफ को हटाया गया है जबकि अदालत ऐसा किए जाने के खिलाफ स्थगन आदेश दे दिया हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि नीहित स्वार्थ वक्फ सम्पत्ति का अनैतिक प्रयोग करने की नीयत से वक्फ बोर्ड ने यह गैर कानूनी काम किया। समाज में जब लगातार नैतिक ह्रास  हो रहा है वैसे में एक नेक इंसान जनाब शरफ को मोतवल्ली पद से हटाना और गैर कानूनी तरीके से नई कमेटी का गठन किया जाना किसी तरह से वाजिब नहीं है।

    जनाब आसिफ ने कहा कि कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में जनाब शरफ ने बिहार शरीफ के हर घर मुहल्ले में गरीब बेसहारा लोगों में खाद्यान बंटवाने का काम किया और वक्फ की बर्बाद हो रही सम्पत्तियों की देख भाल की और सम्पत्तियों का किराया बढ़ाकर वक्फ की आमदनी में वृद्धि की। इसलिए बीबी सोगरा वक्फ इस्टेट को बेहतर स्थिति में लाने के लिए जनाब शरफ की मोतवल्ली पद पर बहाली वक्त की भी जरूरत है।

  • चुनाव सिर पर तो सौगात लगी बंटने, सरकार बताए पिछली योजनाओं का क्या हुआ – आसिफ

    नीतीश शासन में कानून व्यवस्था चौपट, आए दिन हो रही हत्याएं – आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने बिहार विधान सभा चुनाव से पूर्व की जा रही लुभावनी घोषणाओं को आदर्श चुनाव संहिता का उल्लंघन ठहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राज्य की जनता को हिसाब दें कि अब से पूर्व जो घोषणाएं की गई ,उन पर कितना अमल हुआ और उनसे जनता को कितना लाभ पहँुचा।

    आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि प्रधानमंत्री इंजीनियर दिवस पर बिहार के अभियंताओं की तारीफ के पुल बांधते हैं लेकिन यह नहीं बताते कि बिहार में इंजीनियर बन चुके कितने युवा बेरोजगार है. सच यह है कि प्रदेश में  हजारों युवा इंजीरियर बेरोजगार है। सरकार बताये लाखों श्रमिक रोजगार के लिए फिर से दूसरे राज्यों की ओर पलायन क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के शुरुआती दौर में जब लाखों भूखे पूर्वांचल के श्रमिक पलायन को मजबूर थे , उस समय  प्रधानमंत्री ने उनके लिए ऐसा कुछ क्यों नहीं किया कि वे अपने प्रदेश पलायन न करते।

    दिल्ली से जारी बयान में आसिफ ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  अपने प्रचार अभियान से बिहार को आत्मनिर्भर घोषित कर दिया है। फिर लगातार विकास योजनाओं की घोषणा का क्या सबब है? उनके इस व्यवहार से साबित हो रहा है कि बिहार में नीतीश के शासन काल में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिससे जनता संतुष्टï हो। आसिफ ने सवाल किया कि  वे यह नहीं बताते हैं कि राज्य की जनता को उनकी योजनाएं कहां कहां लागू हुई और जनता को उनका कितना फायदा हुआ। आसिफ ने कहा कि राज्य में भुखमरी बेरोजगारी अपने चरम पर है। इसके चलते राज्य के लाखों मासूम बच्चे अपने परिवार से दूर छोटे बड़े शहरों में मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे है।

    जनाब आसिफ ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था भी चरमरा गई है। जिसकी लाठी उसकी भैस वाली स्थिति बन गई है। बिहार में ही कुछ दिन पहले वकीलों की हत्या का मामला सामने था तो सोमवार को मधेपुरा में दिन दहाड़े तीन लोगों की बदमाशों ने हत्या कर दी। अपराधी पकड़े नहीं जा रहे हैं। सरकार कानून व्यवस्था को नहीं संभाल पा रही है और तो और  कोविड काल में कंगाल हुए ट्रक ऑ़परेटरों की मांगों को सरकार पूरा  कर रही है।

    उन्होंने कहा कि बिहार समस्याओं से जूझ रहा है और पीएम मोदी योजनाओं का उद्घाटन करने में जुटे हैं। वे 20 सितंबर को कोसी महासेतु समेत रेलवे की अन्य योजनाओं का े उद्घाटन करेंगे। मोदी जी  कहते है कि बिहार की धरती आविष्कार और इनोवेशन की पर्याय है फिर भी उनके और नीतीश के शासन में बिहार अति पिछड़े राज्यों की श्रेणी में ही है। इसका जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है।