• आंदोलन में कौन शामिल है इसे छोड़ सरकार किसान कानूनों को वापस ले -आसिफ

    मोदी बताएं वामपंथी होना क्या अपराध है ? माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट ने रेल मंत्री पीयूष गोयल के बयान पर सख्त ऐतराज़ प्रकट करते हुए उनसे सवाल किया है कि क्या वामपंथ और माओवाद भारत में अपराध हो गया है? फ्रंट ने कहा कि पहले किसान आंदोलन को खालिस्तानी और आतंकवादियों का आंदोलन कह कर देश के उन्हें बदनाम करने अभियान विफल हुआ तो किसान आंदोलन में वाम और माओवादियों की घुसपैठ का पीयूष गोयल ने शगूफा छोड़ा है। ऐसे कथन किसान और देश विरोधी हैं। मंत्री को ऐसे बयानों से परहेज़ करना चाहिए।

    ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फ़्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि सरकार किसान विरोधी कानूनों को बिना शर्त वापस लेने के बदले न सिर्फ इसे लटका रही है बल्कि किसान आंदोलन को रोकने के लिए तरह तरह के प्रपंच रच रही है। भाजपा सरकार ने रास्ता रोकने के लिए खाइयां खुदवाएं, सर्द मौसम में उनपर पानी की धार छुड़वाई, लाठी चलवाई। देश के अन्नदाता भयावह सर्द रातों में खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं। यह सरकार समाधान के बदले किसान आंदोलन को इस या उस नाम से बदनाम करने का षड्यंत्र रचे जा रही है।

    जनाब आसिफ ने आंदोलनरत किसानों को सलाम करते हुए कहा है कि आपने अपने संघर्ष के तौर तरीकों से सर्वधर्म ,सर्वराज्य , सर्वभाषा और  सर्व वैचारिकता की उदाहरण पेश किया है जो तारीफ के काबिल है। आसिफ ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि वह स्पष्ट करें वामपंथी या माओवादी होना क्या कोई अपराध है। उन्होंने बताया कि देश में सैकड़ों की संख्या में वाम व माओवादी संसदीय मार्ग को अपना कर विधान सभाओं और संसद की शोभा बढ़ा रहे हैं। इस विचारधारा और वाम दलों की राज्यों में सरकार राह चुकी है।अगर वे किसान आंदोलन में साथ दे रहे हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं। सरकार फौरन तीनों किसान विरोधी कानूनों को फौरन वापस ले। ऐसा न करने से देश भारी नुकसान से गुज़र रहा है।

  • AIMF ने मो. अली जिन्ना को बनाया पश्चिम बंगाल का अध्यक्ष

    aimf

    नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने मो. अली जिन्ना को पश्चिम बंगाल का पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। जिन्ना बंगाल में एक लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थे। और प्रदेश में दबे,कुचले,मजलूमों और अल्पसंख्यकों की आवाज बुलंद करते रहे है। कल उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और आज पार्टी की संसदीय मामलों की समिति की मीटिंग के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने उनको बंगाल का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।

    इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि जिन्ना पार्टी को बंगाल में अल्पसंख्यकों की आवाज बना कर पार्टी का विस्तार करेगें और पार्टी बंगाल के चुनावों में भी हिस्सा लेगी।

  • किसान आंदोलन में यूपी,बंगाल और बिहार के किसान भी करे अपनी आवाज बुलंद : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि देश में कृषि के काले कानूनों के विरोध में जब आज देश में किसान अपने हक की आवाज उठा रहे हैं, तो फिर यूपी ,बिहार,बंगाल के किसान क्यो पीछे है। क्या यह कानून उनको परेशान नहीं करेगा। आसिफ ने कहा कि जो अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद नहीं करता उसका शोषण होना निश्चित हो जाता है। आज पंजाब के किसान आवाज उठा रहे हैं। सरकार उनकी नहीं सुन रही कल यूपी बिहार और बंगाल के किसानों का भी सोषण होगा तो क्या वो तब आवाज बुलंद करेगे। आसिफ ने कहा कि यह काला कानून पंजाब के किसानों का ही बुरा नहीं करेगा इसका असर देश के सभी किसानों पर होगा। इसलिए देश के सभी किसानों को अब लामबंद हो जाना चाहिए। आसिफ ने कहा, देश भर में कुल किसानों की आबादी में छोटे किसानों का हिस्सा 86 प्रतिशत से अधिक है और वो इतने कमज़ोर हैं कि प्राइवेट व्यापारी उनका शोषण आसानी से कर सकते हैं।

    देश के किसानों की औसत मासिक आय 6,400 रुपये के क़रीब है।  नए क़ानूनों में उनकी आर्थिक सुरक्षा तोड़ दी गयी हैं और उन्हें कॉर्पोरेट के हवाले कर दिया गया है।  नए कृषि क़ानून में दो ऐसी बातें हैं, जिनसे भारत में कृषि और किसानों का भविष्य अंधकार में पड़ता दिखाई देता है।

    उन्होंने कहा हैं, “ये एपीएमसी और कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग या ठेके पर की जाने वाली खेती सबसे घातक है. कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ एक तालुका या गांव के सभी किसानों की ज़मीने ठेके पर ले सकती हैं और एकतरफ़ा फ़ैसला कर सकती हैं कि कौन-सी फ़सल उगानी है. किसान इनके बंधुआ मज़दूर बन कर रह जाएँगे।”

    आसिफ ने कहा कि “सरकार ने नए क़ानून लाकर कृषि क्षेत्र का निगमीकरण करने की कोशिश की है और इसे भी ‘अंबानी-अडानी और मल्टीनेशनल कंपनियों के हवाले’ कर दिया है।”

    उन्होंने कहा, “समझने की बात ये है कि निजी कॉर्पोरेट कंपनियां जब आएँगी तो उत्पाद में मूल्य संवर्धन करेंगी, जिसका लाभ केवल उन्हें होगा. छोटे किसानों को नहीं. आप जो ब्रैंडेड बासमती चावल खरीदते हैं वो मूल्य संवर्धन के साथ बाज़ार में लाए जाते हैं।”

    “किसान को एक किलो के केवल 20-30 रुपये ही मिलेंगे लेकिन मार्किट में वो मूल्य संवर्धन के बाद 150 रुपये से लेकर ब्रैंड वाले बासमती चावल का दाम 2,200 प्रति किलो तक जा सकता है. लेकिन बेचारे ग़रीब किसान को एक किलो के केवल 20 रुपये ही मिल रहे हैं।”

  • नीतीश को मुबारकबाद उर्दू और अल्पसंख्यकों हितों पर ध्यान देंगे।- आसिफ

    हमें उम्मीद करनी चहिए कि शपथ लेते ही नीतीश रोज़गार के लिये कदम उठाएंगे- फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने एन डी ए द्वारा बिहार विधान सभा मे  नीतीश कुमार को अपना नेता चुने जाने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बिहार को उम्मीद करना चाहिए कि नीतीश शपथ लेने के बाद लोगों के हाथ में काम देना शुरू कर देंगे बतौर मुख्यमंत्री ।

    जनाब आसिफ ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि सीएए, और एनआरसी  पर संघी नेताओं के विरुद्ध आपके बयान से बिहार और प्रदेश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं। इसलिए उर्दू के विकास की पग बाधाओं को फौरन दूर करने के लिए कदम उठाएंगे। और अल्पसंख्यकों के लिए विशेष कदम उठाने की घोषणा करेंगे।

  • ईवीएम को दोष ना दे हार स्वीकार करें विपक्षी दल : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार को लेकर विपक्षी दल ईवीएम की दोष ना दे और अपनी हार को स्वीकार करें। आसिफ ने कहा है कि यह सब जानता का आदेश है। उसने आपको नाकारा है और जदयू बीजेपी को जिताया है। तो इसका मतलब यह नहीं कि ईवीएम को दोष देकर आप अपनी हार ना माने । उन्होंने कहा कि बजाय ईवीएम की दोष देने के हमे अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि ईवीएम पर अंगुली उठाना कोई नई बात नहीं है। जब भी कोई विपक्षी पार्टी चुनाव हारती है तो इसके लिए ईवीएम को दोष दिया जाने लगता है। इसीलिए जून 2017 में चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित कर उन्हें ईवीएम हैक करने की चुनौती दी थी। चुनाव आयोग ने 7 राष्ट्रीय दलों और 48 राज्य स्तरीय दलों को बुलाया था। 3 जून से 26 जून, 2017 तक ईवीएम हैक करने के लिए सभी पार्टियों को चार-चार घंटे का समय भी दिया गया। देश में लोकतंत्र को स्थापित करने वाली ईवीएम को परीक्षा से गुजरना पड़ा। लेकिन कोई भी चुनाव आयोग के तय समय में ईवीएम को हैक नहीं कर पाया। ऐसे में सारे आरोप धरे के धरे रह गए।

  • डबल इंजन की सरकार का बोझ बिहार अब नहीं सहेगा- आसिफ

    भाजपा और जदयू की जुगलबन्दी बिहार की जनता समझ गई है- माइनोरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि बिहार की दीवारों पर लिखी अपनी पराजय की इबारद देख एनडीए के नेता घबरा गए हैं अब उन्होंने अंतिम हथकन्डे का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि कितनी हैरत की बात यह है कि किसी भी विधान सभा क्षेत्र से उम्मीदवार न होने वाले मुख्यमंत्री नीतीश जनता से आखिरी बार वोट मांग रहे हैं। और और तो और उसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार की जनता को चि_ïी लिख कर एनडीए के लिए वोट मांगा।

    जनाब आसिफ ने कहा कि लगता है कि प्रधानमंत्री मन की बात, बिहार में उनका और उनके मंत्रियों का चुनाव प्रचार जनता को प्रभावित नहीं कर सका है इसलिए एक दिन पहले एनआरसी लागू करने की बात योगी आदित्यनाथ वे की उसका विरोध नीतीश ने किया अब दूसरी जुगलबन्दी सामने आई है। स्पपष्टï है कि मोदी-नीतीश मान चुके हैं कि बिहार ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है। इसलिए भावनाओं को प्रभावित करने के लिए मोदीजी की चि_ïी और नीतीश ने आखिरी चुनाव लडऩे की बात कही है।

    माइनोरिटी फ्रंट के नेता ने कहा है कि बिहार और देश की जनता का इन साम्प्रदायिक ताकतों से मतदान के अंतिम समय तक सजग रहना होगा। ये भ्रम और अफवाह फैलाएंगे मंदिर मस्जिद में पूजा नमाज और लव जिहाद के नाम से नफरतें फैलाएंगे, इन सबसे उन्हें सावधान रहना होगा। बिहार के आत्म सम्मान और स्वाभीमान की रक्षा के लिए इन्हें परास्त करना होगा। आसिफ ने कहा कि इसमें अब कोई संदेह नहीं कि अगली सरकार जनता के असली जनता के साथ मिलकर संघर्ष करने वाले जन प्रतिनिधि  अपनी सरकार बनाएंगे। डबल इंजन की सरकार का बोझ बिहार अब नहीं सहेगा। अपने तरीके से अपना विकास करेगा।

  • बिहार को मोदीजी सिर्फ पांच सवालों का जवाब दे दें- आसिफ

    जब प्रवासी मजदूर भूखे लाचार थे तब मोदी की संवेदनाये क्यों नहीं जागीं- माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली।आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने बिहार चुनाव प्रचार में उतरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पांच सवालों का जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि मोदी इन सवालों का जवाब देने का समय व स्थान बताए ताकि राज्य की जनता उन्हें सुन सके।

    आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी अपने बयान में कहा है कि वैसे तो बिहार की जनता सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र से सैकड़ों सवाल पूछने को आतुर है लेकिन मैं उनसे केवल पांच सवालों का जवाब चाहता हूं, जिनका  बिहार के चुनाव में  जवाब दिया जाना आवश्यक है।

    आसिफ ने कहा कि पीएम मोदी बताए कि क्या उनकी नज़रों में बिहार का डीएनए अब बदल गया है ? नीतीश बाबू अब आपके विश्वसनीय सहयोगी कैसे बने? दूसरा सवाल यह कि कोरोना महामारी के बीच आपने प्रवासी मजदूरों को भूखा लाचार और पैदल क्यों छोड़ा था? आपकी संवेदनाएं तब मूर्छित क्यों थीं। सीएम नीतीश जी के 15 वर्ष और आपके छह वर्ष के शासन में  रोज़गार की योजना बिहार में क्यों नहीं शुरू की। यह सब जानते हैं आपके उद्योगपति मित्र मुकेश अम्बानी कोरोना महामारी काल में देश के सबसे बड़े रईस हो गए। आपने उनसे बिहार में रोज़गार के लिए कोई बड़ा उद्योग स्थापित क्यों नहीं करवाया। अंतिम सवाल  आप कहते है, सबका साथ सबका विकास , इसके बावजूद भारत विश्व मे भुखमरी के आंकड़ों में 94 वें पायदान पर क्यों पहुंचा? क्या इसको आप देश की प्रगति मानते हैं।

  • हिम्मत है तो चुनाव आयोग मोदी और अमित शाह पर एक्शन ले-माइनॉरिटी फ्रंट

    ‘आइटम’ कहना गलत गोली मारो सालों को सही – आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी किसी को जंगल  का शहज़ादा कहें और गृह मंत्री अमित शाह शाहीन बाग़ आंदोलनकरियो पर गोली चलाने को उकसाएं तब वह खामोश रहता है। उसे  सांप सूंघ जाता है, लेकिन कमलनाथ द्वारा  आइटम कहने पर एक्शन में आ जाता है। उन्हें स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर कर देता है।

    माइनॉरिटी फ्रंट ने कहा है कि चुनाव आयोग की ऐसी पक्षपातपूर्ण एकतरफा करवाई से बिहार और पूरे देश के निष्पक्ष चुनाव  पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा प्रचार में शामिल आइटम गर्ल की वीडियो दिखाते है कहा कि क्या चुनाव आयोग इस सच्चाई को अनदेखा कर सकता है? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में हिम्मत है तो वह चुनाव संहिता का उल्लंघन करने वाले मोदी और अमित शाह के खिलाफ एक्शन लें। भाजपा व एनडीए के उम्मीदवारों पर लगाम कसे।

    जनाब आसिफ ने कहा कि देश मे  स्वस्थ लोकतंत्र के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता ज़रूरी है। चनाव आयोग को चुनाव घोषणा के बाद केंद्र और बिहार सरकार द्वारा राज्य की जनता को लुभाने के लिए जो घोषणाएं की हैं  उन्हें अपने संज्ञान में ले कर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा इस बाबत हमारा प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन चुनाव आयोग को पत्र लिखेगा।

    आसिफ ने कहा कि बिहार की जनता यह सब अनियमितताएं और मनमानियों के बावजूद बिहार के स्वाभिमान सम्मान की रक्षा करने वाले राजनैतिक विकल्प को चुनेगी। और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग पर अपना दबाव बनाए रखेगी

  • मुंगेर में श्रद्धालुओं पर गोली चलाने के जिम्मेदार मुख्यमंत्री नीतीश इस्तीफा दें : आसिफ

    आरक्षण के नाम पर कितना बांटोगे बिहार को नीतीश कुमार : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली/पटना। ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने कहा है कि मुंगेर मूर्ति विसर्जन कांड में अब नीतीश सरकार फंस चुकी है।मूर्ति विसर्जन के दौरान बिहार के मुंगेर में हुई हिंसा के मामले में सीआइएसएफ (CISF) की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि इस मामले में पुलिस से गलती हुई है। 26 अक्टूबर को पुलिस ने ही गोली चलाई थी। मुंगेर के पूर्व एसपी लिपि सिंह ने झूठ बोला था  कि उपद्रव कर रहे लोगों की फायरिंग से युवक की मौत हुई थी।

    माइनॉरिटी फ्रंट ने कहा कि इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए । क्योंकि लोगों के जन माल और सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी ही है।

    ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि नीतीश राज में बिहार में पुलिस का जंगल राज स्थापित है इसलिए जनता को इस शासन व्यवस्था से अब मुक्ति मिलनी चाहिए।

    आसिफ ने कहा कि जनता को सुरक्षा देने के बदले गोली चलवाने वाले नीतीश फिर से बिहार के शासन में आने का षड्यंत्र रच रहे हैं। अब उन्होंने जाति की संख्या के आधार पर आरक्षण देने का शिगूफा छेड़ा है। दरअसल बिहार को देने के लिए उनके पास कुछ नहीं है इसलिए पहले से बंटती जातियों को स्थायी रूप से बांटने के लिए एक बड़ा दांव खेला है और उन्होंने जातियों के लिए जनसंख्या-आधारित आरक्षण का नया राग छेड़ दिया है। यह बिहार के लिए घातक होगा और भ्रष्टाचार को संरक्षण देगा।

  • मोदी न भूले वे अब संघ प्रचारक नहीं उन्हें प्रधानमंत्री पद की गरिमा रखनी होगी -आसिफ

    मोदी बिहार की कानून व्यवस्था और होने वाली हत्याओं पर क्यों नहीं बोले -माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने जंगल का शहज़ादा की टिप्पणी पर कहा है कि प्रधानमंत्री को अपने पद की गरिमा की लाज रखनी होगी उन्हें समझना चाहिए की वे संघ प्रचारक नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के मुखिया हैं। उस देश को विश्व में आदर के साथ देखा जाता है।

    जनाब आसिफ ने कहा वे मोदी एनडीए  शासन की तारीफ कर रहे हैं ,जिस सरकार के तहत अपराधियों का जंगल राज बढ़ा है। जिसके लिए नीतीश सरकार पूरी तरह से जिम्मेवार है।
    जनाब आसिफ ने कहा कि इनके शासन के दौरान 2005 से 2019, 150 प्रतिशत अपराध बढ़ा है ।  2005 में उदाहरण के तौर पर आंकड़ा 1 लाख 7 हजार था, 2019 में 2 लाख 69 हजार है, यह अपराधों में 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    हर दिन यहां 750 जघन्य अपराध होते हैं। फिरौती, अपहरण, महिलाओं से संबंधित अपराध, बलात्कार और उसके अलावा,  बिहार की एक उपलब्धि जरुर है, सुशासन बाबू ने बिहार को अपराध के मामलों में नंबर दो स्थान दिलाया है,  खून, अटेंप्टेड मर्डर की श्रेणी में आ गए  बिहार में माता की मूर्ति की रक्षा के लिए  बैठे निहत्थों पर हमला किया जाता है। ये कैसी सरकार है, निर्दयता की कोई सीमा होती है। आपको मालूम है उसका नाम, जिसकी हत्या हुई, अनुराग, एक मासूम व्यक्ति, सिर्फ पूजा पाठ और सेवा करता है। वहां दर्जनों लोग घायल हुए हैं। इसकी जानकारी न पीएम को न सीएम को? दोनो खामोश और कहते हैं बिहार में सुशासन है। अगर यह सुशासन है तो प्रधानमंत्री मोदी  खुद बताएं कि जंगल राज कैसा होता है।