सीएए और एनसीआर समर्थको का नीतीश को साथ छोडऩा होगा-आसिफ

बिहार ने धर्मनिरपेक्ष ताकतों को सरकार बनाने का जनादेश मिला है – माइनॉरिटी फ्रंट

IMG_4432नई दिल्ली। बिहार में धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को जनादेश मिला है, इसलिए भाजपा को हराने वाले धर्मनिरपेक्ष दलों को अपनी सरकार बनाने की पहल करनी चाहिए। आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट ने यहां जारी बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव के दौरान और पहले भी सीएए और एनआरसी के खिलाफ आवाज बुलन्द करते रहे हैं। इसलिए भी भाजपा को दूसरे दर्जे की पार्टी जनता ने बना दिया है। अब नीतीश कुमार की जिम्मेदारी है कि वे जनता की वास्तविक सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करें।

आल इंडिया माइनोरिटी फ्रंट के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा है कि अब राष्टï्रीय जनता दल व कांग्रेस सहित सभी दलों को अपने छोटे मोटे मतभेद को भुला कर धर्मनिरपेक्ष सरकार गठन का पुनीत कार्य को पूरा करना चाहिए। आसिफ ने कहा कि अगर सभी दल मिलकर नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लेते हैं तो उनकी पार्टी इस कदम का समर्थन करेगी।

जनाब आसिफ ने कहा कि बिहार को धर्मरिपेक्षता और सत्ता में बदलाव के लिए जनादेश मिला है। अगर नीतीश कुमार वास्तव में मानते हैं कि देश और बिहार में साम्प्रदायिक सौहार्द कामय रहे और बिहार ने आत्म सम्मान रक्षा होनी चाहिए तो उन्हें फौरन खुद को और अपनी पार्टी को एनडीए से अलग कर लेना चाहिए। क्योंकि बिहार और देश के प्रति दोनों की नीयत और नीति में जमीन आसमान का अन्तर है। इस अन्तर को साबित करने के लिए उन्हें धर्मनिरपेक्ष दलों का साथ देना चािहए। अगर जदयू, आर जेडी और कांग्रेस हाथ मिला कर साथ चले तो उनकी विधान सभा में 43,75, 19 मिलकर 137 होती है। अगर अन्य दल साथ आ जाएं तो विधान सभा में उनका भारी बहुमत बनेगा। और इनकी विचारधारा समाज के प्रति एक जैसी है। विधानसभा में और समाज में भी इससे साम्प्रदायिक सौहार्द का अनूठा संदेश जाएगा। नीतीश जी ने 15 वर्षों तक शासन किया। वह अब वे साम्प्रदायिक सौहार्द का एक और उदाहरण देश और बिहार के सामने पेश कर सकते है।

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