• बिहार का डीएनए मजदूरों पर हुए ज़ुल्म का जवाब दे रहा है : आसिफ

    अब जय बिहार विजय भारत है लक्ष्य हमारा : माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि बिहार मतदाताओं के रुझान को देखते हुए साफ हो गया है राज्य के लोगों ने अब मोदी-नीतीश  की सत्ता को उखाड़ फेंकने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा मोदीं ने बिहार के डीएनए पर लज्जाजनक टिप्पणी की थी और कोरोना काल मे प्रवासी मजदूरों को राम भरोसे छोड़ा था। विकास का नारा दिया और बिहार को देश के अत्यंत पिछड़े राज्य में पहुंचा दिया है। राज्य के मतदाता इसका बदला ले रहे हैं।

    आसिफ ने पटना से जारी बयान में कहा है कि हमारा प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन और इसमें शामिल सभी दाल बिहार की सेवा और उनके संघर्ष में साथ रहे हैं। इसलिए हमारे गठबंधन के उम्मीदवारों को जनता का अपार समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा मुझे उम्मीद है कि मतदान के अंतिम दौर तक राज्य में बदलाव की अंधी को जनता सत्ता पलटने वाले तूफान में बदल देगी।

    आसिफ ने कहा बिहार में होने वाला बदलाव पूरे देश में बदलाव का नेतृत्व करेगा। जनता को रोज़ी रोटी के साथ मानसिक शांति चाहिए, जिसे एनडीए ने छीन लिया है। अपनी तिजोरी भरने के साथ  मुकेश अम्बानी  को देश में एक नवम्बर का धनवान बनाना और मोदियों को देश को लूट कर भागने देने की छूट देना ही लक्ष्य बचा है। उन्होने कहा कि हमारा फ्रंट और गठबंधन बिहार के स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा को हर तरह से तैयार है। सरकार में आते ही हम अपने एजेंडे पर काम शुरू कर देंगे। अब जय बिहार और विजय भारत का लक्ष्य हमें पूरा करना है।

  • मुंगेर में दुर्गा विर्सजन के दौरान गोलीकांड चुनावों के लिए नीतीश सरकार की साज़िश : आसिफ

    IMG_4432पटना : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि आज मुंगेर में चुनाव के प्रथम चरण के एक दिन पहले दुर्गा विसर्जन पर पुलिस द्वारा गोली चलाना साबित करता है।की ये सांप्रदायिक ताकते बिहार में दंगा कराना चाहती है। और इस घटना से बिहार की वर्तमान सरकार का संप्रदयिक चेहरा सामने आ गया। साथ ही यह भी तय हो गया कि नीतीश सरकार में कानून व्यवस्था उनके काबू से बाहर रही है।  मुंगेर ने कहा कि बिहार चुनाव में कल प्रथम चरण का मतदान हैं। और उससे एक दिन पहले यह गोलीकांड जदयू,बीजेपी सरकार पर सवालिया निशान खड़े करता है। लगता है कि अपनी हार को देखते हुए नीतीश कुमार और बीजेपी अब ऐसी घिनौनी हरकत पर उतार आए है।

    आसिफ ने कहा है कि वो इस घटना कि उच्चस्तरीय और सीबीआई जांच की मांग करते हैं। साथ ही चुनाव आयोग भी इस मामले में संज्ञान ले।

  • अब राजद से प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन के बीच मुकाबला- आसिफ

    नीतीश की हताशा का संकेत एन डी ए की पराजय निश्चित माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया मोनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि चुनाव में संभावित पराजय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हताश हो गए हैं। इसलिए घटिया हरकतों पर उतर आये हैं। लालूजी के बच्चों पर उनके बयान ने उनकी मानसिकता को उजागर कर दिया है। मेरा मानना है कि उनका बयान लालूजी पर नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर निशाना साध रहा है जो उनकी और महिला जगत की अवमानना करने वाला है।

    जनाब आसिफ ने नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में ऐसा विकास किया है जो कहीं दिखता नहीं हैं, नीतीश को चुनाव के मंच से अपने काम गिनाने की ज़रूरत पड़ गई हैं । इतना ही नहीं जहां जाते वहां के उम्मीदवार को विजय की माला एडवांस में पहना रहे हैं। उन्हें अभास हो गया है कि हर जगह से एनडीए प्रत्याशी हार रहे हैं, इसलिए पहले ही वह जीत की माला पहना कर मतदाता को भरमा रहे हैं। और खुश दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

    जनाब आसिफ ने पटना से जारी बयान में कहा है कि बिहार के लोग मन बना चुके हैं कि  किसको सत्ता की बागडोर सौंपनी है। इस बार रोज़गार देने, कृषि का विकास और उद्योगों की स्थापना पर प्रदेश के मतदाता वोट करेंगे। उन्होंने कहा हमारे प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन की नीति और नियत साफ है। हम यह सब करके दिखाएंगे।

    माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष ने यह भी  कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश मंच से जातिपाति और साम्प्रदायिकता के खिलाफ जम कर भाषण दे रहे हैं, लेकिन उनकी सरकार ने राज्य में इन दोनों बीमारियों को बढ़ाया है। लोग गलतफहमी में न रहें वे खुद भी वैसे हैं जैसे भाजपा साम्प्रदायिक और जातिवाद का समाज मे ज़हर घोलती  है। जो बिहार की जनता को यह मंज़ूर नही है।

    जनाब आसिफ ने कहा कि बिहार की सत्ता में नीतीश के पास गिनती के दिन बचे हैं। अब सीधा मुकाबला तेजस्वी यादव के महागठबंधन और हमारे प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन के बीच हो गया है। उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वे आदर्श चुनाव संहिता का सख्ती से पालन करवाये ताकि जनता निष्पक्ष तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। और वह किसी भी स्तिथि में कानून व्यवस्था बिगड़ने न दे।

  • एनडीए और नीतीश देश को बांटने वाली विदेशी ताकतों के साथ : आसिफ

    मोहनभागवत जी आइये सीधे राजनीति में नेपथ्य से सियासत न करें : माइनोरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने कहा है कि बिहार चुनाव में अपनी पराजय को देख कर भाजपा अपने अलगाववादी एजेंडे पर उतर आई है, अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए वह अब फिर से सीएए और एनआरसी का सवाल जोर शोर से उठाने लगी है। माइनोरिटी फ्रंट ने कहा है कि दिल्ली विधान सभा चुनाव के समय भी गृह मंत्री अमित शाह ने इन्हीं सवालों को जोर शोर से उठाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया था लेकिन दिल्ली की जनता ने भाजपा के अलगाववादी एजेंडे को नकारते हुए चुनाव में बुरी तरह से हरा दिया।

    ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि अमित शाह और जेपी नड्डाï से भरोसा उठने के बाद गैर राजनैतिक रहने का मुखौटा लगाए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अब मैदान में उतर आए हैं , वह खुद सीएए के पक्ष में बयान दे रहे हैं। आसिफ ने कहा कि उन्हें इतना ही राजनीति का शौक है तो सीधे राजनीति में उतर आएं। भागवत जी आपके इस एजेंडे को देश और बिहार समझ चुका है। आप किसी तरह की गलतफहमी ने न रहें। आसिफ ने साफ साफ कहा कि कोई शक नहीं कि विदेशी शक्तियां हमें बांटना चाहती हैं, और भाजपा इस साजिश को सफल करने के लिए सीएए व एनआरसी जैसे विषय को बार बार हवा दे रही है। उन्होंने कहा कि बिहार और देश की जनता इस षडयंत्र को सफल नहीं होने देगी। आसिफ ने कहा कि यह खुशी की बात है कि बिहार में भाजपा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्प्रदायिक एजेंडा नहीं चल सका। लेकिन उन्होंने बिहार के स्वाभिमान सम्मान को चूर चूर कर प्रदेश को  दयनीय हालत में पहँुचा दिया है।   इस चुनाव में इस स्थिति से बिहार को उबारना है।

    आसिफ ने कहा कि लाखों लोगों को भूखा रखने वाले अब ये नेता बिहार में 19 लाख रोजगार देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि एनएडी के प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश पहले यह बताएं कि बिहार में कोरोना महामारी के दौरान कितने लाख लोग बेरोजगार हुए? जो बेरोजगारी से बचा नहीं पाए अब रोजगार देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्षों से सघर्षशील दलों का प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबन्धन निश्चित रूप से शासन कर चुके दलों से राज्य में मुक्ति दिलाएगा। हम कृषि का विकास और नए उद्योगों की स्थापना कर बिहार और देश को आगे ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी काल में कृषि क्षेत्र ने देश को भुखमरी और लाचारी से बचाया है। किसानों को योथोचित सम्मान दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि बिहार और देश के लोगों के हाथ से काम छीनने वाले उन्हें रोजगार नहीं दे सकते । केन्द्र में मोदी के छह साल और नीतीश के 15 वर्षों में बिहार का कोई भला नहीं हुआ तो अब वे कैसे भला कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पैसों और भ्रष्टïाचार के दम पर चुनाव नहीं जीता जा सकता है।

  • बिहार में 370 नहीं बिहार के लोगो के लिए क्या किया यह बताए मोदी : आसिफ

    मोदी बताएं बिहारी मजदूरों की लौटते वक्त मौतों का कौन है जिम्मेदार : माइनोरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया है कि बिहार चुनाव में धारा 370 का मुद्दा उठाने की क्या जरूरत पड़ गई। क्या यह विषय बिहार का मुद्दा है। उन्हें बताना चाहिए कि बिहार के 30-40 लाख मजदूर जब अपने गांव प्रदेश लौट रहे थे उन्हें लौटने का साधन क्यों नहीं उपलब्ध कराए। उनके स्वास्थ्य और भोजन की परवाह क्यों नहीं की। फ्रंट का आरोप है कि मोदी बार बार धारा 370 की बात करके कश्मीर में अलगाववाद को हवा दे रहे हैं और कश्मीर की जनता को मुख्यधारा में बने रहने से रोक रहे हैं।

    ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने पटना से जारी अपने बयान में कहा कि बिहार के सैनिकों को चीन ने सीमा पर मार डाला और आप ने आज तक बदले की कोई कार्रवाई नहीं की। वे पुलवामा की बात करते हैं बिहार के शहीदों की बात करते हैं। पर वो यह नहीं बताते कि आखिर किसकी वजह से वे मारे गए। आसिफ ने कहा कि गलवान घाटी के शहीद परिवारों को सिर्फ पारितोषिक देने से बिहार के जख्मों पर मरहम नहीं लगने वाला है। प्रधानमंत्री को हिम्मत कर के अपने शहीदों का चीन से बदला लेना चाहिए। चीन से हर तरह का व्यापार रोकना चाहिए। लेकिन वे तो चीन का नाम लेने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं।

    आसिफ ने कहा कि छह साल हो गए मोदी को देश चलाते हुए उन्हें बताना चाहिए देश गरीबी और भुखमरी के मामले में विश्व में 94 पायदान पर कैसे पहँुचा। और यह भी बताएं बिहार के स्वाभिमानी लोग फटेहाल क्यों हैं। बुलेट ट्रेन की बात करने वाले मोदी यह बताएं कि उन्होंने बिहार पर पर निर्भरता क्यों थोप रखी है। बिहार में उद्योग और कृषि का विकास क्यों नहीं हुआ। आसिफ ने कहा कि उन्होंने ही कहा था कि सबका साथ सबका विकास, बिहार ने उनका साथ दिया लेकिन विकास सिर्फ उन तक सीमित क्यों रह गया। बिहार के मजदूरों को आप बैल गाड़ी उपलब्ध भी न दें और खुद आठ अरब रुपये से अधिक वाले शाही विमान में यात्रा करें।

    आसिफ ने कहा कि बिहार में इस बार प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबन्धन ने अपने झंडे गाड़ दिए हैं। जनता प्रधानमंत्री मोदी सहित बिहार में राज कर चुके दलों को बाहर का रास्ता दिखाएगी। जिसने बिहार की जनता के साथ धोखा किया उन सबको इस बार जनता मजा चखाएगी।

  • बिहार में 70 वर्षों से शासन कर रहे दलों ने झूठी सेल लगा दी है : आसिफ

    लगता है सभी दलों के पास चुनाव में अल्लादीन का चिराग मिल गया है : माइनोरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने भाजपा, जेडीयू, कांग्रेस और एलजेपी द्वारा जारी चुनाव घोषणा पत्र में किए गये वायदों को राजनीतिक व्यापारियों की झूठी फेस्टीवल सेल बताया है। यह घोषणा पत्र जनता को छलने की एक नई कोशिश हैं। इन सभी दलों ने सीधे और परोक्ष रूप में बिहार पर 70 वर्षों तक शासन किया है। और अब ये फिर से झूठ की सीढ़ी लगाकर सत्ता के आसन पर पहँुचने की जुगत में है।

    ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस आसिफ ने  पटना से जारी अपने बयान में कहा है कि जिस तर से व्यापारी व्यावसायिक कम्पनियां अपने खराब पुराने माल पर दाम बढ़ाकर सेल में छूट की घोषणा कर रह हैं ठीक उसी तरह से भाजपा, राजद , कांग्रेस व लोजपा ने बिहार की जनता को लुभाने के लिए अपना-अपना घोषणा-पत्र जारी कर दिया है। बिहार की जनता को यह बात समझनी होगी कि जिस तरह की घोषणा ये दल कर रहे हैं उन्होंने वह काम सत्ता में रहते हुए बिहार में क्यों नहीं किए। आसिफ ने सवाल किया है कि क्या सत्ता का सुख भोगने वालों को चुनाव के समय अलादीन का चिराग मिल गया है जो अब वे बिहार को सम्पन्न आत्मनिर्भर और हर हाथ को काम वाला राज्य बना देंगे?
    आसिफ ने कहा है कि राजद ने पन्द्रह वर्षों तक बिहार पर राज किया तेजस्वी 18 माह नीतीश के साथ उपमुख्यमंत्री रहे तब उनसे और उनके पिता से कुछ नहीं बन पड़ा अब वे अपने घोषणा पत्र में 10 लाख नौकरी का वादा कर रहे हैं।

    इधर भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना  5 सूत्र, एक लक्ष्य, 11 संकल्प के विजन डाक्यू मेंट जारी किया है। यह डाक्यूमेंट और लक्ष्य पहले अपने झोले में वे क्यों रखे हुए थे। भाजपा और जदयू तो एनडीए के रूप में अभी तो शासन में हैं।  हैरत की बात यह है कि प्रवासी मजदूरों को घर वापसी के समय पहनने को चप्पल भी नहीं दी अब वे ही नौजवानों को परीक्षा के लिए भरे जाने वाले आवेदन फार्म पर फीस माफ करने के साथ परीक्षा केंद्रों तक जाने का किराया देंगे। वह कह रहे हैं बिहार से पलायन रोकने के लिए करेंगे काम जबकि अभी भी हर दिन हजारों मजदूर बिहार से पलायन कर रहे हैं।

    आसिफ ने कहा कि भाजपा को देखिये वैक्सीन अभी आया नही और उन्होंने मुफ्त कोरोना वैक्सीन बांटने और मुफ्त में होगा टीकाकरण की घोषणा कर दी। और 19 लाख लोगों को रोजगार देने का भी झूठा वायदा कर डाला है। आसिफ ने कहा कि सारे वायदे, जुमले, झूठ और सिर्फ कल्पना की उड़ान हैं। जनता को फिर से भरमाने और लुभाने की निष्फल कोशिश है। कांग्रेस ने बिहार के किसानों से सत्ता में आने पर मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा किया है। चालीस वर्षों से अधिक केन्द्र की सत्ता में रहने वाले भी अब बिहार फस्ट की बात कर रहे हैं।

    आसिफ ने कहा कि हमारा प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबन्धन पीडीए बिहार को बेरोजगारी से मुक्त करेगा। सिर्फ अपने दो कार्यों से एक कृषि का विकास और छोटे बड़े उद्योगों की स्थापना। लोगों के पास रोजगार होगा उनके उत्पाद को सही दाम मिलेगा तो वे अपने पैसों से अपनी हर तरह की जरूरत पूरी कर लेंगे। अम बिहार को हाथ फैलाने वाला नहीं आत्मनिर्भर स्वाभिमानी बिहार बनाएंगे। मानव व प्राकृतिक धन सम्पदा के संतुलित उपयोग से हम नया बिहार बनाएंगे।

  • बीजेपी का एनआरसी लाने का नया जुमला बिहार में नहीं चलेगा : आसिफ

    भूखे पैदल मजदूरों को बैलगाड़ी भी नहीं दी अब हेलीकाप्टर पर चढ़ वोट मांगते हैं : माइनोरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डïा के उस बयान को जुमला कहा है जिसमें उन्होंने एनआरसी को लागू करने का ऐलान किया है। फ्रं ट ने पूछा है कि भाजपा कैसी पार्टी है जिसका प्रधानमंत्री दिल्ली के रामलीला मैदान में कहता है कि एनआरसी नहीं लाया जाएगा। लेकिन उसी पार्टी का अध्यक्ष कहता है कि एनआरसी लागू करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी को एक बार फिर स्पष्टï करना चाहिए कि वो सही कहते हैं या उनकी पार्टी का अध्यक्ष सही कह रहा है. वे समझ लें  देश एनआरसी पहले ही नकार चूका है।

    ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने यहां जारी बयान में कहा है कि एनआरसी के मामले में भाजपा बंटी हुई है, इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के बीच एनआरसी पर मतभेद सामने आ चुके हैं। तब प्रधानमंत्री की फजीहत हुई थी। शायद इसीलिए अब अमितशाह को मुख्यधारा से अलग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह साबित हो गया है कि भाजपा विरोधाभास और जुमलेबाजों की पार्टी है।

    बिहार में चुनाव प्रचार की सरगर्मियों के बीच  आसिफ ने पटना से जारी बयान में कहा है कि राज्य के मजदूरों व जनता को याद रखना होगा कि प्रवासी मजदूर जब भूखे प्यासे नंगे पांव पैदल अपने घर लौट रहे थे उस समय उनकी राह को आसान करने के लिए न मोदी सरकार औन न ही नीतीश सरकार सामने आई लेकिन वहीं लोग अब 22 -22 हेलिकाप्टरों से बिहार में चुनाव के लिए उतार चुके हैं। उनके पास कारों का काफिला मौजूद है। ये लोग फिर से सत्ता हथियाने के लिए बिहार की जनता को भरमाने की कोशिश कर रहे हैं। केन्द्र सरकार के मंत्रियों और नीतीश सरकार की पूरी कैबिनेट पटना को अपनी छावनी बनाकर बैठी हुई है। असहाय बिहार को रोजी रोटी और रोजगार चाहिए लेकिन एनडीए का गिरोह उन्हें लालच देकर भरमाने की जुगत में है।

    आसिफ ने कहा कि नीतीश ने बिहार में उद्योग लगाने की संभावना से जहां इनकार किया वहीं लालूजी के सुपुत्र आरजेडी के अध्यक्ष तेजस्वी यादव चुनाव में वादा कर रहे हैं कि बिहार में उद्योग विकसित करेंगे। उन्हें या उनके पिता लालू को बताना चाहिए कि 15 वर्षों के शासन में उन्होंने उद्योग क्यों नहीं विकसित किए। और यह भी बताएं कि 18 माह नीतीश के साथ उपमुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्हें उद्योग लगाने का विचार क्यों नहीं सूझा? फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा कि दरअसल ये सभी दल और उसके नेता दिल से नहीं चाहते कि राज्य में औद्योगिक क्रांति आए। उन्हें लगता है कि अगर बिहार के आम जन की सम्पन्नता बढ़ी तो उन्हें फिर कुर्सी नहीं मिलेगी। वे चाहते हैं कि बिहार प्रवासी मजदूरों की आपूर्ति करने वाला राज्य बना रहे ताकि वे कमा कर बिहार में लाएं और उनके धन से सत्ता में बैठे लोग मौज उड़ाएं।

    आसिफ ने कहा कि इस निर्णयक दौर में बिहार की जनता जाति पाति धर्म की संकीर्णता से उठकर बिहार के स्वाभीमान और सम्मान की रक्षा के लिए मतदान करेगी। प्रगतीशील लोकतांत्रिक गठबंधन सरकार बानाते ही अपने घोषित एजेंडा को लागू करना शुरू कर देगी।

  • बलात्कार और फिर महिला के शव को जलवाने वाले बिहार में चुनाव प्रचार कर रहे हैं- आसिफ

    प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन पंचायत स्तर तक रोजगार का अवसर देगा- आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि सत्ता में आने पर हमारा प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन बिहार में पंचायत स्तर तक रोजगार के साधन उपलब्ध कराएगा। गठबंधन की सरकार 20 -20 ग्राम पंचायतों के स्तर पर छोटे बड़े उद्योगों की स्थापना करेगी ताकि बिहार के स्वाभिमानी मजदूरों को दूसरे राज्यों में जाकर अपमानजनक स्थिति में आजीविका के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि यह दुखद स्थिति है कि चुनाव के समय भी मजदूर आजीविका के लिए बिहार से पलायन करने को मजबूर हैं।  इसके लिए नीतीश और मोदी जिम्मेवार हैं।

    माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने फ्रंट की महत्त्वपूर्ण बैठक के बाद यहां संवाददाताओं के बताया कि प्राकृतिक और मानव सम्पदा से भरपूर बिहार में उद्योग एवं रोजगार सबसे बड़े सवाल हैं। इसलिए हमारा गठबंधन सबसे पहले राज्य में इस विषय पर काम करेगा। हर हाथ को काम दिया जाएगा।

    एक सवाल के जावाब में जनाब आसिफ ने कहा कि यह शर्म की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्लज्जता पूर्वक बिहार के चुनाव प्रचार में उतर आएं जबकि उनके राज में यूपी अपराध और बलात्कार की राजधानी बन गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे व्यक्ति को बर्दश्त नहीं करना चाहिए जो बलात्कार के बाद मासूम महिला के शव को जलाए जाने की अनुमति दे। उन्होंने कहा कि उस महिला को इसलिए जलाया गया कि बलात्कारियों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत न बचे। इतना ही नहीं बलात्कार के बाद जलाई गई महिला के परिवार को सान्त्वना देने वाले नेताओं को को रोका और उनको अपमानित करने की कोशिशें भी कीं।

    आसिफ ने कहा कि योगी कह रहे हैं कि मोदी और नीतीश की जोड़ी सोने पर सुहागा है। मेरा कहना है कि सोना असली हो या नकली लेकिन जब वह कान और नाक काटने लग जाए तो उसे उतार फेंकना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि नीतीश और मोदी ने बिहार के नाक कान काट दिए हैं। प्रदेश के लाखों भूखे असहाय मजदूर लॉक डाउन में जब जान बचाने के लिए अपने प्रदेश आ रहे थे तब नीतीश कुमार ने उन्हें प्रदेश में न घुसने देने की चेतावनी दी। नरेन्द्र मोदी खामोशी से प्रधानमंत्री निवास में मोर को दाना चुगवाते रहे। बिहार में प्रचार करने वाले मोदी बतायें कि वे बिहार के मजदूरों की तबाही, मौतें और उनकी बर्बादी को क्यों देखते रहे, तब उनके मुह से सान्त्वना का एक शब्द भी क्यों नहीं निकला। आसिफ ने कहा बिहार की जनता को यह सब याद है। उन्होंने कहा कि यह देश और बिहार सदभाव की मिसाल है ये लोग नफरतें पैदा करना चाहते हैं। संविधान की सपथ लेने वाला उनका राज्यपान संविधान का अपमान कर रहा है। जिसे बिहार देख रहा है। इसका जवाब देगा। आसिफ ने कहा कि बिहार में बदलाव की हवा बह चली है। यह हवा केन्द्र की भी सत्ता को उड़ा ले जाएगी।  प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबन्धन बिहार के सपनों को साकार करेगा।

  • भूख, बेरोजगारी और कारोना महामारी से मुक्ति के लिए नीतीश सरकार को हटाना जरूरी: आसिफ

    अबकी बार बिहार में प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन की सरकार: माइनोरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि बिहार को भूख, बेरोजगारी और कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए एनडीए की नीतीश सरकार को हटाना जरूरी हो गया है। केन्द्र में मोदी और बिहार में नीतीश के शासन में गरीबी भुखमरी बढ़ी है। बेरोजगार लोगों को कारोना की असहनीय मार को झेलना पड़ रहा है। एनडीए के शासन में दुनिया भर की भुखमरी की सूची में भारत 107 देशों में 94 स्थान पर आ पहँुचा है।

    माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष आसिफ ने कहा है कि कोरोना महामारी को स्वास्थ क्षेत्र ने आमदनी का अवसर बना लिया है। जैसे ही कोई मरीज अस्पताल पहँुचता है वह कोरोना का शिकार बन मौत के  मुंह में चला जाता है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील लोकतांन्लिक पीडीए गठबन्धन पूरे देश और बिहार की स्थिति पर नजर रखे हुए है। उसने राज्य में विकल्प देने का फैसला इसलिए किया है कि बारी बारी से राज्य में तीस वर्षों तक शासन करने वाले स्वार्थी लोगों को सत्ता में आने से रोकना है। आसिफ ने कहा कि यह गठबंधन बिहार में आमूल चूल बदलाव करेगा। गांधी और लोकनायक जयप्रकाश के सपने को साकार करेगा।

    यहां जारी बयान में आसिफ ने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में ना सिर्फ भारत विश्व के दूसरे स्थान पर है पर इसका प्रबंधन विचलित करने वाला है। आज देश में लगभग 75 लाख से ज्यादा  संक्रमण के मामले हैं और कऱीब 1,13,000 से ऊपर मौतें हो चुकी हैं। भारत में मृत्यु की दर पडोसी देशों पाकिस्तान,बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों से दुगनी है और श्रीलंका जैसे हमारे पड़ोसी देश के मुकाबले आठ गुना है । इसी तरह भारत वैश्विक भूख सूचकांक 2020 में 107 देशों की सूची में 94वें स्थान पर है और भूख की गंभीर  श्रेणी में है।

    पड़ोसी बांग्लादेश, म्यामां और पाकिस्तान भी ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं। लेकिन इस साल के भूख सूचकांक में भारत से ऊपर हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की 14 फीसदी आबादी कुपोषण की शिकार है। इसमें बिहार का बड़ा योगदान है। आसिफ ने कहा कि बिहार में 15 साल के कुशासन के खिलाफ बिहार की जनता वोट करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संरक्षण नीतिश कुमार ने आंखें बन्द कर रखी हैं जनता उस पर वोट करेगी, अपराध के खिलाफ वोट करेगी,भुखमरी के खिलाफ वोट करेगी, कोरोना काल में मुख्यमंत्री   ने पट्टी बांध कर आंखें हटा कर हराभरा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं जनता उस पर वोट करेगी,तो बिहार के मुद्दे बहुत बड़े हैं और ये दुर्भाग्यपूर्ण है चुनाव के समय एनडीए साम्प्रदायिकता को हवा दे रही है। जनता यह सब जान गई है।

  • नितीश राज में लालू राज से अधिक अपराध,बदली जाएगी इस बार सरकार : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि 2005 में जब लालू-राबड़ी राज का अस्त हुआ तो उसके पीछे अपराध और खासकर अपहरण कांड बड़े फैक्टर बनकर उभरे। चल रहे चुनाव प्रचार में 15 साल राज करने के बाद नितीश-बीजेपी आज भी लालू काल के अपराध का राग अलापते फिर रहे हैं और कह रहे हैं कि फिर से अपराध काे वापस लाना है ताे आरजेडी काे वाेट दाे। सवाल है कि क्या सुशासन राज में अपहरण कांडों पर लगाम लग चुकी है।

    बिहार पुलिस के आंकड़ाें के अनुसार। 2001- 16,89 अपहरण, 2002- 1,948 अपहरण, 2003- 1,956 अपहरण, 2004- 2,566 अपहरण, 2005- 2,226 अपहरण। ये लालू-राबड़ी राज के आखिरी पांच साल के अपहरण के आंकड़े हैं। अब देखिए नीतीश सरकार के 15 साल के आंकड़े…
    2006- 2,301 अपहरण, 2007- 2,092 अपहरण, 2008- 2,735 अपहरण, 2009- 3,142, 2010- 3,602, 2011- 4,211, 2012- 2,954, 2013- 5,506 + फिरौती के लिए – 70 अपहरण, 2014- 6,570 + फिरौती के लिए- 62 अपहरण, 2015- 7,127 + फिरौती के लिए- 58 अपहरण, 2016- 7,324 + फिरौती के लिए- 37 अपहरण, 2017- 8972 + फिरौती के लिए- 42 अपहरण, 2018- 10,310 + फिरौती के लिए- 46 अपहरण, 2019- 10925 + फिरौती के लिए- 43 अपहरण, 2020 (अगस्त तक) – 4982 + फिरौती के लिए- 18 अपहरण। आंकड़े आपके सामने हैं …और नेताओं के बयान भी। आसिफ ने कहां हम पीडीए गठबंधन में बिहार को जनता की सरकार देगे जिसमे अपराधी बिहार छोड़कर भागेगे।