• लोकनायक के सिपाही आगे आएं बिहार को अब परिवर्तन चाहिए-आसिफ

    बिहार चुनाव: भावी इतिहास हमारा है- माइनॉरिटी फ्रंट

    IMG_4432नई दिल्ली। आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट बिहार की जनता से अपील की है कि आप राज्य में तीस वर्षों के शासन की विफलताओं को ध्यान में रखते हुए आगामी विधान सभा चुनाव में अपना मतदान करें। क्योंकि लोकनाय जय प्रकाश नारायण और महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने के नाम पर सत्ता में आये नेताओं ने सिर्फ अपने निजी स्वार्थ साधे हैं और राज की अकूत धन संपदा को दोनों हाथों से लूटा है। इन लोगों ने सुशासन और विकास को जुमला बना दिया है। ये नेता जनता की भलाई नहीं कर पाए और अब हर तरह के लालच देकर आपके वोट पाना चाहते हैं।

    आल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने जात पात और धर्म के नाम पर बहकावे में न आने की अपील करते हुए कहा है कि स्वराज और सम्पूर्ण क्रांति को अमलीजामा पहनाने के लिए मौजूद शासन को हटाया जाना जरूरी हो गया है। क्योंकि इन्हें अब लोकलाज भी नहीं रही।

    आसिफ ने संघर्षिल लोकनायक जयप्रकाश नारायण के प्रहरियों, गांधीवादियों और समाजवादी व्यवस्था का सपना देखने वाले प्रबुद्ध जनों से अनुरोध किया है कि वे आगे आएं , माइनॉरिटी फ्रंट और प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक गठबंधन का समर्थन करें । उन्होंने कहा कि लाचार बना दिये गए बिहार को आप जैसे परिवर्तनवादी  शक्तियों की सख्त जरूरत है। आसिफ ने कहा कि यह समय साम्प्रदायिक शक्तियों से मुक्ति का है। इसके लिए मौजूदा सरकार से मुक्ति पाना बहुत ज़रूरी हो गया है।

    आसिफ ने कहा कि हम और हमारा राजनैतिक गठबंधन प्रदेश को विकल्प देने को तैयार है। लोकनायक के नारे “सम्पूर्ण करती अब नारा भावी इतिहास हमारा है। इसे हमें सफल  करना है। क्योंकि मजदूर किसान लाचार है। रोज़गार के अवसर खत्म हो गए हैं। बिहार से हो रहे पलायन को रोकने और प्रदेश की श्रम शक्ति को बिहार के विकास में जोड़ने के लिए परिवर्तनवादी सक्षम सरकार बनाना समय की मांग है।

  • नीतीश के पत्र ने खोली सरकार की पोल,इस्तीफा दे : आसिफ

    बिहार के विकास और सम्मान की रक्षा के लिए नीतीश ने कुछ नहीं किया : आसिफ
    कुछ किया नहीं सब कुछ फिर से करना है तो इस्तीफा दे नीतीश : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली। ऑल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने कहा है कि मुुख्यमंत्री नीतीश कुमार  का जनता के   खुला पत्र  उनकी स्वीकारोक्ति है कि अपने पन्द्रह वर्षों के शासनकाल में बिहार के बिहार के विकास और उसके सम्मान की रक्षा के लिए वे कुछ नहीं कर पाये है। इसलिए उन्हें नैतिक आधार पर ,अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और इस  चुनाव से हट जाना चाहिए।

    आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष एस एम आसिफ ने देश की  राजधानी से जारी बयान में कहा है कि जब देश के विभिन्न शहरों में लॉक डाउन के दौरान दाने दाने को मोहताज  प्रदेश के मजदूर अपने जीवन की रक्षा के लिए अपने  घर -गांव- कस्बे को  लौट रहे थे तब नीतीश कुमार ने कहा था कि हम उन्हें बिहार में घुसने नहीं देंगे और फिर भी वे आये जब वे आ गए तब उनके लिए रोजी रोटी का कोई प्रबन्ध नहीं किया। हैरत की बात है कि  इस चुनाव के दौरान भी बिहार से मजदूरों का देश के विभिन्न शहरों की ओर पलायन जारी है। इसके लिए नितीश ही जिम्मेदार हैं। जाहिर है उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया कि मजदूर खुद को अपने ही प्रदेश में सुरक्षित समझ सकें।

    आसिफ ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वाभिमानी  बिहारियों  के सम्मान की रक्षा करने में पूरी तरह से विफल हुए है। इसलिए अब चुनाव के मौके पर कह रहे है कि युवा शक्ति को हुनरमंद , महिलाओं को सक्षम एवं स्वावलंबी, हर खेत तक पानी पहुंचाने, स्वच्छ एवं समृद्ध गांव तथा शहर बनाने के लिए काम करेंगे।

    आसिफ ने आरोप लगाया कि  बिहार में भूखे लोगों को वे प्रधानमंत्री राहत योजना की सहायता नहीं उपलब्ध करा पाये और अब कह रहे हैं कि  मनुष्य एवं पशुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कराएंगे। उनका यह खुला पत्र बिहार की मेहनती जनता का मजाक उड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब नीतीश कुमार की जुमलेबाजी को समझ गई है। प्रदेश की जनता अब संघर्षशील ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट, प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलाइंस पीडीए और इसके सभी घटक दलों के साथ खड़ी है। इस बार का जनादेश दंभी नीतीश कुमार के शासन को पलट देगा।

    आसिफ ने कहा कि नीतीश के शासन में अमन-चैन और भाईचारे का वातावरण खराब हुआ है। डर का माहौल व्याप्त है। एनडीए के शासन में  देश और प्रदेश में विकास ठहर गया है। शिक्षा-स्वास्थ्य का स्तर खराब हुआ है।  घरों में पानी पहँुचा नहीं नीतीश के सभी दावे खोखले हैं। आसिफ ने कहा है कि मुख्यमंत्री बताएं कि जब बिहारी मुम्बई जैसे शहर में बेइज्जत कर भगाया जाता है तब वे खामोश क्यों रहते है। ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई  कि प्रदेश के लोगों को दूसरे शहरों में जाना न पड़े।

  • पप्पू यादव के नए समीकरण से पीडीए जीतेगा बिहार चुनाव : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : बिहार चुनाव को लेकर आॅल इंडिया मॉइनारिटीज फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। की बिहार चुनावों में जहां सभी बडी पाट्रियों से बिहार के लोगो का मोह भंग हो चुका हो तो ऐसे में सिर्फ प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस यानी पीडीए के संयोजक पप्पू यादव से ही अब बिहार के लोगो को उम्मींद है।

    आसिफ ने कहा की अब बिहार में जहां जदयू और बीजेपी की पोल बिहार के लोगों के सामने खुल चुकी हो तो ऐसे में अब बिहार के लोगो के सामने प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस यानी पीडीए ही उम्मींद की कीरण है। प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस यानी पीडीए ही बिहार में एक विकाससील चहुंमुखी और सर्वधर्म का आदर करने वाली सरकार दे सकता है।

    आसिफ ने कहा की हमारे संयोजक पप्पू यादव का कहना है। की  एनडीए हो या महागठबंधन वहां छोटे दलों को सम्मान नहीं दिया जाता। महागठबंधन में कांग्रेस की जिम्मेदारी थी कि छोटे दलों की हिफाजत करती मगर पार्टी ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी और रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के बारे में कहा कि उनके लिए पीडीए का दरवाजा खुला है।  इस अवसर पर अर्जक अधिकार दल, आजाद भारत पार्टी, इंडियन बिजनेस पार्टी, शोषित समाज पार्टी, राष्ट्रीय जन उत्थान पार्टी, पिछड़ा समाज पार्टी और भारतीय संगम पार्टी ने भी पीडीए को समर्थन देने की घोषणा की। जबकी आॅल इंडिया मॉइनारिटीज फ्रंट पहले ही पीडीए में शामिल हो चुकी है।

  • बिहार में सत्ता विरोधी लहर,नीतीश सरकार का जाना तय : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : बिहार में नीतीश सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है। और उसका जाना तय है। यह कहना है। ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ का उन्होंने कहा है। कि पिछले 15 साल के राज में नीतीश सरकार बिहार और बिहार के लोगो के लिए कुछ नहीं कर पाई। बिहार में लोग बेरोजगारी,महगांई,अपराध और भ्रष्टाचार से परेशान रहे।

    उन्होंने कहा कि जिस सरकार को सुशाशन के लिए लोगो ने वोट किया उसी सरकार ने सबसे बड़ा कुशासन बिहार को दिया। बिहार में चारो और बेरोजगारी,पलायन अपरधियों का बोलबाला रहा और लोग मरते रहे सरकार सोती रही।

    उन्होंने कहा पूरी दुनिया के अलावा बिहार ही एक ऐसा राज्य था जहां कोरोना की मार के अलावा जल प्रलय की आफत लोगो ने झेली।

    उन्होंने कहा कि वैसे तो नीतीश कुमार केंद्र से विशेष दर्जे की मांग करते रहे लेकिन बीजेपी के साथ होने के बाद भी बिहार को विशेष दर्जा नहीं दिलवा पाए। उन्होंने कहा कि अब बिहार की जनता सब समझ चुकी है। और इस बार बिहार से नीतीश कुमार सरकार का जाना तय है।

  • नीतीश राज्य में बिहार बना फिसड्डी इस बार जाना तय : आसिफ

    73 साल बाद आज भी बिहार गांवों का ही राज्य  : आसिफ

    IMG_4432बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की उपस्थिति में आज ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट भी बिहार यूनिट प्रगतिशील डेमोक्रेटिक अलायंस यानी पीडीए (PDA) में शामिल हुई। पप्पू यादव पीडीए के संयोजक हैं। इस अवसर पर ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि आंकड़ों के आईने में देखा जाए तो सुशासन बाबू यानी नीतीश कुमार ने विकास के क्षेत्र में विगत 10 वर्षों में कोई काम नहीं किया है।

    आजादी के 73 साल बाद आज भी बिहार गांवों का ही राज्य है। देश में मात्र 38 फीसदी हिस्से का ही शहरीकरण हुआ है पर बिहार में यह औसत सिर्फ 11 फीसदी है। इतने कम यानी इन 11 फीसदी शहरी हिस्से में भी स्वच्छता का आलम यह है कि ताजा राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे गंदा शहर राजधानी पटना को घोषित किया गया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले 10 सबसे गंदे शहरों में छह बिहार के ही हैं।

    बिहार में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली आबादी 34 फीसदी है। देश के 23 राज्यों की स्थिति इस मामले में बिहार से बेहतर है। बड़े राज्यों में बिहार से नीचे सिर्फ झारखंड और छत्तीसगढ़ हैं। बिहार में प्रति व्यक्ति औसत आय 3,650 रुपए महीना है, जबकि देश का राष्ट्रीय औसत इसके तीन गुने से ज्यादा 11,625 रुपए महीना है। साक्षरता के क्षेत्र में बिहार देश का दूसरा सबसे पिछड़ा राज्य है, जहां 30 फीसदी लोग अब भी निरक्षर हैं। महिलाओं में निरक्षरता का औसत लगभग 50 प्रतिशत है।

    शिक्षा पर खर्च के मामले में बिहार देश के सबसे पिछड़े राज्यों में से है। स्कूलों में 2 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं। अधिकांश शिक्षक ठेके पर रखे गए और ठेके पर रखे गए शिक्षकों ने अपने नीचे ठेके पर दूसरे शिक्षकों को रख लिया है। बिहार में स्वास्थ्य सेवा राम भरोसे है। बिहार में एक हजार की आबादी पर 0.66 बेड यानी एक हजार की आबादी पर आधे से थोड़ा ज्यादा बेड्स हैं। बिहार में 28 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर है जबकि देश में औसत एक हजार लोगों पर सात डॉक्टर हैं।

    विकास की कसौटी पर यदि कसें तो सभी फ्रंट पर बिहार सबसे पिछड़ा है। बिहार में सड़क निर्माण पर प्रति व्यक्ति खर्च 44.60 रुपए है, जबकि राष्ट्रीय औसत 117.80 रुपए है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण पर बिहार में प्रति व्यक्ति खर्च 104.40 रुपए है, जबकि राष्ट्रीय औसत 199.20 रुपए का है। देश में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 12 सौ किलोवाट की। इस पर आसिफ ने कहा है। कि अब आखिर किस मुंह से नीतीश कुमार बिहार की जनता से वोट मांगेंगे उन्होंने कहा कि अब बिहार के लोगों को प्रगतिशील डेमोक्रेटिक अलायंस यानी पीडीए (PDA)  एक मजबूत और विकास्मुखी सरकार दे सकता है।

  • बिहार में बदलाव की लहर, अवसरवादी ताकते हारेगी : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि बिहार में अब बदलाव होगा। क्योंकि बिहार को पिछले 15 सालो में इन्हीं अवसरवादी सरकारों ने बर्बाद कर दिया है। लेकिन अब बिहार की जनता जाग गई है। वो अब इन अवसरवादियों के जाल में नहीं फसने वाली।

    आसिफ ने कहा कि बिहार में चारो और भयंकर बेरोजगारी और अपरधियों का राज हे लोग परेशान है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को हमेशा से ही यह अवसरवादी चेहरा बदल बदल कर लुटते आए है। लेकिन इस बार बिहार की जनता इन लोगो की असलियत जान चुकी है।

    आसिफ ने कहा कि ओवेशी और पपु यादव जैसे लोग बीजेपी के एजेंट है। वहीं कुशवाह और माझी जैसे भी इनके ही दूसरे चेहरे हे जो बिहार कि जनता को हिन्दू मुस्लिम और अन्य जातियों में बांट कर बिहार को लुटते आए।

    आसिफ ने कहा कि क्या कारण हे की आज तक बिहार में एक भी उद्योग नहीं लग पाया क्या कारण है कि बिहार की स्वास्थ व्यवस्था खराब हे। उन्होंने कहा कि असल में। इनलोगो का उद्देश्य सिर्फ बिहार को लूटना रहा है। क्योंकि यदि यहां विकास यह लोग करते तो बिहार अन्य राज्यो की तरह ही समृद्धशाली होता। उन्होंने कहा कि अब बिहार की जनता सब जान चुकी है। इस बार बिहार बदलाव कि आवाज बुलंद होगी और यह आवाज बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए गठबंधन पूरी करेगा। आसिफ ने कहा कि गठबंधन बिहार में बदलाव की लहर लाएगा।

  • बिहार में कानून व्यवस्था फेल, ये नीतीश सरकार की नाकामी का नतीजा : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि अब यह तय हो चुका है। कि उत्तर प्रदेश के साथ अब बिहार पूरी तरह से आराजकता के और अपराधियों के चंगुल में फ़स चुका है। बिहार की जनता की जान कि कोई भी सुरक्षा नीतीश सरकार के बस कि बात नहीं रही।

    उन्होंने कहा कि बिहार में आज राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जयंत मण्डल उपाध्यक्ष राजेश कुमार झा ‘राजू बाबा’ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बेउर थाना के अंतर्गत तेज प्रताप नगर में सीताराम उत्सव हाल के पास बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधियों ने राजू बाबा के कनपटी पर गोली मार दी. भाजपा नेता राजू बाबा का मौके पर मौत हो गयी। इससे जाहिर होता है।की बिहार में अपरधियों का राज हे और सरकार उनके सामने नतमस्तक ऐसे में नीतीश सरकार की पोल खुल चुकी है। और बिहार चुनाव में इस बार बिहार की जनता इस निकम्मी और नाकारा सरकार को उखाड़ फेंकने को तेयार है।

    आसिफ ने कहा कि यह बहुत ही दुखद है की जिस सरकार को लोगों ने वोट देकर चुना वो सरकार अपरधियों से बिहार की जनता की सुरक्षा नहीं कर पा रही।आसिफ ने कहा कि अभी हाथरस की घटना हुई और अब दिनदहाड़े पटना में यह गोलीकांड साबित करता है। कि बीजेपी और उसके गठबंधन को सिर्फ सत्ता से मोह है। लोगो की परवाह इन लोगो को नहीं है।

    आसिफ ने कहा कि अब बिहार की जनता के सामने यह सुनहरा अवसर है कि वो ऐसे अवसरवादियों को उखाड़ फेंके और बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए की सरकार बनाए।

  • हाथरस गैंगरेप की हो सीबीआई जांच, दोषियों को मिले फांसी की सजा : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली: ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि हाथरस में एक दलित युवती के साथ जो क्रूरता पूर्वक गैंगरेप हुआ है और उसकी जीभ काटे जाने की और रीढ़ की हड्डी तोड़े जाने की चर्चा आम है। तो ऐसे में अब सरकार से लोगों का भरोसा उठ गया है। इसलिए अब इस केस की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कि उत्तर प्रदेश के अंदर बेटियों के साथ आज भी इस तरह की निर्भया जैसी वारदात हो रही है।

    उन्होंने कहा कि यह क्रूर घटना है । और इसकी किसी भी तरह पर राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए उन्होंने कहा कि जिस तरीके से हाथरस गैंगरेप की घटना हुई। और कल रात को उस पीड़ित युवती का शव पुलिस ने जला दिया उससे उत्तर प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था से विश्वास लोगों का उठ गया है। लिहाजा अब इस केस की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए और उसमें पाए गए दोषी लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए आसिफ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले आए दिन बुलंद हो रहे हैं । और योगी सरकार अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम सिद्ध हो रही है।

  • बिहार में टूटा भानुमती का कुनबा, बीपीए गठबंधन ही दे सकता है बिहार में मजबूत सरकार : आसिफ

    IMG_4432नई दिल्ली : ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है। कि बिहार में यूपीए और एनडीए गठबंधन में आपस में ही दरार पड़ चुकी है। इससे जाहिर होता है कि बिहार में इन लोगो ने कुछ नहीं किया सिर्फ सत्ता हासिल कर बिहार को लूटने का काम भर ही इन्होंने किया है।

    आसिफ ने कहा कि अब यूपीए से अब कुशवाह भी अलग हो रहे है मायवती के साथ जायेगे तो ऐसे में जब यह लोग आपस में ही एक दूसरे के सगे नहीं हुए तो भला ये लोग बिहार के लोगो के क्या सगे होगे।

    आसिफ ने कहा कि बिहार पिछले एक सदी से इन अवसर वादियों के चंगुल में फसा रहा है। लेकिन अब बिहार के लोगों को बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए का विकल्प मिल गया है। अब बीपीए के नेतृत्व में ही बिहार की नई सरकार बनेगी और एक नए बिहार की गाथा लिखी जाएगी। जहां सभी के पास रोजगार, निशुल्क शिक्षा,उत्तम स्वास्थ्य होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे में अब बिहार को बिहार प्रगतिशील गठबंधन बीपीए ही सर्वप्रिय सरकार दे सकता है। जो लोगो को भाई भतीजवाद,बेरोजगार, भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाएगा।

    आसिफ ने कहा कि यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है। कि बिहार में उर्दू भाषा वहां की गंगा जमुनी तहजीब रही और नीतीश सरकार ने आज तक इस भाषा के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में तालीम के लिए मदरसों के साथ सौतेला व्यवहार किया और मदरसों की हालत बिहार में खराब हो गई। उन्होंने कहा कि बिहार में भयंकर बेरोजगारी से युवा परेशान है तो वही कोरोना की दोहरी मार से आम जन करहा रहा है। इसलिए अब यदि बिहार में बीपीए गठबंधन की सरकार बनती हे तो सबसे पहले बिहार के बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।

  • सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए बीपीए गठबंधन में शामिल हों बिहार की सभी पार्टियां :आसिफ

    sm-asif-picनई दिल्ली: ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट AIMF के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एम आसिफ ने कहा है कि अब बिहार में वक्त आ गया है। कि सभी पार्टियां एकजुट होकर सांप्रदायिक ताकतों को रोके उन्होंने कहा कि बीपीए गठबंधन का गठन इसी को लेकर किया गया है। कि बिहार की सभी छोटी बड़ी पार्टियां एक हो जाएं और बिहार में पिछले एक लंबे अरसे से सांप्रदायिक ताकतों का राज है। जिन्होंने बिहार को तबाह और बर्बाद कर दिया है। लिहाजा अब वक्त आ चुका है। कि सभी क्षेत्रीय दल और छोटी छोटी पार्टियां बजाय अलग अलग अलग लड़ने के एक साथ होकर चुनाव लड़े और इन सांप्रदायिक ताकतों को हराने में एकजुट हो जाएं।
    उन्होंने कहा कि जब हम एक साथ लड़ेंगे तो निश्चित ही बिहार तरक्की और खुशहाली की ओर जाएगा और बिहार में एक नई सरकार का गठन होगा उन्होंने कहा कि बीपीए का गठबंधन इसी को लेकर बनाया गया है। कि सभी क्षेत्रीय पार्टियां एक बैनर तले आ जाएं और मिलकर चुनाव लड़े और इन सांप्रदायिक ताकतों को रोके बिहार को खुशहाली के लिए विकास के लिए और रोजगार के लिए  गठबंधन का गठन हुआ है। सभी पार्टियां इसमें शामिल हो।  उनकी अपील है कि जो पार्टियां इस गठबंधन में शामिल होने से रह गई हैं। उन पार्टियों को भी आमंत्रित करते हैं आए और इस गठबंधन में शामिल होकर सांप्रदायिक ताकतों को हराने में इस गठबंधन की मदद करें आसिफ ने कहा कि जहां एक और आरजेडी अलग-थलग पड़ चुकी है तो वहीं कांग्रेस भी अलग हो गई है इस लिहाज से महागठबंधन पूरी तरह बिहार से खत्म हो चुका है। और इसका सीधा फायदा बीजेपी और जेडीयू को मिलने वाला है।
    उन्होंने कहा कि अब भी वक्त है कि सभी पार्टियां इस चाल को समझें और बीपीए गठबंधन को मजबूत करके इन सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने और बिहार को पूरी तरीके से बचाने में इस गठबंधन की मदद करें और बिहार को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के लिए गठबंधन को मजबूत करते हुए मिलकर चुनाव लड़े और मिलकर सरकार बनाएं।